अंतरिक्ष की उड़ान से गांव की प्रतिभा तक : शुभांशु शुक्ला के प्रशंसा पत्र ने बढ़ाया छात्रों का हौसला

रिपोर्टर इरफान अली लारी के साथ सेंट जेवियर्स स्कूल देवरिया के छात्रों का इसरो उपलब्धि पर सम्मान समारोह फीचर इमेज

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के सलेमपुर स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के विद्यार्थियों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश में रहने वाली प्रतिभाएं भी अवसर मिलने पर अंतरिक्ष जैसी ऊंचाइयों तक अपनी पहचान बना सकती हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी Indian Space Research Organisation (ISRO) से जुड़े प्रतिष्ठित कार्यक्रम में चयनित विद्यार्थियों को भारतीय अंतरिक्षयात्री Shubhanshu Shukla द्वारा भेजे गए हस्ताक्षरित प्रशंसा पत्र ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया है।

सेंट जेवियर्स स्कूल के चार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों — अभिषेक दूबे, आदर्श मिश्रा, जरा हयात और शांतनु मद्धेशिया — ने “इसरो हैबिटेट” में कठिन अंतरिक्ष प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल विद्यालय बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि के बाद विद्यालय परिसर में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।

73 हजार विद्यार्थियों में चयनित हुए थे छात्र

विद्यालय प्रशासन के अनुसार, विगत अक्टूबर में कुशीनगर में आयोजित “कैनसेट मॉडल रॉकेट्री इंडिया स्टूडेंट प्रतियोगिता 2024-25” के अंतर्गत “आर्ट इन स्पेस” और “स्पेस क्विज 20-20” प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। इन प्रतियोगिताओं में उत्तर प्रदेश भर से लगभग 73 हजार विद्यार्थियों ने भाग लिया था।

कड़ी प्रतिस्पर्धा और कई चरणों की चयन प्रक्रिया के बाद केवल 48 विद्यार्थियों का चयन “इसरो हैबिटेट” प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए किया गया था। इनमें सेंट जेवियर्स स्कूल के चार छात्रों का चयन होना विद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

“इसरो हैबिटेट” में मिला 24 घंटे का विशेष प्रशिक्षण

चयनित विद्यार्थियों को “इसरो हैबिटेट” में 24 घंटे का विशेष और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान, रॉकेट तकनीक, अंतरिक्ष मिशन संचालन, वैज्ञानिक अनुशासन और टीम वर्क जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

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विद्यालय के प्रधानाचार्य विजयेंद्र शुक्ल ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान भारतीय अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया था। उन्होंने बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं और भविष्य के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी।

प्रधानाचार्य ने कहा कि बच्चों के लिए यह अनुभव जीवन बदलने वाला साबित हो सकता है, क्योंकि इतने बड़े वैज्ञानिक और अंतरिक्षयात्री से सीधा संवाद किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

शुभांशु शुक्ला का हस्ताक्षरित पत्र बना प्रेरणा का स्रोत

विद्यालय में उस समय भावुक और गौरवपूर्ण माहौल बन गया जब भारतीय अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला द्वारा भेजा गया हस्ताक्षरित अभिनंदन पत्र छात्रों को सम्मानपूर्वक सौंपा गया। छात्रों ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा प्रेरणादायक क्षण बताया।

विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यह सम्मान केवल चार विद्यार्थियों का नहीं बल्कि पूरे ग्रामीण समाज की मेहनत और प्रतिभा का सम्मान है। इससे अन्य बच्चों में भी विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति नई ऊर्जा का संचार होगा।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच

नमस्कार फाउंडेशन के सचिव उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि आने वाले दिनों में सेंट जेवियर्स स्कूल में अंतरिक्ष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विज्ञान प्रदर्शनी, स्पेस क्विज, मॉडल रॉकेट्री कार्यशाला और वैज्ञानिक संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल सही दिशा और अवसर देने की होती है। यदि बच्चों को वैज्ञानिक वातावरण और मार्गदर्शन मिले तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।

विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति बढ़ रही रुचि

पिछले कुछ वर्षों में भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रमों ने देशभर के युवाओं को विज्ञान और तकनीक की ओर आकर्षित किया है। चंद्रयान और गगनयान जैसे मिशनों ने विद्यार्थियों के अंदर वैज्ञानिक सोच विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाई है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों के भीतर जिज्ञासा, अनुसंधान क्षमता और नवाचार की भावना को मजबूत करते हैं। सेंट जेवियर्स स्कूल के विद्यार्थियों की उपलब्धि इसी बदलते भारत की तस्वीर पेश करती है।

गांव और विद्यालय में खुशी का माहौल

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के बाद विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, अभिभावक और ग्रामवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विद्यालय परिवार का कहना है कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और अधिक से अधिक बच्चे विज्ञान तथा अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।

शिक्षा के साथ वैज्ञानिक सोच जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में केवल पारंपरिक शिक्षा ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक सोच और तकनीकी समझ भी बेहद जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर देते हैं।

सेंट जेवियर्स स्कूल की यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि छोटे शहरों और गांवों के छात्र भी बड़े सपने देख सकते हैं और उन्हें साकार कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सेंट जेवियर्स स्कूल के किन छात्रों को सम्मान मिला?

सेंट जेवियर्स स्कूल देवरिया के अभिषेक दूबे, आदर्श मिश्रा, जरा हयात और शांतनु मद्धेशिया को इसरो हैबिटेट प्रशिक्षण के बाद सम्मानित किया गया।

विद्यार्थियों को किसका प्रशंसा पत्र मिला?

विद्यार्थियों को भारतीय अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला द्वारा भेजा गया हस्ताक्षरित प्रशंसा पत्र मिला।

इसरो हैबिटेट प्रशिक्षण क्या था?

यह 24 घंटे का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम था, जिसमें चयनित विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, मॉडल रॉकेट्री और वैज्ञानिक सोच से जुड़ी जानकारी दी गई।

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कितने विद्यार्थियों में से चयन हुआ था?

आर्ट इन स्पेस और स्पेस क्विज 20-20 में करीब 73,000 विद्यार्थियों में से 48 विद्यार्थियों का चयन हुआ था।

इस उपलब्धि का महत्व क्या है?

यह उपलब्धि देवरिया और ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है। इससे छात्रों में विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र के प्रति रुचि बढ़ेगी।

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Author: यायावर

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