खेल समाचार

भारत में व्हीलचेयर पिकलबॉल को मिली नई उड़ान, राष्ट्रीय स्तर पर विकास की रणनीति तैयार

परवेज़ अंसारी की रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारत में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए खेलों के नए अवसर तैयार करने की दिशा में व्हीलचेयर पिकलबॉल ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित व्हीलचेयर पिकलबॉल फेडरेशन की पहली राष्ट्रीय बैठक ने इस उभरते हुए खेल को संगठित स्वरूप देने की दिशा में ठोस आधार तैयार किया। देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और पदाधिकारियों ने एक मंच पर एकत्र होकर भविष्य की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया तथा इस खेल को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि व्हीलचेयर पिकलबॉल केवल प्रतिस्पर्धात्मक खेल नहीं है, बल्कि यह दिव्यांग खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, सामाजिक भागीदारी और सम्मानजनक पहचान का प्रभावी माध्यम बन सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की रूपरेखा तैयार की गई।

देश के 10 राज्यों से जुटे प्रतिनिधि

नई दिल्ली स्थित सुरजीत भवन में आयोजित इस राष्ट्रीय बैठक में देश के 10 राज्यों से लगभग 30 प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके खिलाड़ियों के अलावा विभिन्न राज्यों के अध्यक्ष, पदाधिकारी तथा खेल क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे।

बैठक का उद्देश्य केवल संगठनात्मक चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्हीलचेयर पिकलबॉल के व्यापक विस्तार, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं के आयोजन और भविष्य की योजनाओं पर भी गंभीर मंथन किया गया।

दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए खेलों को बताया सशक्त माध्यम

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय व्यापारी संघ के उपाध्यक्ष प्रशांत बहल ने अपने संबोधन में कहा कि खेल किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को खेलों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इस प्रकार की पहल अत्यंत सराहनीय है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि समाज, सामाजिक संगठन और खेल संस्थाएं मिलकर कार्य करें तो दिव्यांग खिलाड़ियों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान मिल सकती है। उन्होंने फेडरेशन की गतिविधियों में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

हर राज्य तक पहुंचाने का लक्ष्य

फेडरेशन के सीईओ एवं संस्थापक प्रवीण सिंह सेंगर ने बैठक के दौरान संगठन की भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य व्हीलचेयर पिकलबॉल को देश के प्रत्येक राज्य तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि अनेक प्रतिभाशाली दिव्यांग खिलाड़ी संसाधनों और अवसरों के अभाव में अपनी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते। फेडरेशन का प्रयास रहेगा कि ऐसे खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान पर जोर

फेडरेशन की प्रबंध निदेशक संगीता साहनी ने बैठक में संगठनात्मक विस्तार की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों में नई इकाइयों का गठन तेजी से किया जाएगा तथा सदस्यता अभियान को व्यापक रूप दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार होने के बाद जिला और राज्य स्तर तक खिलाड़ियों की पहचान, प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा। इसके लिए सभी राज्यों के प्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की गई।

नए युग की शुरुआत का संदेश

राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश सचदेवा ने इस अवसर को भारत में व्हीलचेयर पिकलबॉल के लिए नए दौर की शुरुआत बताया। उन्होंने सभी राज्य प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में खेल के प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन और अधिकाधिक खिलाड़ियों को जोड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यदि राज्यों में मजबूत इकाइयां स्थापित हो जाती हैं तो आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं का स्तर भी बेहतर होगा और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने में आसानी होगी।

समावेशी समाज निर्माण में खेलों की भूमिका

ईगल स्पेशियली एबल्ड राइडर्स के संस्थापक डॉ. आमिर सिद्दीकी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि व्हीलचेयर पिकलबॉल केवल एक खेल नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है।

उन्होंने कहा कि यह खेल दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है और उनमें आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता तथा सकारात्मक सोच विकसित करता है। खेल समाज में समान अवसर और सम्मान की भावना को भी मजबूत बनाते हैं। ऐसे आयोजन समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहां प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।

राष्ट्रीय कार्ययोजना पर हुई व्यापक चर्चा

बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें राष्ट्रीय कार्ययोजना तैयार करना, राज्य और जिला इकाइयों का गठन, नियमित प्रतियोगिताओं का आयोजन, प्रशिक्षकों और तकनीकी अधिकारियों का प्रशिक्षण तथा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना प्रमुख विषय रहे।

प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि खेल के विकास के लिए विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, खेल संस्थानों और सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ा जाए। इससे अधिक से अधिक दिव्यांग खिलाड़ी इस खेल तक पहुंच सकेंगे और उनकी प्रतिभा को सही मंच मिलेगा।

खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की पहल

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि खिलाड़ियों को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, खेल उपकरण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाए।

प्रतिनिधियों का मानना था कि यदि शुरुआती स्तर से खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण मिलेगा तो भारत भविष्य में व्हीलचेयर पिकलबॉल की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेगा।

देशभर में खेल को लोकप्रिय बनाने का लिया संकल्प

बैठक के समापन पर सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि व्हीलचेयर पिकलबॉल को देश के अधिकाधिक राज्यों और जिलों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल से जोड़ने, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दिशा में योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया गया तो आने वाले वर्षों में व्हीलचेयर पिकलबॉल भारत में दिव्यांग खिलाड़ियों के बीच तेजी से लोकप्रिय खेल बन सकता है। इससे न केवल खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी, बल्कि समावेशी और संवेदनशील समाज के निर्माण को भी नई गति प्राप्त होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button