23 अक्टूबर 2026 5:26 पूर्वाह्न

स्मार्ट मीटर या ‘शॉक मीटर’? बिना इस्तेमाल रोज कट रहे ₹40–₹85, उपभोक्ता परेशान

बाराबंकी में स्मार्ट मीटर और मोबाइल ऐप में दिख रहे गलत बिजली बिल के स्क्रीनशॉट के साथ रिपोर्टर अनुराग गुप्ता

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✍️ अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश में जहां एक ओर सरकार विद्युत व्यवस्था को बेहतर बनाने और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही है। खासकर स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच बढ़ती नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। लोगों का कहना है कि यह “स्मार्ट मीटर” अब उनके लिए सुविधा नहीं, बल्कि एक नई परेशानी बन गया है।

🔴 बिना उपयोग के भी कट रहा पैसा

मामला बाराबंकी के माती क्षेत्र का है, जहां श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी के पास रहने वाली सुषमा कुमारी ने एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 18 फरवरी 2026 को उन्होंने अपने नए घर के लिए बिजली कनेक्शन लिया था, जिसके साथ स्मार्ट मीटर लगाया गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि उन्होंने अभी तक बिजली का उपयोग भी नहीं किया, इसके बावजूद उनके मीटर से प्रतिदिन ₹40 से ₹85 तक की राशि कट रही है।

सुषमा कुमारी के अनुसार, एक महीने का बिजली बिल ₹1955 आया था, जिसे उन्होंने जमा भी कर दिया। इसके बावजूद उनका मीटर लगातार बैलेंस घटाता जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब भी रोजाना ₹40.49 तक की कटौती हो रही है और सिस्टम में बार-बार बकाया दिखाया जा रहा है। यह स्थिति उनके लिए मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से परेशानी का कारण बन गई है।

🔵 बिल जमा करने के बाद भी खत्म नहीं हो रही समस्या

ऐसा ही एक और मामला कोहली पुरवा निवासी गया प्रसाद का सामने आया है। उन्होंने बताया कि 16 मार्च 2026 को उन्होंने ₹5800 और 12 अप्रैल को ₹2000 का बिजली बिल जमा किया था। लेकिन केवल चार दिन बाद ही उनके मीटर में फिर से ₹1200 का बकाया दिखने लगा।

गया प्रसाद ने बताया कि बुधवार को उनके मीटर में ₹1300 का बकाया दिखा और अचानक उनका बिजली कनेक्शन काट दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पहले उनका मासिक बिजली बिल ₹200 से ₹300 के बीच आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

🟢 शिकायत के बावजूद नहीं मिल रहा समाधान

उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार विद्युत उपकेंद्र पर शिकायत की, लेकिन वहां से उन्हें केवल हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क करने की सलाह दी गई। वहीं, हेल्पलाइन पर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

इससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब विभाग खुद समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा, तो आम जनता आखिर कहां जाए? लगातार कट रहे पैसे और बिना सूचना बिजली काटे जाने से लोगों का भरोसा प्रणाली पर कमजोर होता जा रहा है।

🟠 विभाग का क्या कहना है?

इस पूरे मामले पर क्षेत्रीय अवर अभियंता विद्युत एस.पी. सिंह का कहना है कि जैसे ही समस्या उनके संज्ञान में आई है, उसका जल्द से जल्द निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।

हालांकि, जमीनी स्तर पर अभी तक इस समस्या का ठोस समाधान नहीं दिख रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बनी हुई है।

🟣 क्या स्मार्ट मीटर वाकई स्मार्ट हैं?

स्मार्ट मीटर का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और उपभोक्ताओं को रियल-टाइम बिजली खपत की जानकारी देना था। लेकिन बाराबंकी जैसे मामलों में यह तकनीक उल्टा उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बनती नजर आ रही है।

बिना उपयोग के बिल आना, बैलेंस नेगेटिव होते ही बिजली काट देना और शिकायतों पर कोई सुनवाई न होना—ये सभी सवाल खड़े करते हैं कि क्या स्मार्ट मीटर वास्तव में “स्मार्ट” हैं या फिर यह एक नई प्रशासनिक समस्या बनकर उभर रहे हैं।

🔴 निष्कर्ष: तकनीक बनाम भरोसा

बाराबंकी का यह मामला केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। जब तकनीक लोगों की सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बनने लगे, तो उसे सुधारने की जरूरत होती है।

सरकार और विद्युत विभाग को चाहिए कि वह इस समस्या को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द इसका स्थायी समाधान निकालें। अन्यथा, “स्मार्ट मीटर” का यह प्रयोग उपभोक्ताओं के भरोसे को पूरी तरह खत्म कर सकता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या स्मार्ट मीटर बिना उपयोग के भी बिल काट सकता है?

तकनीकी रूप से ऐसा नहीं होना चाहिए, लेकिन कई उपभोक्ताओं ने ऐसी शिकायतें दर्ज कराई हैं।

बैलेंस नेगेटिव होने पर क्या तुरंत बिजली कट जाती है?

प्रीपेड सिस्टम में बैलेंस खत्म होते ही बिजली कट सकती है, लेकिन बिना सूचना कटौती विवाद का विषय है।

शिकायत कहां दर्ज करें?

उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं या स्थानीय विद्युत उपकेंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

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