गुरु पूर्णिमा पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया पुजारियों का सम्मान, बताया भारतीय संस्कृति का प्रेरणादायी पर्व

देवरिया के भाटपार रानी स्थित मंदिरों में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भाजपा नेताओं ने पुजारियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। रिपोर्टर: इरफान अली लारी।

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाटपार रानी क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में पहुंचकर पुजारियों का सम्मान किया तथा भारतीय संस्कृति में गुरु परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मंदिरों में पूजन-अर्चन भी किया गया और समाज को गुरुजनों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का संदेश दिया गया।

गुरु पूर्णिमा को भारतीय संस्कृति में ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का पर्व माना जाता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भाजपा नेताओं ने क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में जाकर पुजारियों को अंगवस्त्र भेंट किए और उनके योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह जीवन को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक भी होता है। गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति अपने जीवन के उद्देश्य को समझ पाता है और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने योग्य बनता है।

दुर्गा मंदिर और राम जानकी मंदिर में हुआ सम्मान समारोह

भाटपार रानी उपनगर स्थित दुर्गा मंदिर और राम जानकी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री हरिचरण कुशवाहा तथा वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. अरविंद सहाय ने मंदिर के पुजारियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने गुरु परंपरा की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां गुरु को सदैव सर्वोच्च सम्मान दिया गया है।

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उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह भारतीय जीवन दर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व हमें अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। गुरु व्यक्ति के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और उसे सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

गुरु के बिना जीवन की कल्पना अधूरी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय मंत्री हरिचरण कुशवाहा ने कहा कि मानव जीवन में गुरु का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। माता-पिता जन्म देते हैं, लेकिन गुरु व्यक्ति के चरित्र, विचार और व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। गुरु के मार्गदर्शन के बिना जीवन की दिशा स्पष्ट नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर के समान सम्मान दिया गया है। यही कारण है कि सदियों से गुरु-शिष्य परंपरा हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग रही है। उन्होंने संत कबीर के प्रसिद्ध दोहे का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु ही वह माध्यम हैं जो मनुष्य को ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग दिखाते हैं।

व्यास पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है पर्व

भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार दुबे ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। महर्षि वेदव्यास ने वेदों का संकलन किया और महाभारत जैसे महान ग्रंथ की रचना कर भारतीय ज्ञान परंपरा को नई दिशा प्रदान की।

उन्होंने कहा कि वेदव्यास के योगदान के कारण ही गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह दिन हमें ज्ञान, अध्ययन और आध्यात्मिक चिंतन की ओर प्रेरित करता है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इस अवसर पर अपने गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

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ज्ञान, सदाचार और मानवता का संदेश देता है गुरु पूर्णिमा

वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. अरविंद सहाय ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का वास्तविक संदेश केवल सम्मान तक सीमित नहीं है। यह पर्व हमें जीवन में ज्ञान, सदाचार, अनुशासन और मानवता के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब गुरुजनों के आदर्श और शिक्षाएं पहले से अधिक प्रासंगिक हो गई हैं। यदि युवा पीढ़ी अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन को आत्मसात करे तो वह न केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त कर सकती है, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

हनुमान मंदिर और शिव मंदिर में भी हुआ सम्मान कार्यक्रम

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर नगर के हनुमान मंदिर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। यहां जिला उपाध्यक्ष अजय कुमार दुबे ने मंदिर के पुजारी को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया और गुरु परंपरा के महत्व पर प्रकाश डाला।

इसी क्रम में सोहनपुर बाजार स्थित शिव मंदिर में भाजपा नेता अश्वनी कुमार सिंह ने पूजन-अर्चन किया तथा मंदिर के पुजारी को सम्मानित कर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को सशक्त बनाए रखने का संकल्प भी लिया।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे भाजपा कार्यकर्ता

इस अवसर पर भाजपा के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रमुख रूप से मंडल अध्यक्ष विशंभर पांडे, सुरेंद्र सिंह टुनटुन, सुरेश तिवारी, आनंद, पियूष उपाध्याय, चंद्र किशोर द्विवेदी, दुर्गा गुप्ता, संजय जायसवाल, गुड्डू सहाय, रणजीत मौर्य, शिवम गुप्ता, संजय कुशवाहा, विजय बरनवाल, जीतू गुप्ता और मंटू बरनवाल सहित कई कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।

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गुरु परंपरा को मजबूत करने का संदेश

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों ने समाज में गुरुजनों के प्रति सम्मान और श्रद्धा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा उसकी गुरु-शिष्य परंपरा में निहित है और इसे सहेजना तथा आगे बढ़ाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

गुरु पूर्णिमा का यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और मानवता के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर है। यही कारण है कि आज भी भारतीय समाज में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना जाता है और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने की परंपरा निरंतर जारी है।

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Author: यायावर

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