किसानों की सात सूत्रीय मांगों पर गरजी भारतीय किसान यूनियन, अवैध खनन बंद नहीं हुआ तो होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन
सुरीर कट, सड़क चौड़ीकरण और यमुना क्षेत्र में अवैध खनन रोकने की मांग ; महापंचायत में किसानों ने सरकार को चेताया
ठाकुर के.के. सिंह की रिपोर्ट
Mathura ओहवा भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित विशाल महापंचायत में किसानों और मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। महापंचायत में क्षेत्र के किसान नेताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने सरकार एवं प्रशासन से किसानों की सात सूत्रीय मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
महापंचायत में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष ठाकुर किरण पाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर के.के. सिंह, प्रदेश सचिव सुरेश सिंह चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर नरेंद्र सिंह, जिला प्रभारी ठाकुर विष्णु प्रताप सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद सिंह राणा, प्रांतीय अध्यक्ष महावीर स्वामी, प्रांतीय सचिव सतेंद्र प्रताप राघव, ओहावा के पूर्व प्रधान रामवीर सिंह, डॉ. शिवनारायण सिंह, लोकगायक रामेश्वर नौहवार, अनीता चौधरी सहित बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
महापंचायत के दौरान किसानों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार किसानों की जायज मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।
किसानों और मजदूरों के हितों की लड़ाई जारी रहेगी
प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर के.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय किसान यूनियन हमेशा किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और भविष्य में भी पूरी मजबूती के साथ यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी परिस्थिति में किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा। किसानों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और उनके समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसान अनेक समस्याओं से जूझ रहा है, जिनका समाधान प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। किसानों की आय, खेती, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना होगा।
अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग
राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. किरण पाल सिंह ने कहा कि क्षेत्र में यमुना नदी के आसपास लगातार हो रहा अवैध खनन पर्यावरण और किसानों दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन के कारण नदी का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो रहा है, जिससे कृषि भूमि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसका दुष्परिणाम पूरे क्षेत्र को भुगतना पड़ेगा।
सुरीर कट और सड़क चौड़ीकरण की भी उठी मांग
महापंचायत में वक्ताओं ने सुरीर क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण विकास कार्यों को भी प्रमुखता से उठाया। किसानों ने मांग की कि सुरीर पर आवश्यक कट बनाया जाए ताकि स्थानीय लोगों और किसानों को आवागमन में सुविधा मिल सके।
इसके साथ ही सुरीर-ओहावा-विधोनी मार्ग का चौड़ीकरण कराने की भी मांग रखी गई। किसानों का कहना था कि यह सड़क लंबे समय से जर्जर एवं संकरी होने के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। सड़क चौड़ी होने से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा तथा कृषि उत्पादों के परिवहन में भी सुविधा होगी।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कार्यक्रम के संयोजक कर्नल सिंह सिकरवार ने कहा कि यमुना मैया के तटवर्ती क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनन को तत्काल बंद कराया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अवैध खनन नहीं रुका और किसानों की मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो भारतीय किसान यूनियन मांट तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि संगठन शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहा है, लेकिन यदि किसानों की आवाज को अनसुना किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा।
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
महापंचायत में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की और कहा कि यदि समाधान नहीं हुआ तो संगठन आगामी रणनीति के तहत बड़े आंदोलन की घोषणा करेगा।
भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने दोहराया कि संगठन किसानों की हर जायज मांग को लेकर निरंतर संघर्ष करता रहेगा और किसी भी स्तर पर किसानों के हितों की उपेक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी।








