अपराध

झाड़-फूंक के नाम पर महिला से दुष्कर्म के प्रयास का आरोप, चर्चित ‘बोतल बाबा’ गिरफ्तार, भेजे गए जेल

कानपुर देहात में चर्चित बोतल बाबा उर्फ हरिओम यादव की गिरफ्तारी ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। महिला ने आरोप लगाया है कि झाड़-फूंक और विशेष अनुष्ठान के नाम पर बाबा ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया और हजारों रुपये भी वसूले। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी बाबा और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लंबे समय से चमत्कारी उपचार और बोतल के पानी से गंभीर बीमारियां ठीक करने का दावा करने वाले हरिओम यादव अब कानूनी शिकंजे में हैं। यह मामला अंधविश्वास, कथित चमत्कारी इलाज और धार्मिक आस्था के नाम पर होने वाले शोषण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपितों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट

कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में स्वयं को चमत्कारी संत बताने वाले चर्चित ‘बोतल बाबा’ उर्फ हरिओम यादव पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक महिला ने बाबा पर झाड़-फूंक और विशेष अनुष्ठान के बहाने छेड़छाड़ तथा दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी बाबा और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। लंबे समय से अपने कथित चमत्कारों और बीमारियों के उपचार के दावों के कारण चर्चा में रहने वाले हरिओम यादव के खिलाफ दर्ज मुकदमे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

कौन हैं ‘बोतल बाबा’?

कानपुर देहात के देवराहट क्षेत्र स्थित चैन का पुरवा गांव में हरिओम यादव का एक बड़ा आश्रम संचालित होता है। स्थानीय लोग उन्हें ‘हरिधाम सरकार’ और ‘बोतल बाबा’ के नाम से जानते हैं। बाबा की पहचान इस दावे से बनी कि वह बोतल में भरे पानी पर मंत्रोच्चार और फूंक मारकर गंभीर बीमारियों का इलाज कर सकते हैं।

क्षेत्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर गुरुवार और रविवार को उनके आश्रम पहुंचते रहे हैं। लगभग आठ से दस बीघे क्षेत्र में फैले इस आश्रम में नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठान और कथित उपचार कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

महिला को बताया गया ‘काला साया’ का शिकार

पीड़िता के अनुसार, उसका पति राजस्थान में काम करता है और वह अपने बच्चे के साथ मायके और ससुराल के बीच रह रही थी। महिला का आरोप है कि जून माह के शुरुआती दिनों में उसके परिजनों ने उसे बताया कि हरिधाम सरकार उनके घर आने वाले हैं।

महिला के मुताबिक बाबा ने घर पर हवन-पूजन किया और दावा किया कि उस पर किसी प्रकार का ‘काला साया’ है। बाबा ने कहा कि इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए विशेष अनुष्ठान और झाड़-फूंक करानी होगी। परिवार के कुछ सदस्यों ने भी बाबा की बातों पर विश्वास जताया, जिसके बाद महिला को आगे की प्रक्रिया के लिए आश्रम जाने की सलाह दी गई।

आश्रम में बुलाकर अनुष्ठान के दौरान अभद्रता का आरोप

पीड़िता का कहना है कि 15 जून को वह अपने परिजनों के साथ बाबा के आश्रम पहुंची। वहां कथित रूप से उसे एक कमरे में ले जाया गया, जहां झाड़-फूंक और विशेष अनुष्ठान करने की बात कही गई।

महिला ने आरोप लगाया कि इसी दौरान बाबा ने उसके साथ अशोभनीय हरकतें कीं और दुष्कर्म का प्रयास किया। जब उसने विरोध किया और शोर मचाया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। किसी तरह वह वहां से निकलकर बाहर आई और बाद में पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।

महिला का यह भी आरोप है कि धार्मिक अनुष्ठान और झाड़-फूंक के नाम पर उससे करीब 40 हजार रुपये भी वसूले गए थे। उसे आगे और विशेष पूजा कराने के लिए दोबारा आश्रम बुलाने की बात भी कही गई थी।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, दो आरोपी गिरफ्तार

घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान महिला के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद ने बताया कि महिला की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी हरिओम यादव और उसके सहयोगी दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में अन्य आरोपित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एफआईआर में महिला के कुछ रिश्तेदारों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिन पर कथित रूप से उसे आश्रम ले जाने और पूरे घटनाक्रम में सहयोग करने का आरोप है।

बाबा ने आरोपों को बताया साजिश

दूसरी ओर, आरोपी हरिओम यादव ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और झूठा बताया है। उनका कहना है कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से यह पूरा प्रकरण रचा गया है।

बाबा का दावा है कि वह वर्षों से लोगों की सेवा और धार्मिक कार्य कर रहे हैं तथा उनके खिलाफ लगाया गया हर आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि सच सामने आएगा और न्यायिक प्रक्रिया के बाद वास्तविकता सभी के सामने होगी।

अंधविश्वास और चमत्कारी उपचार के दावों पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर उन तथाकथित बाबाओं और स्वयंभू धर्मगुरुओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो चमत्कारी उपचार, झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र के जरिए लोगों की समस्याएं दूर करने का दावा करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बीमारी, मानसिक तनाव या पारिवारिक समस्याओं से परेशान लोग अक्सर ऐसे दावों के प्रभाव में आ जाते हैं और कई बार आर्थिक तथा सामाजिक शोषण का शिकार हो जाते हैं। इसलिए किसी भी प्रकार के उपचार या धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर होने वाली गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

जांच जारी, पुलिस जुटा रही साक्ष्य

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पीड़िता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आई थीं या नहीं।

पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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