देवरिया

कस्तूरबा विद्यालय पहुंचे डीएम-एसपी, छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं का लिया जायजा

छात्रावास से लेकर भोजन व्यवस्था तक की गहन जांच, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जिले में छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा और आवासीय व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी एवं पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने मंगलवार को रामपुर कारखाना स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने विद्यालय में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों, छात्रावास व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था और छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का विस्तार से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए कक्षाओं, छात्रावास, भोजनालय तथा अन्य व्यवस्थाओं को करीब से देखा। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर उनकी पढ़ाई, भोजन और रहने की सुविधाओं के बारे में जानकारी भी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पठन-पाठन की गुणवत्ता पर विशेष जोर

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने विद्यालय प्रशासन को निर्देशित करते हुए कहा कि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विद्यालय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शिक्षकों से नियमित कक्षाएं संचालित करने तथा छात्राओं की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए अनुशासित एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कक्षाओं में जाकर छात्राओं से सवाल-जवाब भी किए और उनकी शैक्षणिक प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होना बेहद जरूरी है ताकि छात्राएं आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।

भोजन एवं राशन की गुणवत्ता जांची

विद्यालय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्रावास में उपलब्ध कराए जा रहे भोजन एवं राशन की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया। उन्होंने रसोईघर का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई की स्थिति देखी तथा भोजन बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने छात्राओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि छात्राओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल और संतुलित आहार उपलब्ध कराना विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि भोजन की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

छात्रावास व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान छात्रावास की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने छात्राओं के रहने वाले कमरों, शौचालयों और पेयजल सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्राओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि छात्रावास में नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के सभी मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर विद्यालय परिसर में सतर्क निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

छात्राओं की सुरक्षा पर प्रशासन गंभीर

पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने भी विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय प्रशासन से छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े प्रबंधों के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं से संवाद करते हुए उन्हें आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करने और किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत शिक्षकों या प्रशासन को देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परिसर में नियमित सफाई अभियान चलाया जाए ताकि छात्राओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण न केवल स्वास्थ्य के लिए जरूरी है बल्कि बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने में भी सहायक होता है।

उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि परिसर में जलभराव, गंदगी या अन्य अव्यवस्थाएं बिल्कुल न रहने पाएंगी। साथ ही छात्राओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए गए।

शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी

जिलाधिकारी ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय जैसी संस्थाएं समाज की बेटियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसलिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि छात्राओं के बेहतर भविष्य के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों की रही मौजूदगी

निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार पांडेय सहित विद्यालय प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।

 

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