मौसम

यूपी में मानसून का प्रचंड रूप, 33 से अधिक जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी; लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह

चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में कई दिनों से उमस और तेज गर्मी से परेशान लोगों को अब बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन यह राहत अपने साथ नई चुनौतियां भी लेकर आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार, 20 जुलाई 2026 को प्रदेश के लिए व्यापक मौसम चेतावनी जारी करते हुए अगले 48 घंटों के दौरान कई जिलों में तेज बारिश, आंधी, वज्रपात और तेज हवाओं की आशंका जताई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुए मानसूनी सिस्टम और झारखंड-बिहार के ऊपर बने मजबूत चक्रवाती परिसंचरण का असर अब उत्तर प्रदेश पर साफ दिखाई देगा।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दो दिन प्रदेश के मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील रहेंगे। जहां एक ओर तापमान में गिरावट आएगी, वहीं दूसरी ओर जलभराव, बिजली आपूर्ति में बाधा, ट्रैफिक जाम और ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम का मिजाज

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार झारखंड और बिहार के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण लगातार नमी को उत्तर प्रदेश की ओर खींच रहा है। पूर्वी हवाओं के मजबूत होने और मानसूनी ट्रफ के सक्रिय रहने के कारण बादलों का घनत्व तेजी से बढ़ा है। इसी वजह से प्रदेश के पूर्वी, तराई और मध्य हिस्सों में भारी वर्षा की परिस्थितियां बन गई हैं।

लखनऊ स्थित मौसम केंद्र के अनुसार यह सिस्टम अगले दो दिनों तक सक्रिय रहेगा, जिससे अधिकांश जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना बनी रहेगी।

इन जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

अलर्ट वाले प्रमुख जिलों में महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर शामिल हैं। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।

प्रशासन को भी इन क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी रखने और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक असर

पूर्वांचल के जिलों में मानसून का प्रभाव और अधिक देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, मऊ, बलिया, आजमगढ़ तथा गोरखपुर मंडल के अधिकांश जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।

इन इलाकों में नदियों का जलस्तर भी बढ़ सकता है। निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

राजधानी लखनऊ समेत मध्य यूपी का हाल

राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जिलों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने जा रहा है। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

हरदोई, उन्नाव, कानपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा होने का अनुमान है। लगातार उमस झेल रहे लोगों को इससे राहत मिलेगी, लेकिन शहरों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी होगी अच्छी बारिश

दिल्ली से सटे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर में बादल छाए रहेंगे तथा कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों से खुले स्थानों में अनावश्यक रूप से न रुकने की अपील की गई है।

22 जुलाई तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मानसून की सक्रियता अभी कम होने वाली नहीं है। 21 और 22 जुलाई को प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।

उन्होंने बताया कि मानसूनी बादलों को लगातार नमी मिल रही है, जिससे भारी वर्षा की परिस्थितियां बनी हुई हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है।

आकाशीय बिजली से सबसे बड़ा खतरा

मौसम विभाग ने विशेष रूप से आकाशीय बिजली को लेकर लोगों को सतर्क किया है। विभाग का कहना है कि गरज-चमक के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले मैदानों में खड़े रहना बेहद खतरनाक हो सकता है।

लोगों को सलाह दी गई है कि बारिश शुरू होते ही सुरक्षित भवनों के भीतर चले जाएं। मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करें और खुले स्थानों में धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।

किसानों के लिए जारी की गई विशेष सलाह

ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को मौसम बिगड़ने के दौरान खेतों में कार्य न करने की सलाह दी गई है। यदि तेज गरज-चमक शुरू हो जाए तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचें।

मवेशियों को खुले मैदानों के बजाय सुरक्षित स्थानों पर बांधने और खेतों में सिंचाई या अन्य कार्य मौसम सामान्य होने के बाद ही करने की सलाह दी गई है।

शहरी क्षेत्रों में बढ़ सकती हैं समस्याएं

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कम समय में अधिक वर्षा होती है तो लखनऊ, कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और वाराणसी जैसे शहरों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

सड़कों पर पानी भरने से ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति में व्यवधान और दैनिक जीवन प्रभावित होने की आशंका है। नगर निकायों को नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी।

उत्तर भारत के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के अनुसार उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। 20 से 25 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक वर्षा का अनुमान है।

हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अनेक हिस्सों में भी तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

दिल्ली में बदलेगा मौसम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ था। रविवार की रात जुलाई की सबसे गर्म रातों में दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं। आंधी और गरज-चमक की संभावना भी बनी हुई है।

बिहार में लगातार बारिश का दौर

बिहार में 20 से 24 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। पटना, गया, नालंदा, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सहरसा और सुपौल समेत अधिकांश जिलों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है।

उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण कई सड़कें बंद हो चुकी हैं और कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश में भी चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और सिरमौर जैसे जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून

पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन तथा निचले इलाकों में अचानक बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।

राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में भी असर

राजस्थान में 20 से 25 जुलाई तक पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कई स्थानों पर अच्छी बारिश का अनुमान है। गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।

जम्मू-कश्मीर में 20 से 23 जुलाई के बीच व्यापक वर्षा होने की संभावना है। कई जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

क्या करें और क्या न करें

  • बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में न रहें।
  • पेड़ों, बिजली के खंभों और टीन शेड के नीचे शरण न लें।
  • नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
  • मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखें।
  • आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।
  • किसानों को मौसम सामान्य होने तक खेतों में कार्य टालने की सलाह दी जाती है।
  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। आने वाले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एक ओर तेज बारिश से भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आकाशीय बिजली, जलभराव, यातायात बाधित होने और ग्रामीण क्षेत्रों में नुकसान जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और आम नागरिकों दोनों के लिए सतर्क रहना आवश्यक है। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षित व्यवहार अपनाना ही किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय होगा।

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