रिपोर्ट: इरफान अली लारी
देवरिया। सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमाशंकर राजभर की शिकायत के बाद रोपन छपरा-रतनपुरा लार मार्ग की गुणवत्ता को लेकर जांच शुरू हो गई है। गुरुवार को दिल्ली से पहुंची जांच कमेटी ने लार क्षेत्र के रोपन छपरा गांव स्थित उक्त सड़क का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच टीम ने सड़क की गुणवत्ता परखने के लिए मशीनों की मदद से तकनीकी जांच की और कंक्रीट सड़क का कोर टेस्ट भी कराया। जांच के दौरान निकाले गए सड़क निर्माण सामग्री के नमूने को सुरक्षित रखकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।
इस कार्रवाई के बाद सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय स्तर पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों की निगाह अब जांच रिपोर्ट पर टिकी है। माना जा रहा है कि प्रयोगशाला से आने वाली रिपोर्ट के आधार पर सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन हुआ है या नहीं, इसकी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
लोकसभा में सांसद ने उठाया था सड़क निर्माण का मुद्दा
रोपन छपरा-रतनपुरा लार मार्ग से जुड़ा मामला उस समय प्रमुखता से सामने आया, जब सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर ने चार अगस्त को लोकसभा में सड़क निर्माण को लेकर सवाल उठाया। सांसद ने सवाल के माध्यम से उस स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित किया, जिसमें सड़क का निर्माण कार्य पूरा हुए बिना ही कार्य पूर्ण होने का बोर्ड लगाए जाने की बात सामने आई थी।
सांसद के सवाल के बाद संबंधित मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित की गई। इसी क्रम में दिल्ली से जांच अधिकारियों की टीम देवरिया पहुंची और गुरुवार को मौके पर जाकर सड़क की वास्तविक स्थिति का तकनीकी परीक्षण किया।
सड़क निर्माण से जुड़े किसी भी विवाद में केवल मौके का दृश्य निरीक्षण ही पर्याप्त नहीं माना जाता। सड़क की मजबूती, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन की जांच के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी परीक्षण भी महत्वपूर्ण होता है। इसी वजह से जांच टीम ने मौके पर मशीनों के माध्यम से सड़क की जांच की।
मशीन से हुई सड़क की तकनीकी जांच
जांच के दौरान टीम ने रोपन छपरा-रतनपुरा लार मार्ग पर मशीन लगाकर सड़क की गुणवत्ता और निर्माण से संबंधित तकनीकी पहलुओं को परखा। विभागीय स्तर पर इस प्रक्रिया को एफडीआर जांच बताया गया। जांच टीम ने सड़क की सतह और निर्माण की स्थिति का परीक्षण करने के साथ ही कंक्रीट वाले हिस्से से कोर टेस्ट के लिए नमूना भी निकाला।
कोर टेस्ट सड़क की गुणवत्ता की तकनीकी जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसमें सड़क के कंक्रीट हिस्से से एक निर्धारित तरीके से नमूना निकाला जाता है। इसके बाद इस नमूने की प्रयोगशाला में जांच कर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मजबूती से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया जाता है।
मौके पर कोर टेस्ट के दौरान सड़क से निकली निर्माण सामग्री को जांच टीम ने सुरक्षित किया। बताया गया कि निकाले गए मलबे को सुखाने के बाद दिल्ली स्थित लैब में जांच के लिए भेजा गया है। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
दिल्ली की लैब में होगी नमूने की जांच
जांच टीम द्वारा सड़क से लिए गए नमूने को दिल्ली भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। प्रयोगशाला में नमूने की तकनीकी जांच के बाद यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।
सड़क निर्माण की गुणवत्ता से संबंधित जांच में लैब रिपोर्ट की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मौके पर हुई जांच से जहां सड़क की बाहरी एवं तकनीकी स्थिति का आकलन किया जाता है, वहीं प्रयोगशाला परीक्षण से निर्माण सामग्री की वास्तविक गुणवत्ता से जुड़े वैज्ञानिक तथ्य सामने आते हैं।
इसी कारण स्थानीय लोगों की नजर अब दिल्ली से आने वाली जांच रिपोर्ट पर है। यदि रिपोर्ट में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की कमी या निर्धारित मानकों से विचलन सामने आता है तो संबंधित स्तर पर आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जांच टीम में कई अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद
रोपन छपरा-रतनपुरा लार मार्ग की जांच के दौरान दिल्ली से आए जांच कमेटी के प्रमुख संजीव गुप्ता के साथ जावेद इकबाल, तारा सिंह और सूर्य प्रकाश सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा देवरिया के अधिशासी अभियंता आरई/एस रामप्रकाश यादव भी जांच प्रक्रिया के दौरान उपस्थित रहे।
सांसद की ओर से सांसद प्रतिनिधि मंजूर आलम और सांसद मीडिया प्रभारी अभिषेक शाही भी मौके पर मौजूद रहे। तकनीकी स्तर पर जेई टी.पी. गुप्ता सहित शिवा सिंह और विनोद सिंह समेत अन्य संबंधित लोग जांच के दौरान उपस्थित रहे।
टीम ने मौके पर सड़क की स्थिति का अवलोकन किया और तकनीकी प्रक्रिया के तहत नमूने एकत्र किए। पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही।
जांच रिपोर्ट से खुलेगा सड़क निर्माण की गुणवत्ता का राज
रोपन छपरा-रतनपुरा लार मार्ग को लेकर सांसद द्वारा लोकसभा में सवाल उठाए जाने के बाद हुई यह जांच क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खासतौर पर सड़क निर्माण पूरा होने से पहले कार्य पूर्ण होने का बोर्ड लगाए जाने के आरोप से जुड़े सवालों का जवाब जांच के बाद सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल जांच टीम ने मौके से नमूना लेकर उसे प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेज दिया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और निर्माण प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप रही या नहीं।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि तकनीकी जांच के बाद सड़क की वास्तविक गुणवत्ता सामने आएगी और यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसके सुधार की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, जांच रिपोर्ट आने तक सड़क निर्माण को लेकर लगाए जा रहे विभिन्न आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
सांसद रमाशंकर राजभर द्वारा लोकसभा में उठाए गए सवाल के बाद शुरू हुई जांच ने रोपन छपरा-रतनपुरा लार मार्ग को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब दिल्ली की प्रयोगशाला से आने वाली रिपोर्ट ही इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।

























