स्वतंत्रता दिवस समारोह में देशभक्ति के रंग में रंगा विद्यालय परिसर

केराकत के विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ध्वजारोहण करते अतिथि और उपस्थित लोग, साथ में रिपोर्टर मनोज कुमार की तस्वीर

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मनोज कुमार की रिपोर्ट

जौनपुर के केराकत स्थित एक विद्यालय में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। सुबह से ही विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन में खासा उत्साह दिखाई दिया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. गौरव कुमार श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर समारोह का शुभारंभ किया। ध्वजारोहण के साथ ही पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो उठा।

ध्वजारोहण के बाद गूंजा राष्ट्रगान

ध्वजारोहण के पश्चात विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया। राष्ट्रगान के दौरान सभी लोग सम्मानपूर्वक खड़े रहे। इसके बाद देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विद्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान के बारे में बताया गया।

स्वतंत्रता दिवस समारोह का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को देश की आजादी के महत्व और नागरिक कर्तव्यों से जोड़ने का भी प्रयास किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि आजादी अनेक वीरों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है, इसलिए इसके मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

ध्वजारोहण और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद विद्यालय के सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन का स्वागत किया।

See also  बदहाल सड़क से ग्रामीण बेहाल, बारिश में कीचड़ और गड्ढों से बढ़ी परेशानी ; स्कूली बच्चों पर मंडरा रहा हादसे का खतरा

विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में देशभक्ति की विशेष झलक देखने को मिली। बच्चों ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति के साथ आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किए। इसके अलावा विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर भाषण भी दिए। उनकी प्रस्तुतियों में देश के प्रति प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट दिखाई दी।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था। मंच पर प्रस्तुति देने वाले बच्चों ने जहां अपनी कला और आत्मविश्वास का परिचय दिया, वहीं सभागार में मौजूद दर्शकों ने भी उनका उत्साहवर्धन किया। कई प्रस्तुतियों के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा।

आजादी अधिकार के साथ कर्तव्य की भी याद दिलाती है : नीरज राजहंस

स्वतंत्रता दिवस समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के मैनेजर नीरज राजहंस ने देश की आजादी के संघर्ष, संविधान के मूल्यों और युवा पीढ़ी की जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ को समझने का संदेश दिया।

मैनेजर नीरज राजहंस ने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार प्राप्त करने का नाम नहीं है, बल्कि यह नागरिकों को उनके कर्तव्यों का भी बोध कराती है। उन्होंने कहा कि देश को मजबूत और विकसित बनाने में युवा पीढ़ी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने अध्ययन के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, अनुशासन, मेहनत, जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम जैसे गुण विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को मजबूत बनाते हैं। यही गुण आगे चलकर देश के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

See also  स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में छात्राओं के बुर्का पहनकर डांस का वीडियो वायरल, विवाद के बाद माफी

संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने पर जोर

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय प्रबंधन की ओर से विद्यार्थियों को संविधान के मूल्यों की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया। बच्चों को बताया गया कि भारत का लोकतंत्र नागरिकों को अधिकार प्रदान करने के साथ उनके कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक करता है।

वक्ताओं ने विद्यार्थियों को आपसी भाईचारा, समानता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक अपनी भूमिका ईमानदारी से निभाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है।

विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के सामने देश को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, सामाजिक विकास और नैतिक मूल्यों के क्षेत्र में आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी है।

विद्यार्थियों की प्रतिभा को मिला मंच

स्वतंत्रता दिवस समारोह विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का भी अवसर बना। गणेश वंदना, सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, देशभक्ति गीत, नृत्य और भाषण जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी रचनात्मक क्षमता का परिचय दिया।

विद्यालय प्रबंधन का मानना रहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में मंच पर बोलने, अपनी बात रखने और सामूहिक रूप से कार्य करने का आत्मविश्वास विकसित होता है। साथ ही राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन से विद्यार्थियों में देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है।

See also  आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से भारी तबाही, 72 गांवों की बिली गुल ; मछलीशहर से जंघई तक पेड़ गिरे, सड़कें बंद; कई घरों के टीन शेड उड़े

समारोह में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और विद्यालय कर्मचारियों की सहभागिता भी रही। सभी ने स्वतंत्रता दिवस को गरिमा और उत्साह के साथ मनाया तथा देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

मिष्ठान्न वितरण के साथ हुआ समारोह का समापन

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के बीच मिष्ठान्न वितरित किया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के समापन अवसर पर विद्यालय परिसर में देशभक्ति का उत्साह बना रहा। विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों ने पूरे जोश के साथ ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।

इस प्रकार केराकत स्थित विद्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह देशभक्ति, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और राष्ट्र निर्माण के संदेश के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता के इतिहास, संविधान के मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों को समझने का अवसर दिया। विद्यालय प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि विद्यार्थी इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर समाज और देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।

यायावर
Author: यायावर

यायावर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Read More

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें