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गिने-चुने बचे हैं भीषण गर्मी के दिन, जल्द पहुंचेगी मानसून एक्सप्रेस 

जानिए उत्तर भारत में कब शुरू होगी झमाझम बारिश

रिपोर्ट: कमलेश कुमार चौधरी

उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में इन दिनों एक बार फिर भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। हालांकि बीच-बीच में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी देखने को मिल रही है, लेकिन इससे गर्मी से स्थायी राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लोगों की निगाहें अब दक्षिण-पश्चिम मानसून पर टिकी हुई हैं, जो धीरे-धीरे देश के विभिन्न हिस्सों में आगे बढ़ रहा है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमानों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है और जून के अंतिम सप्ताह तक उत्तर भारत के बड़े हिस्से में दस्तक दे सकता है। मानसून के आगमन के साथ ही भीषण गर्मी से राहत मिलने और व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।

केरल से शुरू हुआ मानसून का सफर

देश में मानसून की औपचारिक शुरुआत केरल से होती है। इस वर्ष मानसून जून के शुरुआती दिनों में केरल पहुंच चुका था, जिसके बाद उसने दक्षिण भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश कराई। अब मानसून क्रमशः मध्य भारत और पूर्वी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियां मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो उत्तर भारत में भी समय पर बारिश शुरू हो सकती है।

23 जून तक इन राज्यों में पहुंच सकता है मानसून

भारतीय मौसम विभाग (IMD) और विभिन्न मौसम एजेंसियों के पूर्वानुमानों के अनुसार, आगामी कुछ दिनों में मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में सक्रिय हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि 23 जून तक मानसून इन क्षेत्रों के अधिकांश भागों को कवर कर लेगा। इसके बाद मानसून का अगला चरण उत्तर भारत की ओर बढ़ेगा, जहां लंबे समय से लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

पूर्वी भारत के कई इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियां पहले से ही जारी हैं। गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

दिल्ली-एनसीआर में कब होगी मानसून की एंट्री?

देश की राजधानी दिल्ली और उससे जुड़े एनसीआर क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बार मानसून 25 से 30 जून के बीच दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दे सकता है।

दिल्ली में मानसून पहुंचने की सामान्य तिथि लगभग 27 जून मानी जाती है। इस बार भी मानसून अपने तय समय के आसपास पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो जून के अंतिम सप्ताह में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

मानसून के आगमन के साथ ही तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

दिल्ली पहुंचने के बाद इन राज्यों में आगे बढ़ेगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली पहुंचने के बाद मानसून उत्तर भारत के अन्य राज्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा। इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड प्रमुख रूप से शामिल हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के बाद इन राज्यों में व्यापक वर्षा की संभावना बनेगी। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के चलते भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

18 जून का मौसम: कहां मिलेगी राहत, कहां बढ़ेगी उमस?

अगर आज के मौसम की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि यह बारिश बहुत व्यापक नहीं होगी, लेकिन इससे कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। यहां कई स्थानों पर बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

उमस और गर्मी अभी भी बनी रहेगी चुनौती

हालांकि कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक लोगों को गर्मी और उमस से जूझना पड़ सकता है। दिन के समय तेज धूप और रात में बढ़ती नमी के कारण असहज मौसम बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की मुख्य बारिश शुरू होने से पहले अक्सर ऐसी परिस्थितियां देखने को मिलती हैं। नमी बढ़ने के कारण पसीना अधिक आता है और तापमान अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद गर्मी ज्यादा महसूस होती है।

शाम के समय हल्की बारिश के आसार

दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के क्षेत्रों में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर और शाम के समय कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसके अलावा गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। वहीं 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिलेगी।

जल्द खत्म होगा गर्मी का दौर

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून के अंतिम सप्ताह से उत्तर भारत में मौसम का स्वरूप तेजी से बदल सकता है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही नियमित बारिश का दौर शुरू होगा और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी।

कुल मिलाकर कहा जाए तो उत्तर भारत में भीषण गर्मी के दिन अब गिने-चुने ही बचे हैं। यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित होता है तो अगले 8 से 12 दिनों के भीतर मानसून एक्सप्रेस दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के बड़े हिस्से तक पहुंच जाएगी और लोगों को लंबे इंतजार के बाद गर्मी से राहत मिलेगी।

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