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यूपी में मॉनसून का प्रचंड असर, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; वज्रपात और जलभराव को लेकर प्रशासन सतर्क

 मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया, तापमान में गिरावट के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी

ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आगामी घंटों में इसका असर और अधिक तेज होने की संभावना जताई गई है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर हो रही बारिश अब व्यापक और तीव्र रूप लेने जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने के संकेत हैं, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अनेक अन्य जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है।

बारिश के साथ तेज हवाएं, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

कम दबाव का क्षेत्र बना बारिश की बड़ी वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के मध्य भाग के आसपास सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र और मॉनसूनी ट्रफ इस समय काफी प्रभावी स्थिति में है। यही प्रणाली प्रदेश में लगातार नमी पहुंचा रही है, जिसके कारण बादलों का घनत्व बढ़ रहा है और तेज वर्षा की परिस्थितियां बन रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक यह मौसम प्रणाली सक्रिय रह सकती है। इसके प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने जिन जिलों को सबसे अधिक संवेदनशील माना है, उनमें मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच प्रमुख हैं।

इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन को राहत एवं बचाव दल तैयार रखने, जलभराव वाले क्षेत्रों पर निगरानी रखने तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इन जिलों में भी होगी अच्छी बारिश

राजधानी लखनऊ सहित बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी में भी मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है।

इन जिलों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव, यातायात प्रभावित होने और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बाधित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं।

तापमान में आएगी गिरावट, उमस से मिलेगी राहत

लगातार बारिश का सबसे सकारात्मक प्रभाव तापमान पर देखने को मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अधिकतम तापमान में लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है।

पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बारिश के बाद काफी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि अधिक नमी के कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की उमस बनी रह सकती है, लेकिन मौसम पहले की तुलना में काफी सुहावना रहेगा।

वज्रपात और तेज हवाओं का भी खतरा

भारी बारिश के साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 50 से अधिक जिलों के लिए मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।

विशेष रूप से कौशाम्बी, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, लखनऊ और कानपुर सहित कई जिलों में बिजली गिरने की आशंका अधिक बताई गई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

प्रशासन और आम जनता के लिए जारी की गई सलाह

भारी वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति पर नजर रखने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

वाहन चालकों से कहा गया है कि बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखें क्योंकि तेज बारिश के कारण दृश्यता कम हो सकती है। जलभराव वाले मार्गों से गुजरने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की सहायता लें।

किसानों के लिए विशेष कृषि परामर्श

मॉनसून की सक्रियता खेती के लिए लाभदायक है, लेकिन अत्यधिक बारिश कई फसलों के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने धान की रोपाई करने वाले किसानों को खेतों की मेड़ मजबूत रखने की सलाह दी है ताकि पानी नियंत्रित मात्रा में बना रहे।

गन्ना, मक्का और अरहर जैसी फसलों वाले खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने की भी सलाह दी गई है। यदि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहता है तो फसल की जड़ें प्रभावित हो सकती हैं और उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

अगले कुछ दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कई स्थानों पर रुक-रुक कर तेज वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय निकायों को पूरी सतर्कता के साथ स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिक मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान दें, अफवाहों से बचें और आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें। थोड़ी सी सावधानी संभावित दुर्घटनाओं से बचा सकती है।

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