देवरिया

संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम सख्त, चार अधिकारियों को नोटिस; 151 शिकायतों में 27 का मौके पर निस्तारण

जनसमस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन की सक्रियता, पात्र लोगों को तत्काल मिला राशन कार्ड

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जिले की बरहज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस आम लोगों की समस्याओं के समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही का महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने स्वयं फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न होकर गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और संतोषजनक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और अधिकारियों को चेताया कि यदि शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरती गई तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनकी सुनवाई प्रशासनिक अधिकारियों ने की।

अनुपस्थित अधिकारियों पर डीएम की कार्रवाई

समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर की समीक्षा की। निरीक्षण में कुछ महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी, अधिशासी अभियंता नलकूप तथा क्षेत्रीय विपणन अधिकारी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में अधिकारियों की अनुपस्थिति जनता के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को भविष्य में समय से उपस्थित रहने और प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की हिदायत दी।

स्वास्थ्य सेवाओं और वीएचएसएनसी गतिविधियों की भी हुई समीक्षा

संपूर्ण समाधान दिवस केवल शिकायत सुनवाई तक सीमित नहीं रहा। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) के सत्रों तथा सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के लिए अधिकारियों को विस्तृत चेकलिस्ट उपलब्ध कराई गई और दिन समाप्त होने से पहले रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलने वाली सुविधाओं की नियमित निगरानी जरूरी है।

राजस्व मामलों में तेजी लाने के निर्देश

राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों की संख्या सबसे अधिक होने के कारण जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने लेखपालों और कानूनगो को अपने कार्यों में सुधार लाने की चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्यप्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।

उन्होंने अविवादित वरासत के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही धारा 24 एवं धारा 116 के पुराने मामलों की समीक्षा करते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि लंबे समय से लंबित राजस्व प्रकरण जनता की परेशानी का कारण बनते हैं, इसलिए इनके समाधान में तेजी लाई जानी चाहिए।

पुलिस और राजस्व विभाग को आपसी समन्वय का निर्देश

भूमि विवाद और राजस्व मामलों के निस्तारण में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए जिलाधिकारी ने दोनों विभागों के अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई शिकायतें ऐसी होती हैं जिनके समाधान के लिए दोनों विभागों की संयुक्त कार्रवाई आवश्यक होती है।

पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने भी पुलिस से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय बनाकर मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

फरियादियों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई

समाधान दिवस में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की गई। ग्राम खुदिया बुजुर्ग के निवासी रामदुलारे सिंह ने सार्वजनिक पोखरी पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पत्रावली तलब की और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बरहज निवासी जगदीश प्रसाद जायसवाल ने बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

वहीं ग्राम खोरी की निवासी असमीना खातून ने बताया कि वह और उनके पति दोनों दिव्यांग हैं तथा आर्थिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं। मामले को संवेदनशीलता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को अंत्योदय राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना और दिव्यांग पेंशन का लाभ तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

तीन पात्र व्यक्तियों को मौके पर मिला राशन कार्ड

समाधान दिवस का सबसे सकारात्मक पहलू यह रहा कि प्रशासन ने कुछ मामलों में तत्काल राहत प्रदान की। जिलाधिकारी के निर्देश पर तीन पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड मौके पर ही तैयार किए गए।

ग्राम बड़कागांव की निवासी मनीषा देवी, बेलडार की ब्यूटी सिंह तथा ग्राम खोरी की असमीना खातून को तत्काल राशन कार्ड उपलब्ध कराया गया। राशन कार्ड मिलने के बाद लाभार्थियों ने प्रशासन और जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। यह पहल इस बात का उदाहरण बनी कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति के साथ आम लोगों को त्वरित राहत प्रदान की जा सकती है।

151 शिकायतें प्राप्त, 27 का तत्काल निस्तारण

बरहज तहसील में आयोजित समाधान दिवस में कुल 151 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 27 मामलों का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सर्वाधिक 76 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं, जिनमें 21 मामलों का निस्तारण किया गया। पुलिस विभाग से 20, विकास विभाग से 8, खाद्य एवं रसद विभाग से 7, समाज कल्याण विभाग से 3 तथा अन्य विभागों से 37 शिकायतें प्राप्त हुईं। खाद्य एवं रसद विभाग से संबंधित छह मामलों का तत्काल समाधान किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों की संख्या कम करना लक्ष्य नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिकायतकर्ता को न्यायपूर्ण और संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

संपूर्ण समाधान दिवस के समापन पर जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है।

जनविश्वास मजबूत करने का माध्यम बन रहा समाधान दिवस

बरहज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस ने यह संदेश दिया कि यदि प्रशासन संवेदनशील और जवाबदेह हो तो आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, पात्र लाभार्थियों को तत्काल सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर देने से जनता का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है। जिलाधिकारी की सक्रियता और मौके पर लिए गए निर्णयों ने समाधान दिवस को जनहितकारी और परिणाममुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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