रिपोर्ट: ठाकुर बख्श सिंह
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त कार्रवाई में चार राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना कुख्यात अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू मारा गया। नाबालिग लड़कियों के अपहरण, दुष्कर्म, गैंगरेप, हत्या, लूट और रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में वांटेड इस अपराधी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, सतपाल पिछले कई महीनों से उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में सक्रिय था। उस पर दर्जनों संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वह लगातार अपनी पहचान बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा।
नाबालिग लड़की के अपहरण से खुला पूरा मामला
पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 19 जून को हुई, जब तितावी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी नाबालिग बेटी को एक कार सवार व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू कर दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कई विशेष टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान पुलिस ने लगभग एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। लगातार कई दिनों तक चली जांच के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस पर की फायरिंग
पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी एक बार फिर किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है। इसके बाद रुड़की रोड पर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया।
चेकिंग के दौरान संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया गया तो चालक ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग में सब-इंस्पेक्टर अजय गौड़ और सिपाही अंकित घायल हो गए।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान चली गोली सतपाल के दोनों पैरों में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अपहृत नाबालिग लड़की को सकुशल कराया गया बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी की कार की तलाशी ली, जिसमें अपहृत नाबालिग लड़की सुरक्षित अवस्था में मिल गई। पुलिस ने उसे तत्काल संरक्षण में लेकर उसके परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू की।
कार से एक पिस्टल, एक तमंचा, बड़ी संख्या में कारतूस, मोबाइल फोन, युवती के आभूषण, फर्जी आधार कार्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए। पुलिस इन बरामद वस्तुओं के आधार पर आरोपी के अन्य अपराधों की भी जांच कर रही है।
लुधियाना के सिविल अस्पताल से हुआ था फरार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सतपाल उर्फ सत्तू मूल रूप से चंडीगढ़ का रहने वाला था और वहां का हिस्ट्रीशीटर अपराधी माना जाता था। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, गैंगस्टर एक्ट, लूट, डकैती, रंगदारी और अवैध हथियार रखने सहित लगभग 30 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
बताया गया कि फरवरी 2026 में वह पंजाब के लुधियाना स्थित सिविल अस्पताल में पुलिस हिरासत के दौरान उपचार के लिए भर्ती था। इसी दौरान वह सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए फरार हो गया था। इसके बाद पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और चंडीगढ़ पुलिस उसकी तलाश में लगातार अभियान चला रही थी।
गरीब परिवारों की बेटियों को बनाता था निशाना
प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने जो जानकारी आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। जांच के अनुसार सतपाल खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाता था।
वह खुद को कभी सेना का जवान, कभी सरकारी कर्मचारी तो कभी प्रभावशाली व्यक्ति बताकर लोगों का विश्वास जीत लेता था। कई मामलों में वह गरीब परिवारों की छोटी-मोटी आर्थिक सहायता कर उनसे निकटता बढ़ाता था।
विश्वास कायम होने के बाद वह नौकरी दिलाने, बेहतर भविष्य बनाने या किसी अन्य बहाने से नाबालिग लड़कियों को अपने साथ ले जाता था। इसके बाद उन्हें सुनसान स्थानों, जंगलों या होटलों में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म करता था।
कई राज्यों में फैला था अपराध का नेटवर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लगातार एक राज्य से दूसरे राज्य में अपनी लोकेशन बदलता रहता था। फर्जी पहचान पत्रों और अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर वह पुलिस से बचने की कोशिश करता था। इसी कारण कई राज्यों की पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके साथ कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय था या वह अकेले ही इन वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस कर रही है पुराने मामलों की दोबारा जांच
अधिकारियों का कहना है कि सतपाल की मौत के बाद भी उसकी आपराधिक गतिविधियों की जांच जारी रहेगी। उसके मोबाइल फोन, दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके संपर्क किन लोगों से थे और कितने मामलों में उसकी संलिप्तता रही है।
इसके अलावा विभिन्न राज्यों में दर्ज गुमशुदगी, अपहरण और दुष्कर्म के पुराने मामलों का भी मिलान किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि जांच के दौरान कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी सफलता
मुजफ्फरनगर पुलिस इस कार्रवाई को बड़ी उपलब्धि मान रही है। लंबे समय से फरार इस इनामी अपराधी के मारे जाने से कई राज्यों की पुलिस को राहत मिली है। साथ ही, अपहृत नाबालिग लड़की की सुरक्षित बरामदगी को भी पुलिस अभियान की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और आरोपी से जुड़े हर पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है। यदि उसके किसी सहयोगी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।