देवरिया

दुल्हन ने पहनाई वरमाला, फिर कुछ ही मिनटों में सामने आया ऐसा सच कि हर कोई रह गया दंग

गोरखपुर लुटेरी दुल्हन गैंग का यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में शादी के नाम पर सक्रिय एक अंतरराज्यीय गिरोह ने राजस्थान से आए दूल्हे के परिवार को पहले शादी का झांसा दिया, फिर वरमाला के तुरंत बाद फर्जी पुलिस बनकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। गोरखपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कथित दुल्हन समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला शादी के नाम पर होने वाली ठगी और फर्जी पुलिस के जरिए वसूली करने वाले गिरोहों से सावधान रहने की बड़ी चेतावनी है।

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

गोरखपुर। शादी का दिन किसी भी परिवार के लिए सबसे खुशी का अवसर होता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक परिवार के लिए यही खुशी कुछ ही मिनटों में डर, ठगी और धोखे की दर्दनाक कहानी में बदल गई। राजस्थान से अपने बेटे की शादी कराने पहुंचे परिवार ने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिस दुल्हन को वे अपने घर की बहू बनाकर ले जाने आए हैं, वही कथित तौर पर एक ऐसे गिरोह का हिस्सा निकलेगी, जो शादी के नाम पर लोगों को जाल में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी करता है।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस ने इस कथित अंतरराज्यीय गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में वह युवती भी शामिल है, जिसने दूल्हे के गले में वरमाला डाली थी।

राजस्थान से गोरखपुर तक पहुंचा था रिश्ता

जानकारी के अनुसार, राजस्थान के कोटा निवासी मुकेश मीणा अपने भाई ब्रह्ममोहन मीणा के लिए योग्य लड़की की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात हरियाणा के रहने वाले एक बिचौलिए राजू शर्मा से हुई। उसने गोरखपुर की तीन युवतियों की तस्वीरें दिखाईं और दावा किया कि सभी अच्छे परिवारों से हैं।

तस्वीरें पसंद आने के बाद बातचीत आगे बढ़ी और शादी तय हो गई। तय तारीख पर दूल्हे का परिवार 12 मार्च को गोरखपुर पहुंचा, जहां शादी की सभी तैयारियां पहले से कर रखी गई थीं।

नकली रिश्तेदारों ने नहीं होने दिया किसी को शक

पुलिस के अनुसार, गिरोह ने पूरे आयोजन को असली शादी जैसा दिखाने के लिए हर इंतजाम किया था। एक स्थानीय महिला को दुल्हन की मौसी बनाकर परिवार से मिलवाया गया। रिश्तेदारों की तरह व्यवहार किया गया, जिससे दूल्हे पक्ष को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ।

शादी की रस्में शुरू हुईं और आखिरकार दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर पहुंचे। दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। परिवार खुश था कि विवाह की सबसे अहम रस्म पूरी हो चुकी है।

लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि असली खेल अब शुरू होने वाला है।

जयमाल के कुछ ही मिनट बाद पहुंच गई ‘पुलिस’

वरमाला के तुरंत बाद शादी समारोह में अचानक कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहनकर पहुंच गए। उनमें से एक व्यक्ति खुद को सब-इंस्पेक्टर बताने लगा, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य लोग सिपाही और होमगार्ड की वर्दी में थे।

उन्होंने आते ही शादी को अवैध बताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। दूल्हे और उसके भाई पर गंभीर कार्रवाई की धमकी दी गई। नकली पुलिसकर्मियों ने कहा कि सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।

अजनबी शहर में पहुंचे दूल्हे के परिवार के लिए यह स्थिति बेहद भयावह थी। पुलिस की वर्दी देखकर उन्हें लगा कि मामला वास्तव में गंभीर है।

डर का फायदा उठाकर की गई मोटी वसूली

आरोप है कि गिरोह ने कानूनी कार्रवाई और बदनामी का डर दिखाकर दूल्हे के परिवार पर समझौते का दबाव बनाया। मामले को वहीं खत्म करने के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूल ली गई।

रकम लेने के बाद कथित दुल्हन भी गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ वहां से गायब हो गई। कुछ समय बाद जब परिवार ने पूरी घटना पर गौर किया, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे एक सुनियोजित ठगी का शिकार हो चुके हैं।

राजस्थान में दर्ज हुई जीरो एफआईआर

घटना के बाद पीड़ित परिवार राजस्थान लौट गया और वहां पुलिस से शिकायत की। चूंकि वारदात गोरखपुर में हुई थी, इसलिए राजस्थान पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर केस को गोरखपुर के चिलुआताल थाने भेज दिया।

इसके बाद गोरखपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में जुट गई।

पुलिस ने ऐसे किया पूरे गिरोह का पर्दाफाश

जांच के दौरान पुलिस ने कई अहम सुराग जुटाए और जाल बिछाकर गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में कथित मास्टरमाइंड अंकुर सिंह भी शामिल है, जिस पर नकली सब-इंस्पेक्टर बनकर दूल्हे के परिवार को डराने का आरोप है।

पुलिस ने उस युवती नीलम को भी गिरफ्तार किया, जिसने शादी के मंच पर दूल्हे के साथ वरमाला की रस्म निभाई थी। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था। इसके निशाने पर राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के परिवार भी थे।

गिरोह पहले बिचौलियों के माध्यम से रिश्ता तय करता था। इसके बाद दूल्हे पक्ष को दूसरे राज्य में बुलाया जाता, जहां नकली रिश्तेदारों के जरिए शादी का माहौल तैयार किया जाता। वरमाला के बाद नकली पुलिस की एंट्री कराकर डर पैदा किया जाता और फिर समझौते के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए जाते।

पुलिस ने लोगों को किया सतर्क

चिलुआताल पुलिस का कहना है कि शादी तय करने से पहले लड़की और उसके परिवार की पूरी जानकारी की जांच करना बेहद जरूरी है। यदि रिश्ता किसी बिचौलिए के माध्यम से तय हो रहा हो, तो उसके दावों पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि दूसरे राज्य में शादी करने से पहले स्थानीय स्तर पर सत्यापन अवश्य कराएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

बढ़ रहे हैं ऐसे गिरोह, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

देश के अलग-अलग हिस्सों से समय-समय पर लुटेरी दुल्हन गिरोहों के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे गिरोह शादी जैसी सामाजिक व्यवस्था का फायदा उठाकर लोगों की भावनाओं और भरोसे से खेलते हैं।

गोरखपुर का यह मामला भी बताता है कि ठग अब बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। नकली रिश्तेदार, फर्जी दस्तावेज, पुलिस की वर्दी और पूरा माहौल तैयार कर वे लोगों को विश्वास में लेते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि शादी जैसे महत्वपूर्ण फैसले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। पूरी जांच-पड़ताल, पहचान का सत्यापन और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाना भविष्य में होने वाली बड़ी ठगी से बचा सकता है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस गिरोह ने इसी तरह कई अन्य राज्यों में भी लोगों को अपना शिकार बनाया हो सकता है। पुलिस अब इनके नेटवर्क और पुराने मामलों की भी पड़ताल कर रही है।

 

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