ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शिक्षक और छात्र के पवित्र रिश्ते को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। ललौली थाना क्षेत्र के एक गांव में संचालित मदरसे में पढ़ने वाली 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने वहां पढ़ाने वाले एक मौलवी पर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी मौलवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नाबालिग को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजने के साथ ही उसके बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस मामले की आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
मदरसे में पढ़ाती थी नाबालिग छात्रा
पुलिस के अनुसार, ललौली थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी क्षेत्र के एक मदरसे में पढ़ती थी। करीब डेढ़ वर्ष पहले फर्रुखाबाद जिले के बंथल शाहपुर थाना क्षेत्र के जहानपुर गांव निवासी अब्दुल समद मदरसे में दीनी तालीम देने के लिए आया था। इसी दौरान आरोपी और छात्रा के बीच परिचय हुआ।
बताया गया है कि समय बीतने के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं। आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग छात्रा को अपने प्रभाव में लेकर उसे शादी का भरोसा दिया। इसके बाद मदरसे में ही उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया। परिजनों को घटना की जानकारी मिलने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
शादी का झांसा देकर फर्रुखाबाद ले जाने का आरोप
घटना उस समय सामने आई जब रविवार की देर रात नाबालिग छात्रा घर से गायब मिली। परिजनों को जब बेटी के घर पर नहीं होने की जानकारी हुई तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। खोजबीन के दौरान परिजनों को पता चला कि छात्रा मौलवी अब्दुल समद के साथ है और उसे फर्रुखाबाद ले जाया जा रहा है।
परिजनों ने पीछा करते हुए दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी और नाबालिग छात्रा को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस दोनों को थाने ले गई और प्रारंभिक पूछताछ शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्रा के बयान दर्ज किए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
छात्रा ने पुलिस को बताई पूरी बात
पुलिस पूछताछ के दौरान नाबालिग छात्रा ने आरोपी मौलवी पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उसे शादी का झांसा दिया और इसी बहाने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। आरोप है कि मदरसे में पढ़ाई के दौरान आरोपी ने उसके साथ यह कृत्य किया।
पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। नाबालिग होने के कारण पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी जा रही है।
आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया
ललौली थाना पुलिस ने आरोपी अब्दुल समद को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी पीके राव के अनुसार, आरोपी के खिलाफ उपलब्ध तथ्यों और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने नाबालिग छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए उसे जिला अस्पताल भेजा है। इसके साथ ही उसके बयान भी दर्ज किए गए हैं। मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों को भी विवेचना का हिस्सा बनाया जाएगा।
परिजनों की सतर्कता से सामने आया मामला
मामले में परिजनों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। छात्रा के अचानक घर से गायब होने के बाद परिवार ने तत्काल उसकी तलाश शुरू कर दी। समय रहते छात्रा और आरोपी के बारे में जानकारी मिलने पर परिजन मौके तक पहुंचे और दोनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
यदि परिजन समय पर सक्रिय नहीं होते तो नाबालिग को दूसरे जिले में ले जाया जा सकता था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी छात्रा को किस उद्देश्य से फर्रुखाबाद ले जा रहा था और इस पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
बाल संरक्षण कानूनों के तहत होगी कार्रवाई
नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में कानून बेहद सख्त है। ऐसे मामलों में पुलिस को पीड़ित बच्चे की सुरक्षा, पहचान की गोपनीयता और चिकित्सकीय जांच समेत निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होता है। फतेहपुर पुलिस भी मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
मामले ने मदरसे और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अभिभावकों की जिम्मेदारी के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों के संचालकों और शिक्षकों की जवाबदेही भी महत्वपूर्ण है। बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना किसी भी शैक्षणिक संस्था की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने आरोपी मौलवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नाबालिग छात्रा का मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी और छात्रा के बीच संपर्क कब से था और कथित घटनाएं किन परिस्थितियों में हुईं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
फतेहपुर का यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान खींचता है कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं है। स्कूल, मदरसा और अन्य शिक्षण संस्थानों में भी नाबालिगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था जरूरी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

























