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अयोध्या चढ़ावा प्रकरण : एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट तक चुप रहेंगे चंपत राय, बोले– ‘सच सामने आने का इंतजार करें’

रिपोर्ट: दुर्गा प्रसाद शुक्ला

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में चढ़ावे की गणना के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी है। ट्रस्ट की हालिया बैठक में उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक हस्तलिखित पत्र साझा करते हुए स्पष्ट किया कि वह फिलहाल इस पूरे मामले पर मौन रहेंगे और विशेष जांच दल (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही सभी आरोपों का क्रमवार जवाब देंगे।

उनके इस बयान के सामने आने के बाद अयोध्या के चर्चित चढ़ावा प्रकरण ने एक नया मोड़ ले लिया है। चंपत राय का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी।

ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार हुआ इस्तीफा

सोमवार को आयोजित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में कई प्रशासनिक निर्णय लिए गए। बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। साथ ही ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया।

बैठक के बाद से ही चढ़ावा प्रकरण और ट्रस्ट में हुए बदलावों को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं तेज हो गई थीं। इसी बीच चंपत राय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया माध्यम से हस्तलिखित पत्र जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की।

‘अभी मौन हूं, अंतिम रिपोर्ट के बाद दूंगा जवाब’

अपने पत्र की शुरुआत धार्मिक भाव के साथ करते हुए चंपत राय ने लिखा कि वह यह संदेश सभी रामभक्तों के लिए लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि 7 जून 2026 को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में दानपात्र की गणना के दौरान हुई कथित चोरी की घटना के बाद से कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

उन्होंने लिखा कि व्यक्तिगत रूप से उनके खिलाफ भी अनेक प्रकार के अनर्गल और आधारहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस पूरे मामले पर अभी मौन धारण करने का निर्णय लिया है।

चंपत राय ने कहा कि वह जांच प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी प्रकार की सार्वजनिक बहस में शामिल नहीं होंगे।

प्रारंभिक रिपोर्ट में नाम न होने का किया दावा

पत्र में चंपत राय ने यह भी उल्लेख किया कि ट्रस्ट की 6 जुलाई को हुई बैठक में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। उनके अनुसार यह रिपोर्ट गोपनीय थी, लेकिन बाद में सार्वजनिक हो गई।

उन्होंने दावा किया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में उनका नाम शामिल नहीं है। उनका कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह अपने ऊपर लगाए गए प्रत्येक आरोप का तथ्यों के आधार पर क्रमवार उत्तर देंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सभी के सामने आ जाएगी और किसी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा।

45 वर्षों के सार्वजनिक जीवन का दिया हवाला

अपने पत्र में चंपत राय ने अपने लंबे सामाजिक और संगठनात्मक जीवन का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि संगठन ने उन्हें अक्टूबर 1991 में अयोध्या भेजा था और तब से वह लगातार विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उनका प्रचारक जीवन लगभग 45 वर्षों का रहा है। इस दौरान जहां भी उन्होंने कार्य किया, उनका जीवन हमेशा एक खुली पुस्तक की तरह रहा। उन्होंने दावा किया कि उनके सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता रही है और उन्होंने हमेशा संगठन तथा समाज के प्रति ईमानदारी से दायित्व निभाया है।

पत्र के अंत में उन्होंने सभी रामभक्तों और शुभचिंतकों को आदरपूर्वक नमन करते हुए धैर्य बनाए रखने की अपील की।

चढ़ावा प्रकरण में बढ़ी राजनीतिक और सामाजिक हलचल

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से जुड़े कथित चोरी और अनियमितता के मामले ने पिछले कुछ सप्ताह से व्यापक चर्चा पैदा कर दी है। इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है और उसकी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

चंपत राय के ताजा बयान के बाद अब इस पूरे प्रकरण में नई बहस शुरू हो गई है। एक ओर उनके समर्थक जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभिन्न पक्ष अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

अंतिम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल पूरे मामले का केंद्रबिंदु एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट बन गई है। यदि रिपोर्ट में किसी प्रकार की जिम्मेदारी तय होती है तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई संभव होगी। वहीं यदि चंपत राय का दावा सही साबित होता है तो उनके ऊपर लगाए गए आरोपों की दिशा भी बदल सकती है।

ऐसे में अयोध्या के इस बहुचर्चित चढ़ावा प्रकरण में अब सभी की निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद ही इस विवाद के कई अहम सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद की जा रही है।

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