एक वृक्ष मां के नाम: सलेमपुर के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में वन महोत्सव, छात्रों को बांटे गए पौधे
'आम भंडार आपके द्वार' अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश, जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर
रिपोर्ट: इरफान अली लारी
सलेमपुर। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और लोगों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से सलेमपुर क्षेत्र के कौड़िया स्थित राष्ट्रीय इंटरमीडिएट कॉलेज में वन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ‘आम भंडार आपके द्वार’ अभियान के तहत किया गया, जिसमें ‘एक वृक्ष मां के नाम’ संकल्प के साथ परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को पौधे वितरित कर उन्हें अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम के प्रतिनिधि राम मनोहर शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं मंडल अध्यक्ष पुनीत यादव और राजीव मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और छात्रों को पौधों की देखभाल का संकल्प भी दिलाया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण है सबसे प्रभावी उपाय
मुख्य अतिथि राम मनोहर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में वृक्षों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्याओं से पूरी दुनिया जूझ रही है। इन चुनौतियों का सबसे सरल और प्रभावी समाधान अधिक से अधिक वृक्ष लगाना है।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूरे देशवासियों से ‘एक वृक्ष मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण करने का आह्वान किया है। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।
कोरोना काल ने समझाया ऑक्सीजन और वृक्षों का महत्व
विशिष्ट अतिथि एवं मंडल अध्यक्ष पुनीत यादव ने अपने संबोधन में कोरोना महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय पूरी दुनिया ऑक्सीजन की कमी से जूझ रही थी। तब लोगों को पहली बार प्रकृति और वृक्षों के वास्तविक महत्व का एहसास हुआ।
उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल छाया या फल देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व का आधार हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें।
धरती के सबसे बड़े रक्षक हैं वृक्ष
उप प्रभागीय वन अधिकारी के.सी. चन्द्रशेखर ने कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन उपलब्ध कराने वाले प्राकृतिक स्रोत नहीं हैं, बल्कि पूरी पृथ्वी के संतुलन को बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वृक्ष जल संरक्षण, जैव विविधता, मिट्टी के कटाव को रोकने और वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में भी अहम योगदान देते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि आज बड़े स्तर पर वृक्षारोपण नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए वन विभाग लगातार जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
छात्रों को वितरित किए गए पौधे, संरक्षण का दिलाया संकल्प
वन महोत्सव के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं के बीच विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण किया गया। उन्हें बताया गया कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। विद्यार्थियों ने पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया तथा भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का भरोसा दिलाया।
विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों के माध्यम से छात्रों को प्रकृति से जुड़ने और हरित वातावरण विकसित करने का संदेश भी दिया गया।
विद्यालय प्रबंधन ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंधक रमेश चंद्र मिश्र ने सभी अतिथियों, वन विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा ताकि विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे अधिकारी और गणमान्य लोग
वन महोत्सव कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मनोज कुमार कुशवाहा, वन क्षेत्राधिकारी गौतम मौर्य, वन विभाग के सब इंस्पेक्टर अनूप गोड़, श्री प्रकाश त्रिपाठी, सुनील कुमार गौतम, डॉ. योगेंद्र यादव सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पौधारोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से मिलेगा बल
कार्यक्रम में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। यदि हर नागरिक प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो हरित भारत का सपना साकार किया जा सकता है। ‘एक वृक्ष मां के नाम’ जैसे अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करेंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखेंगे।









