बशीर बद्र की शायरी
-
शख्शियत
बशीर बद्र : मुहब्बत, इंसानियत और उम्मीद का वह शायर जिसकी ग़ज़लें कभी बूढ़ी नहीं होतीं
विवेक शुक्ला उर्दू शायरी की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं जो केवल शायर नहीं रहते, बल्कि एक दौर,…
Read More » -
संपादकीय
जब घर जला तो शेर अमर हो गया : बशीर बद्र, दंगे और हमारी सामूहिक विफलता
अनिल अनूप, संपादक भारतीय उपमहाद्वीप की साहित्यिक परंपरा में कुछ शायर ऐसे होते हैं जिनकी रचनाएं केवल कागज पर लिखे…
Read More »