सलेमपुर पुलिस की बड़ी सफलता : ट्रक से 50 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद, बिहार के दो तस्कर गिरफ्तार
इरफान अली लारी की रिपोर्ट
देवरिया। उत्तर प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देवरिया पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जनपद के सलेमपुर क्षेत्र में पुलिस ने एक ट्रक से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद शराब बिहार ले जाई जा रही थी, जहां शराबबंदी लागू होने के कारण अवैध शराब की तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय बना हुआ है।
पुलिस के अनुसार, पकड़ी गई शराब की कुल मात्रा 432 लीटर है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 3.12 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
अपराध और तस्करी के खिलाफ चल रहा है विशेष अभियान
पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजीत आर. शंकर के निर्देश पर जिले भर में अपराध नियंत्रण, मादक पदार्थों और अवैध शराब की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना सलेमपुर पुलिस द्वारा क्षेत्र में लगातार निगरानी और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी।
अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने रात के समय सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली।
थाना गेट के सामने चेकिंग के दौरान पकड़ा गया ट्रक
पुलिस टीम 12 और 13 जून की मध्य रात्रि थाना सलेमपुर के सामने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक पुलिस की नजर में आया। वाहन की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उसे रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान ट्रक के भीतर बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब रखी हुई मिली। जब पुलिस ने गहन जांच की तो पता चला कि ट्रक में कुल 50 पेटियां शराब लदी हुई थीं। यह शराब बिहार ले जाई जा रही थी, जहां अवैध रूप से इसकी बिक्री की योजना थी।
50 पेटियों में मिली ऑफिसर्स च्वाइस शराब
बरामद शराब प्रसिद्ध ब्रांड ऑफिसर्स च्वाइस की बताई गई है। पुलिस के अनुसार प्रत्येक पेटी में 48 पाउच रखे गए थे। इस प्रकार कुल 2400 पाउच बरामद किए गए।
गणना के अनुसार शराब की कुल मात्रा लगभग 432 लीटर निकली। बाजार मूल्य के आधार पर इसकी अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 12 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि यह खेप बिहार पहुंच जाती तो इससे अवैध कारोबारियों को भारी आर्थिक लाभ होता।
बिहार के रहने वाले हैं दोनों गिरफ्तार तस्कर
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक में मौजूद दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में उनकी पहचान बिहार राज्य के सिवान जिले के निवासियों के रूप में हुई।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं— अनुप चौहान, पुत्र कोमल चौहान, निवासी नोनिया टोला, पोस्ट हरनाटार, थाना दरौली, जिला सिवान (बिहार), उम्र लगभग 20 वर्ष।
अरुण पासवान, पुत्र साधू मांझी, निवासी नोनिया टोला, पोस्ट हरनाटार, थाना दरौली, जिला सिवान (बिहार), उम्र लगभग 19 वर्ष।
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे बिहार में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो उत्तर प्रदेश से शराब खरीदकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचता है।
गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के आधार पर पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मुकदमा
सलेमपुर थाना पुलिस ने बरामदगी के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस टीम की सतर्कता से मिली सफलता
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम का नेतृत्व प्रभारी थानाध्यक्ष एवं उपनिरीक्षक दीप नारायण यादव ने किया। उनके साथ उपनिरीक्षक विवेक यादव, हेड कांस्टेबल रामबहादुर सिंह यादव तथा आरक्षी गोपाल कुशवाहा भी मौजूद रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की सतर्कता और सक्रियता के कारण एक बड़ी अवैध शराब खेप बिहार पहुंचने से पहले ही पकड़ ली गई।
अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
देवरिया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब की तस्करी, मादक पदार्थों की बिक्री और अन्य संगठित अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना और समाज में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।
सलेमपुर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अवैध शराब तस्करों के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि पुलिस की निगरानी से बचकर अपराध करना अब आसान नहीं रह गया है।








