हाहाकार वाली गर्मी ; उत्तर भारत में हीटवेव ने तोड़े रिकॉर्ड, कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
48 डिग्री के पार पहुंचा पारा, दिन ही नहीं रातें भी बनीं आफत
अंजनी कुमार त्रिपाठी की खास रिपोर्ट
नोएडा। उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और खतरनाक हीटवेव की चपेट में है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। कई इलाकों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। गर्म हवाएं और उमस लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
देश के कई हिस्सों में सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा दिखाई देने लगा है। बाजारों में भी भीड़ कम हो रही है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीटस्ट्रोक और कमजोरी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार की गर्मी पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ रही है।
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कहर, बांदा बना ‘आग का गोला’
उत्तर प्रदेश इस समय देश के सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल हो गया है। बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में तापमान 47 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। बांदा जिला सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, हमीरपुर, जालौन, महोबा और झांसी जैसे जिलों में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय घरों में रहने की अपील की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती और पानी की कमी ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बुंदेलखंड में लगातार घटती हरियाली, सूखते जलस्रोत और अवैध खनन जैसी गतिविधियां भी तापमान बढ़ने का बड़ा कारण हैं।
दिल्ली-NCR बना ‘भट्ठी’, पांच दिन तक लू का खतरा
राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए जारी येलो अलर्ट को बढ़ाकर ऑरेंज अलर्ट कर दिया है।
IMD के अनुसार अगले पांच दिनों तक दिल्ली में भीषण लू का असर जारी रहेगा। राजधानी का तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना बेहद कम है।
दिल्ली में सबसे ज्यादा परेशानी गर्म रातों ने बढ़ाई है। देर रात तक तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहने के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। बिजली की रिकॉर्ड खपत के चलते कई इलाकों में कटौती की समस्या भी सामने आने लगी है।
अस्पतालों में हीट एक्सहॉशन और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
राजस्थान में रेगिस्तान से भी ज्यादा तप रहे शहर
राजस्थान में भी गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। चित्तौड़गढ़ में तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और कोटा जैसे शहरों में भी लोग भीषण लू का सामना कर रहे हैं।
राजस्थान में रात का तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। इससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही। दोपहर के समय सड़कें सुनसान दिखाई दे रही हैं। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है।
प्रशासन ने जगह-जगह पानी के टैंकर और राहत केंद्र शुरू किए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को धूप से बचने और अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
पंजाब-हरियाणा में 47 डिग्री के करीब पहुंचा पारा
पंजाब और हरियाणा में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। कई जिलों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
खेती-किसानी से जुड़े लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। खेतों में काम करने वाले मजदूरों और किसानों को लगातार लू का सामना करना पड़ रहा है। बिजली की मांग बढ़ने से कई जगहों पर सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी फसलों और पशुओं पर भी असर डाल रही है। पानी की खपत तेजी से बढ़ रही है, जिससे आने वाले दिनों में जल संकट की आशंका भी बढ़ सकती है।
महाराष्ट्र और विदर्भ में भी जारी लू का कहर
उत्तर भारत के साथ-साथ महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भीषण गर्मी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। अकोला, अमरावती और वर्धा जैसे जिलों में लू को लेकर चेतावनी जारी की गई है। दोपहर के समय सड़कें खाली दिखाई दे रही हैं।
ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराने लगा है। कई क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी का असर फसलों और पशुधन पर भी पड़ सकता है।
देशभर में मौसम का डबल अटैक
देश के मौसम में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एक तरफ उत्तर और पश्चिम भारत गर्मी और हीटवेव की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और विदर्भ में अगले कुछ दिनों तक सीवियर हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण असंतुलन के कारण मौसम का यह असामान्य स्वरूप देखने को मिल रहा है।
हीटवेव से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों में रहने की सलाह दी है। अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा धूप में लंबे समय तक रहने से बचने को कहा गया है।
डॉक्टरों के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर, उल्टी, कमजोरी या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। हीटस्ट्रोक को नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।
जलवायु परिवर्तन बना सबसे बड़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी केवल मौसमी बदलाव नहीं बल्कि जलवायु परिवर्तन का गंभीर संकेत है। तेजी से कटते जंगल, बढ़ता प्रदूषण और कंक्रीट के विस्तार ने तापमान को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में हीटवेव और भी घातक रूप ले सकती है। सरकार और प्रशासन राहत उपायों पर काम कर रहे हैं, लेकिन बढ़ती गर्मी ने साफ कर दिया है कि अब प्रकृति के संतुलन को बचाना बेहद जरूरी हो गया है।








