मानवीय मूल्य
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शख्शियत
अल्हड़ चेहरे के पीछे खड़ा एक शांत हिमालय ; जोगिंदर सिंह ‘कालू’
जीवनगाथा | अनिल अनूप✍️ जनगणदूत चौदह वर्षों की आत्मीय अनुभूति एवं प्रत्यक्ष अनुभव के आधार पर वरिष्ठ लेखक एवं संपादक…
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साहित्यिक विश्लेषण
नरेन्द्र चंचल का अमर गीत ‘बेशक मंदिर–मस्जिद तोड़ो…’: आधुनिक जीवन में प्रेम, मानवता और सूफी दर्शन की कालजयी पुकार
अनिल जनगणदूत के साप्ताहिक स्तम्भ “गीतों की वैज्ञानिक यात्रा” के तीसरे अंक में आपका स्वागत है। इस श्रृंखला का उद्देश्य…
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समीक्षा
“कवितांजलि” : संवेदनाओं, सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों का सजग काव्य-दर्पण
समीक्षक : अनिल अनूप हिंदी साहित्य की समकालीन काव्यधारा में जब संवेदनाओं का क्षरण, सामाजिक विघटन और मानवीय मूल्यों का…
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