जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर सख्त हुईं सीडीओ, औचक निरीक्षण में मिलीं कई खामियां

सीतापुर जिला अस्पताल में निरीक्षण करतीं सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी और रिपोर्टर रीतेश कुमार गुप्ता की फीचर इमेज

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रीतेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

सीतापुर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है, लेकिन जिला अस्पताल की स्थिति अब भी सवालों के घेरे में है। मंगलवार दोपहर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। उनके अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कई विभागों में अव्यवस्थाएं और लापरवाही सामने आईं, जिस पर सीडीओ ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

सीडीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों को बेहतर और स्वच्छ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ओपीडी से वार्ड तक व्यवस्थाओं की पड़ताल

निरीक्षण के दौरान डॉ. दीक्षा जोशी ने अस्पताल की ओपीडी, विभिन्न वार्डों, ब्लड बैंक, एचआईवी वार्ड, आयुष्मान योजना काउंटर और नेत्र शिविर सहित कई महत्वपूर्ण विभागों का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी भी ली।

अस्पताल परिसर में कई जगह गंदगी दिखाई देने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। वार्डों की सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर स्वच्छता से समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और मरीजों को साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर उठे सवाल

निरीक्षण के दौरान कई मरीजों ने भी अप्रत्यक्ष रूप से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। अस्पताल में लंबी कतारें, सीमित संसाधन और सफाई की समस्या जैसी बातें प्रशासन के सामने आईं। सीडीओ ने कहा कि जिला अस्पताल आम जनता के भरोसे का केंद्र है, इसलिए यहां की व्यवस्थाएं बेहतर होना बेहद जरूरी है।

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उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों को इलाज के लिए अनावश्यक परेशानियां झेलनी पड़ें, यह किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होगा। अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए गए कि सभी विभागों में मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।

एक्सरे और सीटी स्कैन मशीनों की जांच

सीडीओ ने अस्पताल में स्थापित एक्सरे और सीटी स्कैन मशीनों की कार्यप्रणाली की भी जानकारी ली। उन्होंने मशीनों के रखरखाव और मेंटेनेंस से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की तथा संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।

सूत्रों के अनुसार, मशीनों के संचालन और तकनीकी रखरखाव को लेकर कुछ कमियां सामने आईं, जिस पर सीडीओ ने संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को जल्द सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच संबंधी सुविधाओं में किसी प्रकार की बाधा मरीजों के इलाज को प्रभावित करती है, इसलिए उपकरणों का नियमित रखरखाव बेहद जरूरी है।

कमियों को छिपाने की कोशिश भी आई सामने

सूत्रों की मानें तो निरीक्षण के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा अस्पताल की वास्तविक स्थिति छिपाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन सीडीओ ने अलग-अलग विभागों में जाकर स्वयं व्यवस्थाओं की जांच की। उन्होंने साफ कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जमीनी स्थिति को समझना और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाना है।

सीडीओ ने अधिकारियों से कहा कि कागजी दावों के बजाय धरातल पर परिणाम दिखाई देने चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी हो चुका है निरीक्षण, फिर भी नहीं बदली तस्वीर

गौरतलब है कि इससे पहले जिलाधिकारी राजा गणपति आर भी जिला अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं। उस दौरान भी व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, इसके बावजूद अस्पताल की हालत में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला।

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लगातार मिल रही शिकायतों और व्यवस्थाओं में कमी के कारण अब प्रशासनिक सख्ती बढ़ती दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

मरीजों को बेहतर सुविधा देने पर जोर

मुख्य विकास अधिकारी ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि मरीजों को समय पर उपचार, साफ-सफाई, जांच और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से होते हैं, इसलिए उनकी सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर विषय है।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर अस्पताल आने वाले हर मरीज को महसूस होना चाहिए। प्रशासन की कोशिश है कि जिला अस्पताल में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे लोगों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर मजबूत हो।

स्वास्थ्य विभाग पर बढ़ा जवाबदेही का दबाव

सीडीओ के औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग में जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है। अस्पताल प्रशासन अब व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। कर्मचारियों को साफ-सफाई और मरीजों के व्यवहार को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं।

सीतापुर जिला अस्पताल की स्थिति को लेकर प्रशासन की बढ़ती सक्रियता यह संकेत देती है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासनिक सख्ती का असर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर कितना दिखाई देता है।

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