देवरिया

कस्तूरबा विद्यालय में शिक्षा, सुरक्षा और सुविधाओं की डीएम ने की गहन पड़ताल

औचक निरीक्षण के दौरान छात्राओं की पढ़ाई, भोजन, साफ-सफाई, आवासीय व्यवस्था और कौशल विकास गतिविधियों पर दिया विशेष जोर

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

देवरिया. जिले में बालिका शिक्षा को और अधिक प्रभावी तथा गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से प्रशासन लगातार विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, पथरहट का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था से लेकर छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओं तक हर पहलू की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए साफ-सफाई, पठन-पाठन, भोजन, छात्रावास, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

छात्राओं को मिलनी चाहिए शासन की हर सुविधा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि शासन द्वारा छात्राओं के लिए निर्धारित प्रत्येक सुविधा समय पर और पूरी गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि किसी भी छात्रा को आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और आवासीय व्यवस्था पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए, ताकि छात्राएं बेहतर वातावरण में अध्ययन कर सकें।

उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्राओं के समग्र व्यक्तित्व का विकास करना भी है। इसलिए विद्यालय प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से कार्य करे।

पठन-पाठन की गुणवत्ता पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने कक्षाओं का निरीक्षण कर छात्राओं की पढ़ाई-लिखाई की स्थिति का भी जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों से शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली और निर्देश दिया कि कक्षाओं में नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि छात्राओं की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक एवं नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया जाए। प्रत्येक छात्रा की शैक्षणिक प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी छात्रा की पढ़ाई प्रभावित न होने पाए।

कौशल विकास गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान समय में केवल पुस्तक आधारित शिक्षा पर्याप्त नहीं है। छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि छात्राओं की रुचि के अनुरूप विभिन्न रचनात्मक, तकनीकी एवं व्यावहारिक गतिविधियों का आयोजन किया जाए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और भविष्य में उन्हें बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।

साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के निर्देश

विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने वार्डन को नियमित स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण छात्राओं के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों के लिए आवश्यक है।

उन्होंने परिसर, छात्रावास, शौचालय और अन्य स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया तथा कहा कि स्वच्छता के मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

रसोईघर और भोजन की गुणवत्ता भी परखी

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विद्यालय के रसोईघर भी पहुंचे, जहां उन्होंने छात्राओं के लिए तैयार किए जा रहे भोजन का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण संबंधी मानकों की जानकारी ली।

उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि छात्राओं को हमेशा ताजा, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन तैयार करने और परोसने की प्रक्रिया में स्वच्छता के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि छात्राओं के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

आवासीय एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा

कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय होने के कारण जिलाधिकारी ने छात्रावास की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं के रहने के कमरों, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने निर्देश दिया कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। विद्यालय परिसर में ऐसा वातावरण बनाया जाए, जहां प्रत्येक छात्रा स्वयं को सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक महसूस करे।

शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर बल

जिलाधिकारी ने विद्यालय में नामांकित छात्राओं की उपस्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि नामांकन के अनुरूप सभी छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्रा की उपस्थिति लगातार कम रहती है तो उसके कारणों की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक छात्रा नियमित रूप से विद्यालय पहुंचे और उसकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रहे।

बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने की अपील

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय का वातावरण सकारात्मक, अनुशासित और प्रेरणादायक होना चाहिए। छात्राओं को ऐसा माहौल मिले, जहां वे बिना किसी भय या दबाव के अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।

उन्होंने शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि वे छात्राओं को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि नैतिक शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और जीवन कौशल पर भी विशेष ध्यान दें।

विद्यालय स्टाफ रहा मौजूद

निरीक्षण के दौरान विद्यालय की वार्डन पुष्पलता सिंह, अध्यापिका शिल्पा कुशवाहा सहित विद्यालय का अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन ने जिलाधिकारी को विद्यालय की विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी दी तथा उनके निर्देशों के अनुरूप आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश

जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन शिक्षा की गुणवत्ता, छात्राओं की सुरक्षा, पोषण और समग्र विकास को लेकर गंभीर है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर ऐसे निरीक्षण शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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