सिर्फ दो समोसों की बात पर पहुंच गया मामला अदालत तक, पढ़िए क्या है पूरी रोचक कहानी

वाराणसी में दो समोसों को लेकर विवाद और अदालत पहुंचा मामला, रिपोर्टर चुन्नीलाल प्रधान की तस्वीर के साथ समाचार फीचर इमेज

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चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी से सामने आया एक ऐसा मामला इन दिनों चर्चा में है, जिसकी शुरुआत महज दो समोसे से हुई, लेकिन विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस से होते हुए अदालत तक पहुंच गया। गरमा-गरम समोसा मांगने को लेकर दुकानदार और एक स्थानीय वकील के बीच हुई कहासुनी के बाद मारपीट का आरोप लगाया गया। वकील ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर चौबेपुर पुलिस ने दुकानदार समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

मामला वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र के जाल्हूपुर बाजार का बताया जा रहा है। घटना फरवरी की है, लेकिन पुलिस कार्रवाई न होने के बाद पीड़ित की ओर से अदालत में गुहार लगाए जाने और कोर्ट के निर्देश के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

दो समोसे और गरमा-गरम करने की मांग से शुरू हुआ विवाद

बताया गया कि 22 फरवरी को स्थानीय अधिवक्ता शिवशंकर सिंह चंदौली से वाराणसी की ओर आ रहे थे। रास्ते में उन्हें भूख लगी तो उन्होंने जाल्हूपुर बाजार स्थित एक मिठाई की दुकान पर रुककर दो समोसे मांगे।

अधिवक्ता के अनुसार, दुकान संचालक गुप्तेश्वर सिंह ने उन्हें समोसे दिए, लेकिन वे ठंडे थे। वकील ने दुकानदार से समोसे गरमा-गरम देने के लिए कहा। आरोप है कि इसी बात को लेकर दुकानदार और अधिवक्ता के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

शुरुआत में मामला बेहद मामूली दिखाई दे रहा था, लेकिन बातचीत धीरे-धीरे विवाद में बदल गई। आरोप है कि इसके बाद दुकानदार गुप्तेश्वर सिंह अपने कुछ साथियों के साथ अधिवक्ता से भिड़ गया और उनके साथ मारपीट की गई।

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आरोप है कि साथियों के साथ मिलकर की गई मारपीट

अधिवक्ता शिवशंकर सिंह का आरोप है कि समोसे गर्म करने की बात कहने के बाद दुकानदार ने अपने साथियों को बुला लिया। इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। वकील का कहना है कि विवाद के दौरान उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई।

पीड़ित अधिवक्ता ने घटना के संबंध में पुलिस से शिकायत की थी। हालांकि उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ा तो उन्होंने न्यायालय की शरण लेने का फैसला किया।

19,500 रुपये और सोने की चेन छीनने का भी आरोप

मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब अधिवक्ता ने मारपीट के साथ-साथ नकदी और सोने की चेन छीनने का भी आरोप लगाया।

शिवशंकर सिंह के मुताबिक, घटना के दौरान उनसे 19,500 रुपये नकद और सोने की चेन भी छीन ली गई। उन्होंने अपने साथ हुई घटना को लेकर पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया।

यह आरोप भी पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे की जांच का हिस्सा होंगे। आरोपों की वास्तविकता का पता पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही चल सकेगा।

पुलिस कार्रवाई न होने पर कोर्ट पहुंचे अधिवक्ता

पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस से न्याय की उम्मीद की थी। लेकिन जब उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने अदालत का रुख किया।

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अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चौबेपुर पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने दुकानदार गुप्तेश्वर सिंह समेत पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस के सामने घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच करने की जिम्मेदारी है। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था, मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे और नकदी व सोने की चेन छीनने के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

छह महीने बाद दर्ज हुआ मुकदमा

इस पूरे मामले की एक अहम बात यह भी है कि घटना के बाद तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। पीड़ित पक्ष के अनुसार, पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने के कारण मामला अदालत तक पहुंचा।

कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इस तरह दो समोसे से शुरू हुआ विवाद करीब छह महीने बाद कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया।

हालांकि मुकदमा दर्ज होना आरोपों की पुष्टि नहीं माना जा सकता। अब जांच के दौरान पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज करेगी और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस तरह बढ़ा और किसकी भूमिका कितनी थी।

मामूली विवाद कैसे बन गया बड़ा मामला?

यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कभी-कभी छोटी-सी बात भी यदि बातचीत और संयम से नहीं सुलझाई जाए तो गंभीर विवाद का रूप ले सकती है। यहां शुरुआत एक ग्राहक की गरमा-गरम समोसे की मांग से हुई। इसके बाद कहासुनी, मारपीट, कथित तौर पर नकदी और चेन छीनने के आरोप तथा पुलिस कार्रवाई का मुद्दा सामने आया और मामला अदालत तक पहुंच गया।

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फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब सभी आरोपों की जांच होना बाकी है। दुकानदार और अन्य आरोपियों का पक्ष तथा जांच में सामने आने वाले तथ्य इस मामले की अगली तस्वीर तय करेंगे।

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Author: यायावर

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