दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट
गोंडा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। शुक्रवार को गोंडा में जनसंपर्क के दौरान उनका एक ऐसा वीडियो सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा है। मुस्लिम बस्ती से गुजरते समय एक मदरसे के बच्चों ने बृजभूषण शरण सिंह का स्वागत किया और उनके सामने ‘शेर आया-शेर आया’ के नारे लगाए। स्वागत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
बताया जा रहा है कि बृजभूषण शरण सिंह गोंडा के रघुकुल विद्यापीठ में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान नवाबगंज मार्ग पर एक मुस्लिम बस्ती से उनका काफिला गुजरा। वहां मौजूद मदरसे के बच्चों ने उन्हें देखकर उत्साह जताया। बच्चों ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया और नारे लगाए। इस अप्रत्याशित स्वागत का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई है।
मदरसे के बच्चों ने फूल-मालाओं से किया स्वागत
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बृजभूषण शरण सिंह के आसपास स्थानीय लोगों और बच्चों की मौजूदगी दिखाई दे रही है। वीडियो में बच्चों की ओर से ‘शेर आया-शेर आया’ के नारे सुनाई दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इस घटनाक्रम को बृजभूषण शरण सिंह के मौजूदा जनसंपर्क अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।
गोंडा में इन दिनों बृजभूषण शरण सिंह अपने क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। अदालत के हालिया फैसले के बाद उनके गृह जिले में समर्थकों की सक्रियता भी दिखाई दे रही है। अलग-अलग स्थानों पर उनके स्वागत के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आ रही हैं।
हालांकि, किसी वीडियो के वायरल होने मात्र से उससे जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो जाती। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के संदर्भ में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना सामने आया है कि बृजभूषण शरण सिंह के गोंडा दौरे के दौरान मदरसे के बच्चों ने उनका स्वागत किया और नारे लगाए।
3 अगस्त को दिल्ली की अदालत ने किया था बरी
बृजभूषण शरण सिंह का यह गोंडा दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त 2026 को उन्हें बरी कर दिया था। अदालत ने सह-आरोपी विनोद तोमर को भी बरी किया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अदालत ने मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को पर्याप्त न पाए जाने के आधार पर यह फैसला सुनाया।
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यह मामला वर्ष 2023 में देशभर में चर्चा का विषय बना था। महिला पहलवानों के विरोध प्रदर्शन के बाद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई और लंबे समय तक यह मामला राजनीतिक तथा खेल जगत में बहस का केंद्र बना रहा। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से दलीलें पेश की गईं। जुलाई 2026 में अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था।
अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह के गृह जिले गोंडा में उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। 6 अगस्त को गोंडा लौटने के दौरान अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर गोंडा तक स्वागत की तैयारियां की गई थीं। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया और कई स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए गए।
गोंडा लौटने के बाद लगातार जनसंपर्क
अदालत से बरी होने के बाद बृजभूषण शरण सिंह गोंडा में लगातार लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। उनके समर्थकों के मुताबिक यह दौर उनके लिए जनता के बीच दोबारा सक्रिय होने का समय है। इसी क्रम में वे विभिन्न इलाकों में पहुंच रहे हैं और स्थानीय लोगों से संवाद कर रहे हैं।
शुक्रवार को मुस्लिम बस्ती में सामने आया स्वागत इसी जनसंपर्क अभियान की एक कड़ी माना जा रहा है। खास बात यह रही कि स्वागत करने वालों में मदरसे के बच्चे भी शामिल थे। बच्चों द्वारा लगाए गए ‘शेर आया-शेर आया’ के नारों ने इस पूरे घटनाक्रम को सोशल मीडिया पर खासा चर्चित बना दिया।
बृजभूषण शरण सिंह लंबे समय से गोंडा और आसपास की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। कुश्ती की दुनिया से उनका जुड़ाव और भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका भी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाती रही है। राजनीतिक गतिविधियों और अपने बेबाक बयानों के कारण भी वे अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।
‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ को लेकर दिया था बयान
अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने सार्वजनिक मंच से अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर अपनी बात रखी थी। गोंडा के नंदिनी नगर महाविद्यालय में आयोजित ‘सत्यमेव जयते’ सम्मान समारोह में उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था।
उन्होंने कहा था कि पहलवानों से जुड़ा पूरा विवाद ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ की व्याख्या से आगे बढ़ा और उनके खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाया गया। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने किसी की साड़ी खींचने जैसा कोई काम नहीं किया। उनका कहना था कि मेडल पहनाते समय किसी को छू जाने की घटना को बड़ा मुद्दा बना दिया गया।
बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी कहा था कि यदि वे इस मामले में झुक जाते तो शायद विवाद समाप्त हो जाता, लेकिन उनके अनुसार इससे उनके चरित्र पर सवाल खड़ा होता। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया था।
वायरल वीडियो ने फिर बढ़ाई चर्चा
मुस्लिम बस्ती में मदरसे के बच्चों द्वारा बृजभूषण शरण सिंह के स्वागत का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे स्थानीय स्तर पर उनके प्रति दिखाई गई सद्भावना के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग राजनीतिक नजरिए से इसकी व्याख्या कर रहे हैं।
हालांकि, किसी भी वायरल वीडियो को उसके मूल संदर्भ के साथ देखना जरूरी है। वीडियो में दिखाई देने वाला स्वागत एक स्थानीय घटनाक्रम है और इसे व्यापक राजनीतिक निष्कर्ष से जोड़ने से पहले संबंधित परिस्थितियों को समझना आवश्यक है।
फिलहाल गोंडा में बृजभूषण शरण सिंह की सक्रियता लगातार बनी हुई है। अदालत के फैसले के बाद उनके समर्थकों का उत्साह और विभिन्न इलाकों में हो रहे स्वागत उनके गृह जिले में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसी कड़ी में मुस्लिम बस्ती में मदरसे के बच्चों का स्वागत और ‘शेर आया-शेर आया’ के नारे अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
गोंडा से दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट।

























