अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बीएन पब्लिक स्कूल में योग शिविर का आयोजन, बच्चों और अभिभावकों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा
योग से मिलता है स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन दृष्टि : जितेंद्र जायसवाल
भाटपार रानी योग दिवस कार्यक्रम के तहत अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बीएन पब्लिक स्कूल, भाटपार रानी में भव्य योग शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश, योग प्रशिक्षक जितेंद्र जायसवाल, शिक्षकों, अभिभावकों तथा छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग शिविर में विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया तथा योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन सकारात्मक बनता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। भाटपार रानी के इस योग शिविर ने समाज को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का प्रेरणादायक संदेश दिया।
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
भाटपार रानी, देवरिया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे देश में योग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में भाटपार रानी उपनगर स्थित बीएन पब्लिक स्कूल में भी विशेष योग शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के महत्व को समझा तथा नियमित योगाभ्यास का संकल्प लिया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व समाजसेवी एवं योग प्रेमी जितेंद्र जायसवाल ने किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और समाज के लोगों को योग के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की एक अमूल्य धरोहर है। आज पूरी दुनिया योग के महत्व को स्वीकार कर चुकी है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, मानसिक दबाव और शारीरिक समस्याओं से बचने के लिए योग अत्यंत आवश्यक हो गया है। यदि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही योग की शिक्षा दी जाए तो वे शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक मजबूत बन सकते हैं।
विभिन्न योगासन और प्राणायाम का कराया गया अभ्यास
योग शिविर के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बताया गया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मानसिक एकाग्रता में सुधार होता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
योग प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित जितेंद्र जायसवाल ने योग के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के दौर में लोग कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी समाधान प्रदान करता है।
स्वस्थ जीवन का आधार है योग
जितेंद्र जायसवाल ने कहा कि योग केवल बीमारी दूर करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की कला भी सिखाता है। नियमित योग करने से शरीर मजबूत बनता है, मन शांत रहता है और व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि योग से तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। यही कारण है कि आज विश्व के अनेक देशों में योग को अपनाया जा रहा है और करोड़ों लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं।
मित्र मंडल और अभिभावकों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में विद्यालय प्रशासन के साथ-साथ प्रधानाचार्य डॉ. अरविंद प्रकाश के मित्र मंडल के कई सदस्य भी उपस्थित रहे। इनमें अमित आर्य, विनय चौरसिया, संदीप मद्धेशिया, गौरव गुप्ता, रवि गुप्ता, अरविंद वर्मा, सुरेश मास्टर तथा कृष्ण जी प्रमुख रूप से शामिल रहे।
सभी प्रतिभागियों ने योगाभ्यास में सक्रिय भागीदारी निभाई और योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान योग के विभिन्न लाभों पर चर्चा की गई तथा लोगों को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया गया।
बच्चों ने दिखाई विशेष रुचि
योग शिविर में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने विभिन्न योगासन सीखकर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का परिचय दिया।
कार्यक्रम में जीविका वर्मा, सानवी गुप्ता, गौरी जायसवाल, अवंतिका जायसवाल, देवांश आर्य, विनायक चौरसिया, विराट, सम्राट और अश्वनी गुप्ता सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं। बच्चों ने योगाभ्यास के दौरान अनुशासन और एकाग्रता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
योग को जीवनशैली बनाने का आह्वान
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी उपस्थित लोगों से योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखने, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ भारत और सशक्त समाज के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक सार्थक पहल साबित हुआ। विद्यालय परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।








