चित्रकूट

पत्रकारों की एकजुटता ही अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत, राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त मंच ने बनाई नई रणनीति

गोरखपुर में आयोजित विशेष मंथन बैठक में पत्रकार हितों, संगठन की मजबूती और भविष्य की कार्ययोजना पर हुआ व्यापक विचार-विमर्श

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

गोरखपुर। बदलते मीडिया परिदृश्य में पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान को लेकर देशभर के पत्रकार संगठनों के बीच एकजुटता की आवश्यकता पर जोर देते हुए भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति एवं सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय स्तर के संयुक्त मंच की एक विशेष मंथन बैठक गोरखपुर में आयोजित की गई। बैठक में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकार प्रतिनिधियों ने भाग लेकर संगठन की मजबूती, पत्रकार हितों की रक्षा तथा भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक का आयोजन गोरखपुर स्थित द इंडिया न्यूज कार्यालय में किया गया, जहां विभिन्न पदाधिकारियों और वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने विचार रखते हुए पत्रकारों के सामने मौजूद चुनौतियों और उनके समाधान पर मंथन किया।

पत्रकारों की एकता से ही मजबूत होगी आवाज : सरदार दिलावर सिंह

बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार समन्वय समिति एवं सोशल मीडिया पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय संयोजक सरदार दिलावर सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों के सामने अनेक प्रकार की चुनौतियां मौजूद हैं। ऐसे समय में पत्रकार समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता आपसी एकता और संगठनात्मक मजबूती है।

उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में पत्रकारों के नाम पर अनेक संगठन सक्रिय हैं। इनमें मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों के अलग-अलग संगठन अपने स्तर पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन जब तक सभी संगठन साझा उद्देश्य के साथ एक मंच पर नहीं आएंगे, तब तक पत्रकार हितों से जुड़े बड़े मुद्दों का प्रभावी समाधान संभव नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार समाज अपनी सामूहिक शक्ति का प्रदर्शन करेगा तो सरकार और प्रशासन भी उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने के लिए बाध्य होंगे। इसलिए समय की मांग है कि सभी पत्रकार संगठन मतभेद भुलाकर पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करें।

पत्रकार कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता

राष्ट्रीय संयोजक ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष या संस्था विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि पत्रकारों के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और समाज को सही दिशा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा, आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि संगठन आने वाले समय में पत्रकारों की समस्याओं को शासन और प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने के लिए व्यापक अभियान चलाएगा।

स्थापना काल से पत्रकारों के साथ खड़ा है संगठन : डॉ. सतीश चंद्र शुक्ला

बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्र शुक्ला ने कहा कि पत्रकार महासंघ अपनी स्थापना के समय से ही पत्रकारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देता आया है। संगठन ने विभिन्न अवसरों पर जरूरतमंद पत्रकारों की आर्थिक सहायता भी की है और आगे भी यह कार्य निरंतर जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि संगठन की सभी योजनाएं और नीतियां पत्रकारों के हितों को केंद्र में रखकर तैयार की जाती हैं। पत्रकारों के सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक हितों की रक्षा के लिए संगठन लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि पत्रकार समाज के सामने आने वाली नई चुनौतियों को देखते हुए संगठन भविष्य में और अधिक प्रभावी योजनाएं लागू करेगा, जिससे पत्रकारों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

संगठन विस्तार और समन्वय पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान संगठन के विस्तार, सदस्यता अभियान, जिला एवं तहसील स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने तथा विभिन्न मीडिया माध्यमों से जुड़े पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि आज मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ डिजिटल और सोशल मीडिया की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सभी माध्यमों से जुड़े पत्रकारों को समान सम्मान और अवसर मिलना चाहिए। संगठन का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक पत्रकार की समस्याओं को समान रूप से सुना जाए और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।

विभिन्न पदाधिकारियों ने रखे अपने विचार

बैठक में संगठन के मंडल अध्यक्ष कृष्णचंद्र चौधरी, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष पंचानन पाण्डेय, जिला उपाध्यक्ष संजय मिश्रा, सदर तहसील अध्यक्ष बबलू सिंह प्रजापति तथा रामेश्वर मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

सभी वक्ताओं ने पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, सामाजिक संरक्षण और संगठनात्मक एकजुटता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार एक मंच पर संगठित होकर कार्य करेंगे तो उनकी समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से संभव हो सकेगा।

पत्रकारों के हितों के लिए निरंतर प्रयास का संकल्प

बैठक के अंत में उपस्थित पदाधिकारियों और पत्रकारों ने यह संकल्प लिया कि संगठन पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर निरंतर सक्रिय रहेगा। साथ ही देशभर के पत्रकार संगठनों के बीच समन्वय स्थापित कर एक मजबूत राष्ट्रीय मंच तैयार करने की दिशा में प्रयास और तेज किए जाएंगे।

बैठक का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि पत्रकार समाज की एकजुटता ही उनके अधिकारों की सबसे बड़ी ताकत है और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से पत्रकारों के हितों की प्रभावी रक्षा की जा सकती है। संगठन ने भविष्य में भी इसी उद्देश्य के साथ व्यापक स्तर पर संवाद, बैठकें और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया।

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