देवरिया

शिक्षा जगत ने खोया एक प्रेरणास्रोत, पूर्व विधायक एवं पूर्व प्रधानाचार्य को भावभीनी श्रद्धांजलि

प्रधानाचार्य परिषद की शोक सभा में शिक्षाविदों ने स्व. रुद्रप्रताप सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व को किया याद, शिक्षा व समाज के प्रति उनके योगदान को बताया अविस्मरणीय

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

देवरिया। शिक्षा जगत और सामाजिक जीवन में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पूर्व विधायक एवं पूर्व प्रधानाचार्य स्वर्गीय रुद्रप्रताप सिंह के निधन पर जनपद के शिक्षाविदों ने गहरा शोक व्यक्त किया। कालिंद इंटर कॉलेज, खरजरवा (देवरिया) के सभागार में आयोजित प्रधानाचार्य परिषद की शोक सभा में जिले के अनेक प्रधानाचार्यों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि स्व. रुद्रप्रताप सिंह ने अपने जीवन में शिक्षा, समाज सेवा और जनप्रतिनिधि के रूप में जो आदर्श स्थापित किए, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

शिक्षा और समाज सेवा के प्रति समर्पित रहा जीवन

शोक सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षाविद माधव प्रसाद सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि स्व. रुद्रप्रताप सिंह का संपूर्ण जीवन शिक्षा के उत्थान और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने विद्यालयों में अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का कार्य किया। एक शिक्षक, प्रधानाचार्य और जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने हमेशा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व विरले ही जन्म लेते हैं, जिनका प्रभाव केवल उनके कार्यकाल तक सीमित न रहकर वर्षों तक समाज को दिशा देता है। स्व. सिंह का निधन शिक्षा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।

शिक्षाविदों ने बताया अपूरणीय क्षति

प्रधानाचार्य परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व. रुद्रप्रताप सिंह केवल एक शिक्षक या पूर्व विधायक नहीं थे, बल्कि वे समाज के सच्चे मार्गदर्शक थे। उन्होंने अपने अनुभव, सरल स्वभाव और दूरदर्शी सोच से अनेक लोगों का जीवन प्रभावित किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका जाना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे शिक्षा जगत और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

वक्ताओं ने साझा कीं स्मृतियां

शोक सभा में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी स्व. रुद्रप्रताप सिंह के साथ बिताए गए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वे सदैव विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के हर वर्ग के प्रति संवेदनशील रहे। किसी भी समस्या के समाधान के लिए उनका द्वार हमेशा खुला रहता था।

वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को भी बढ़ावा दिया। यही कारण है कि आज उनके निधन से पूरा शिक्षा परिवार स्वयं को शोकाकुल महसूस कर रहा है।

दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि

शोक सभा के दौरान सभी उपस्थित प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद ईश्वर से प्रार्थना की गई कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

सभा का वातावरण अत्यंत भावुक रहा। उपस्थित लोगों ने कहा कि स्व. रुद्रप्रताप सिंह का व्यक्तित्व सदैव उनके बीच प्रेरणा बनकर जीवित रहेगा।

बड़ी संख्या में शिक्षाविद रहे उपस्थित

शोक सभा में मंडलीय मंत्री वकील सिंह, देवेंद्र नाथ तिवारी, प्रधानाचार्य महेंद्र प्रसाद गोंड, गणेश शंकर शर्मा, शशिपाल राव, गोपाल प्रसाद, रमेश सिंह, प्रदीप कुमार, राणा प्रताप यादव, रविंद्र राय, नीरज कुमार श्रीवास्तव, कैप्टन हरिकेश सिंह, कमलेश सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सभी ने एक स्वर में कहा कि स्व. रुद्रप्रताप सिंह का जीवन समाज के लिए समर्पण, ईमानदारी और सेवा का उदाहरण था। उनके आदर्शों और कार्यों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

शिक्षा जगत में लंबे समय तक महसूस होगी कमी

शोक सभा के अंत में उपस्थित शिक्षाविदों ने कहा कि स्व. रुद्रप्रताप सिंह ने जिस निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ शिक्षा तथा सार्वजनिक जीवन में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी रहेगा। उनके निधन से जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।

प्रधानाचार्य परिषद ने उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। शोक सभा का समापन श्रद्धांजलि अर्पित करने और मौन प्रार्थना के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button