राजनीति

2027 की चुनावी तैयारी में बूथ स्तर तक संगठन को धार देने में जुटी भाजपा

प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में प्राथमिक सदस्यों, लाभार्थियों और पूर्व पदाधिकारियों को सक्रिय करने की रणनीति पर जोर, बूथ सत्यापन और नियमित प्रवास के दिए गए निर्देश।

सर्वेश कुमार यादव की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी अब चुनावी रणनीति को केवल बड़े कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाने की विस्तृत योजना पर चर्चा की गई।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संगठन की वास्तविक ताकत बूथ स्तर पर दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को नियमित प्रवास, बूथ सत्यापन और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।

प्राथमिक सदस्यों की बूथवार सूची तैयार करने पर विशेष जोर

बैठक में सदस्यता अभियान के दौरान बनाए गए लगभग 2.5 करोड़ प्राथमिक सदस्यों को संगठन की सबसे बड़ी पूंजी बताया गया। अब तक इन सदस्यों की मंडलवार सूची तैयार की जा चुकी है, लेकिन आगामी चुनावी रणनीति के तहत अब उनकी बूथवार सूची तैयार करने का निर्णय लिया गया है।

पार्टी का मानना है कि यदि प्रत्येक बूथ पर मौजूद प्राथमिक सदस्य सक्रिय रूप से कार्य करेंगे तो मतदाताओं तक सीधे पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। इससे संगठन और आम जनता के बीच संवाद भी मजबूत होगा तथा चुनाव के समय कार्यकर्ताओं का नेटवर्क अधिक प्रभावी ढंग से काम करेगा।

प्रदेश नेतृत्व ने सभी जिला और मंडल इकाइयों को निर्देश दिए कि बूथ स्तर पर सदस्य सत्यापन का कार्य पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ पूरा किया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति के आधार पर आगे की रणनीति बनाई जा सके।

हर वोटर तक पहुंच बनाने की तैयारी

भाजपा की चुनावी रणनीति केवल संगठनात्मक ढांचे तक सीमित नहीं है। पार्टी का लक्ष्य प्रत्येक मतदाता तक पहुंच बनाना है। इसके लिए बूथ स्तर पर सक्रिय सदस्यों के माध्यम से घर-घर संपर्क अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।

पार्टी का मानना है कि यदि प्रत्येक प्राथमिक सदस्य अपने आसपास के मतदाताओं से नियमित संवाद बनाए रखे तो चुनावी माहौल तैयार करने में बड़ी मदद मिलेगी। इसी कारण सदस्य सूची को बूथ स्तर तक व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से भी बढ़ाया जाएगा संपर्क

बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं से लाभान्वित लोगों की सूची भी तैयार की जाए।

चुनाव से पहले इन लाभार्थियों के साथ संवाद स्थापित कर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी साझा करने की योजना बनाई जा रही है। पार्टी का मानना है कि योजनाओं से जुड़े लोगों के माध्यम से भी समाज के विभिन्न वर्गों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है।

पूर्व पदाधिकारियों को फिर से सक्रिय करने की पहल

संगठन ने उन पूर्व पदाधिकारियों पर भी ध्यान केंद्रित किया है जो समय के साथ सक्रिय राजनीति से दूर हो गए हैं। बैठक में निर्देश दिए गए कि ऐसे सभी पूर्व पदाधिकारियों की सूची तैयार कर उनसे संपर्क किया जाए और उन्हें दोबारा संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए।

भाजपा नेतृत्व का मानना है कि लंबे समय तक संगठन में काम कर चुके कार्यकर्ताओं का अनुभव चुनावी प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए पुराने और नए कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

बूथ सत्यापन अभियान को मिलेगी गति

प्रदेश नेतृत्व ने सभी स्तर के पदाधिकारियों को नियमित प्रवास करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रदेश पदाधिकारी जिलों का, जिला पदाधिकारी मंडलों का तथा मंडल स्तर के पदाधिकारी बूथों का दौरा करेंगे।

इन दौरों के दौरान बूथ समितियों की सक्रियता, सदस्य संख्या, संगठनात्मक गतिविधियों और स्थानीय परिस्थितियों का सत्यापन किया जाएगा। सभी अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय में समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पार्टी का मानना है कि जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी रखने से संगठन की कमियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा।

सभी विधानसभाओं में होंगे बूथ सम्मेलन

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बूथ सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।

इन सम्मेलनों में केवल वर्तमान बूथ पदाधिकारी ही नहीं बल्कि पूर्व पदाधिकारी, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी, सामाजिक रूप से प्रभावशाली नागरिक तथा स्थानीय कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा।

इन आयोजनों के माध्यम से संगठनात्मक संवाद को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने और आगामी चुनाव की तैयारियों को गति देने का लक्ष्य रखा गया है।

संगठन के अभियानों में सक्रिय भागीदारी पर जोर

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बैठक में कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका मजबूत बूथ संगठन है। उन्होंने कहा कि बूथ पर कार्य करने वाला प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी का वास्तविक चुनावी योद्धा है और उसी के प्रयासों से संगठन जनता के बीच मजबूत होता है।

उन्होंने सभी पदाधिकारियों से कहा कि वे केवल चुनावी गतिविधियों तक सीमित न रहें बल्कि संगठन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने विशेष रूप से वृक्षारोपण अभियान, डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा करगिल विजय दिवस से जुड़े आयोजनों में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

धर्मपाल सिंह ने दिया बूथ केंद्रित कार्य का संदेश

प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कहा कि संगठन की प्रत्येक गतिविधि का केंद्र बूथ होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित प्रवास, संवाद और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय से ही संगठन मजबूत बनेगा।

उन्होंने पदाधिकारियों से अपील की कि वे केवल बैठकों तक सीमित न रहें बल्कि लगातार गांवों और बूथों तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं से संवाद करें तथा उन्हें संगठन की जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करें।

13.39 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति

उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 13.39 करोड़ मतदाता हैं। भाजपा के पास करीब 2.5 करोड़ प्राथमिक सदस्य हैं। पार्टी का आकलन है कि यदि इन सदस्यों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाए तो प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाई जा सकती है।

इसके साथ ही लाभार्थियों, पूर्व पदाधिकारियों और सामाजिक रूप से प्रभावशाली लोगों को जोड़कर पार्टी चुनावी माहौल को और मजबूत बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। संगठन का उद्देश्य केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि प्रत्येक सदस्य को सक्रिय भूमिका में लाना है।

विधानसभा चुनाव 2027 अभी दूर हैं, लेकिन भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियां समय से पहले शुरू कर दी हैं। बूथवार सदस्य सूची, लाभार्थियों से संपर्क, पूर्व पदाधिकारियों की सक्रियता, नियमित प्रवास और बूथ सम्मेलनों जैसी रणनीतियों के माध्यम से पार्टी जमीनी नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि यह संगठनात्मक अभियान चुनावी मैदान में पार्टी को कितना लाभ पहुंचाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button