फॉर्म भरने निकली 19 वर्षीय छात्रा की रहस्यमयी मौत, पुल के नीचे कुंड में मिला शव
दो दिन तक परिजन करते रहे तलाश, पहचान होने के बाद भी मौत की वजह बरकरार; हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
इरफान अली लारी
सोहनपुर, देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घर से तीसरे सेमेस्टर का फॉर्म भरने के लिए निकली छात्रा का शव दो दिन बाद राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-727ए) पर बने बहियारी पुल के नीचे नाले के कुंड में मिला। शव की पहचान होने के बावजूद पुलिस अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर सकी है कि युवती की मौत हादसे में हुई, आत्महत्या थी या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है।
यह घटना न केवल मृतका के परिवार के लिए गहरा सदमा लेकर आई है, बल्कि पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। परिजन भी समझ नहीं पा रहे हैं कि पढ़ाई से जुड़ा जरूरी काम पूरा करने के लिए घर से निकली बेटी आखिर ऐसी परिस्थितियों में पुल के नीचे कैसे पहुंच गई।
30 जून को घर से निकली, फिर नहीं लौटी
पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान मन्नत कुमारी (19 वर्ष) पुत्री बांके बिहारी, निवासी ग्राम धरहनिया, थाना बनकटा के रूप में हुई है।
परिजनों ने बताया कि मन्नत 30 जून को तीसरे सेमेस्टर का परीक्षा फॉर्म भरने के लिए घर से निकली थी। परिवार को उम्मीद थी कि वह कुछ ही घंटों में वापस लौट आएगी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंची। शुरुआत में परिजनों ने सोचा कि वह किसी परिचित या सहेली के यहां होगी, लेकिन जब देर रात तक कोई संपर्क नहीं हो सका तो चिंता बढ़ गई।
इसके बाद परिवार ने रिश्तेदारों, मित्रों और आसपास के लोगों से संपर्क कर उसकी तलाश शुरू की। दो दिनों तक लगातार खोजबीन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला।
पुल के नीचे कुंड में मिला था शव
इसी दौरान 1 जुलाई को बनकटा थाना क्षेत्र के रुस्तम बहियारी खड़वा टोला के समीप स्थित एनएच-727ए पर बने बहियारी पुल के नीचे दक्षिण दिशा में बह रहे नाले के गहरे कुंड में एक युवती का शव पानी में तैरता हुआ मिला।
स्थानीय लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। उस समय मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पहचान कराने के प्रयास शुरू कर दिए।
गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे तो खुला राज
मृतका के बड़े पिता राधेकृष्ण ने बताया कि परिवार लगातार मन्नत की तलाश कर रहा था। जब कहीं से कोई जानकारी नहीं मिली तो 2 जुलाई को बनकटा थाने पहुंचकर उसकी गुमशुदगी की तहरीर दी गई।
गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले से मिले अज्ञात शव की जानकारी परिजनों को दी और उन्हें देवरिया ले जाकर शव दिखाया। वहां परिवार ने शव की पहचान मन्नत कुमारी के रूप में की।
शव की पहचान होते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
दुबई से लौटे पिता, बोले— किसी से नहीं थी कोई रंजिश
मन्नत के पिता बांके बिहारी रोजगार के सिलसिले में दुबई में रहते हैं। बेटी की मौत की सूचना मिलते ही वह तुरंत भारत लौट आए।
उन्होंने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं था। मन्नत पढ़ाई में रुचि रखने वाली सामान्य छात्रा थी और परिवार का किसी के साथ ऐसा कोई विवाद भी नहीं था, जिससे किसी प्रकार की आशंका जताई जा सके।
उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
मां बोलीं— दो दिन तक हर जगह बेटी को ढूंढते रहे
मृतका की मां मिथलेश देवी ने बताया कि बेटी के घर नहीं लौटने के बाद परिवार ने हर संभावित स्थान पर उसकी तलाश की। रिश्तेदारों, सहेलियों और परिचितों से भी लगातार संपर्क किया गया, लेकिन कहीं से कोई जानकारी नहीं मिली।
जब सभी प्रयास विफल हो गए तो परिवार पुलिस के पास पहुंचा। वहां अज्ञात शव की जानकारी मिलने के बाद पहचान की प्रक्रिया पूरी हुई और यह पुष्टि हुई कि शव उनकी बेटी का ही है।
मां का कहना है कि परिवार आज भी इस सवाल का जवाब तलाश रहा है कि आखिर उनकी बेटी के साथ क्या हुआ।
पुलिस के सामने कई अनसुलझे सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि मन्नत घर से निकलने के बाद किन परिस्थितियों में बहियारी पुल तक पहुंची। क्या वह स्वयं वहां गई थी या कोई उसे वहां लेकर गया? क्या उसकी मौत दुर्घटना का परिणाम है, आत्महत्या है या फिर किसी आपराधिक घटना से जुड़ी हुई है? इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां मृतका की गतिविधियों, उसके संपर्कों, मोबाइल फोन की जानकारी और घटनास्थल से जुड़े अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण कर रही हैं, ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ी सामने आ सके।
हर एंगल से जांच कर रही है पुलिस
बनकटा थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मौर्य ने बताया कि शव की पहचान हो चुकी है। फिलहाल परिजनों की ओर से किसी व्यक्ति पर संदेह नहीं जताया गया है और न ही ऐसी कोई जानकारी मिली है, जिससे जांच को किसी एक दिशा में केंद्रित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पर टिकी हैं निगाहें
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर निर्भर है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक युवती की मौत की असली वजह रहस्य बनी रहेगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घर से सामान्य काम के लिए निकले लोगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाली अप्रत्याशित घटनाओं की सच्चाई तक पहुंचना कितना महत्वपूर्ण है। मन्नत के परिजन अब केवल यही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जांच निष्पक्ष और शीघ्र पूरी हो, ताकि उनकी बेटी की मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके और यदि किसी की भूमिका पाई जाती है तो उसे कानून के दायरे में लाया जा सके।









