गुटखे के खाली पैकेट से खुला मासूम की हत्या का राज, चार वर्षीय बच्ची की हत्या के आरोपी तक ऐसे पहुंची पुलिस
रामकीर्ति यादव की रिपोर्ट
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में चार वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या के मामले का खुलासा पुलिस ने बेहद सूक्ष्म जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर किया है। एक शादी समारोह से लापता हुई बच्ची का शव अगले दिन गांव के बाहर सरपत के झुरमुट में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआती जांच में यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड केस माना जा रहा था, लेकिन घटनास्थल पर मिले एक गुटखे के खाली पैकेट और आरोपी के खून से सने कपड़ों ने पुलिस को उस व्यक्ति तक पहुंचा दिया, जिसने इस जघन्य वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से जांच की गई और अब आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई कराने तथा आवश्यक कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
शादी समारोह से अचानक लापता हो गई मासूम
जानकारी के अनुसार, चार वर्षीय बच्ची अपनी मां के साथ गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी। रविवार रात समारोह के दौरान खेलते-खेलते वह अचानक गायब हो गई। परिवार और ग्रामीणों ने देर रात तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
अगली सुबह गांव की एक महिला शौच के लिए सरपत के खेतों की ओर गई तो उसे वहां एक बच्ची का शव दिखाई दिया। महिला के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बाद में परिजनों ने शव की पहचान अपनी लापता बेटी के रूप में की। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
ब्लाइंड केस की जांच के लिए बनाई गई विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में विशेष जांच टीम गठित की। टीम में अपराध अनुसंधान में अनुभवी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया। स्थानीय थाने के साथ-साथ पहले वहां कार्य कर चुके अनुभवी अधिकारियों की भी मदद ली गई ताकि जांच के हर पहलू को गहराई से परखा जा सके।
पुलिस ने शादी समारोह में मौजूद लोगों से पूछताछ, घटनास्थल का निरीक्षण, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण और अन्य संभावित पहलुओं पर समानांतर जांच शुरू की।
घटनास्थल पर मिला गुटखे का पैकेट बना अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के पास एक विशेष ब्रांड का गुटखे का खाली पैकेट मिला। सामान्य दिखने वाला यह साक्ष्य बाद में पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ।
पुलिस ने गांव की दुकानों पर जाकर जानकारी जुटाई कि यह गुटखा नियमित रूप से कौन खरीदता है। पूछताछ में एक ग्रामीण साहबलाल निषाद का नाम सामने आया, जिसके बारे में लोगों ने बताया कि वह अक्सर इसी ब्रांड का गुटखा खाता है और उसका व्यवहार भी असामान्य माना जाता है। यहीं से पुलिस की जांच ने नई दिशा पकड़ ली।
घर पहुंची पुलिस को मिले खून के निशान
संदेह के आधार पर पुलिस टीम साहबलाल के घर पहुंची। वहां वह सामान्य तरीके से खाना बनाता मिला। तलाशी के दौरान पुलिस की नजर सूखने के लिए डाले गए कुछ गीले कपड़ों पर पड़ी।
करीब से जांच करने पर उन कपड़ों पर खून जैसे धब्बे दिखाई दिए। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि कपड़ों को धोकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। घर से उसी ब्रांड के गुटखे के पैकेट भी बरामद हुए, जो घटनास्थल पर मिले पैकेट से मेल खाते थे। इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
मां ने भी आरोपी की पहचान की
जांच के दौरान बच्ची की मां ने पुलिस को बताया कि शादी से एक दिन पहले आरोपी बच्ची को गोद में लेकर खेल रहा था। यह देखकर उन्होंने तुरंत अपनी बेटी को अपने पास बुला लिया था और आरोपी को वहां से हट जाने के लिए कहा था।
जब पुलिस ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति को परिजनों के सामने लाया तो बच्ची की मां ने उसे पहचान लिया। इस जानकारी ने पुलिस के संदेह को और मजबूत कर दिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया अपराध
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती पूछताछ में आरोपी लगातार बयान बदलता रहा और जांच को भ्रमित करने की कोशिश करता रहा। हालांकि साक्ष्यों के आधार पर की गई गहन पूछताछ के बाद वह टूट गया और उसने बच्ची को अपने साथ ले जाने तथा उसकी हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस अब उसके बयान की पुष्टि अन्य भौतिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कर रही है। साथ ही घटनास्थल का पुनर्निर्माण (सीन रिक्रिएशन) भी कराया जाएगा ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि
पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि बच्ची की मौत गला दबाने से हुई। यौन उत्पीड़न के संबंध में अंतिम पुष्टि के लिए मेडिकल और फोरेंसिक जांच की प्रक्रिया जारी है। यदि जांच में संबंधित तथ्यों की पुष्टि होती है तो मुकदमे में आवश्यक धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।
आरोपी के व्यवहार की भी हो रही जांच
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों और उसके मोबाइल फोन की भी जांच की। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और अन्य पहलुओं का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि अदालत में उपलब्ध सभी प्रमाणों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया जा सके। साथ ही आरोपी के सामाजिक व्यवहार और आपराधिक पृष्ठभूमि की भी पड़ताल की जा रही है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द सुनवाई का प्रयास
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह अत्यंत संवेदनशील और गंभीर मामला है। इसलिए विवेचना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय स्थापित कर मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने का प्रयास किया जाएगा ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।
इसके अलावा उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के अनुसार आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गांव में शोक और आक्रोश का माहौल
इस घटना के बाद पूरे गांव में गहरा शोक और आक्रोश है। मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। ग्रामीणों ने दोषी को कठोरतम सजा दिए जाने की मांग की है। वहीं परिजन अब केवल यही चाहते हैं कि उनकी बेटी को जल्द न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है। वैज्ञानिक साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपपत्र तैयार किया जाएगा ताकि अदालत में अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत रहे और दोषी को कानून के अनुसार कठोर दंड मिल सके।









