करणी सेना का शक्ति प्रदर्शन, सूरजपाल सिंह अम्मू ने सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर साधा निशाना, 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान
अलीगढ़ में करणी सेना की प्रेस वार्ता बनी चर्चा का विषय
अलीगढ़ में आयोजित करणी सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू ने स्थानीय विकास, नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार, जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और राम मंदिर से जुड़े कथित मामलों पर अपनी बात रखी। उन्होंने विधायकों की संपत्ति की जांच की मांग करते हुए उत्तर प्रदेश की 50 सीटों पर चुनाव लड़ने का संकेत दिया। जिला अध्यक्ष सुमित तोमर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह प्रेस वार्ता अलीगढ़ की राजनीति में नई चर्चाओं का केंद्र बन गई।
ठाकुर बख्श सिंह की रिपोर्ट
अलीगढ़। शहर के रामघाट रोड स्थित एक निजी विद्यालय में आयोजित करणी सेना की प्रेस वार्ता ने स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह अम्मू की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष सुमित तोमर ने किया। मंच पर संगठन की एकजुटता और आगामी राजनीतिक रणनीति का प्रदर्शन साफ दिखाई दिया।
सूरजपाल सिंह अम्मू के आगमन पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान संगठन ने अपने विस्तार, सामाजिक प्रभाव और राजनीतिक सक्रियता का संदेश देने का प्रयास किया। प्रेस वार्ता में अम्मू ने स्थानीय विकास, जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली, नगर निगम, राम मंदिर से जुड़े विवाद और आगामी चुनावों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
अलीगढ़ के विकास कार्यों पर उठाए सवाल
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सूरजपाल सिंह अम्मू ने अलीगढ़ में विकास कार्यों की गति पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कें और मूलभूत सुविधाएं जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, उनकी वास्तविक स्थिति आज आम नागरिक स्वयं देख सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विकास योजनाओं की घोषणा तो लगातार होती रही, लेकिन उनका लाभ आम लोगों तक अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच सका। उनका कहना था कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला विकास चाहती है।
सांसदों, विधायकों और नगर निगम पर लगाए गंभीर आरोप
करणी सेना प्रमुख ने स्थानीय सांसदों, विधायकों और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास पर खरे नहीं उतरते हैं तो लोकतंत्र में जनता को उनसे जवाब मांगने का पूरा अधिकार है।
नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी धन का उपयोग जनहित के कार्यों में होना चाहिए। यदि कहीं भी भ्रष्टाचार या वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
राम मंदिर से जुड़े कथित मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान सूरजपाल सिंह अम्मू ने राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी और अनियमितताओं के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार के किसी मामले में अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों को दबाने का प्रयास नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।
जनप्रतिनिधियों की संपत्ति की जांच कराने की उठाई मांग
कार्यक्रम का सबसे चर्चित मुद्दा तब सामने आया जब अम्मू ने अलीगढ़ के विधायकों की संपत्ति की जांच कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसके चुने हुए प्रतिनिधियों की संपत्ति में समय के साथ कितनी वृद्धि हुई है और उसका स्रोत क्या है।
उन्होंने कहा कि यदि सब कुछ नियमों के अनुरूप है तो जांच से किसी को डरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पर जताया भरोसा
हालांकि सूरजपाल सिंह अम्मू ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें शीर्ष नेतृत्व की नीयत पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन उनके आसपास कार्य कर रहे कुछ लोग सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता अब पहले की तुलना में अधिक जागरूक हो चुकी है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय अवश्य देगी।
50 सीटों पर चुनाव लड़ने का बड़ा संकेत
करणी सेना ने इस अवसर पर आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। सूरजपाल सिंह अम्मू ने घोषणा की कि संगठन उत्तर प्रदेश की लगभग 50 विधानसभा सीटों पर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि करणी सेना अब केवल सामाजिक आंदोलन तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि समाज की आवाज को राजनीतिक मंच पर भी मजबूती से उठाने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने दावा किया कि युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन संगठन को लगातार मिल रहा है।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुँवर गौरव राज सिंह चौहान, महिला शक्ति की वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भारती सिसोदिया, प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन गौड़, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दिनकर सिंह, प्रदेश प्रवक्ता राणा मुनि प्रताप सिंह, युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष आशीष चौहान, किसान शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष वीरू भदौरिया, प्रदेश संगठन महामंत्री गौरव दुबे, प्रदेश महामंत्री आदित्य मुखरिया, जिला अध्यक्ष सुमित तोमर सहित विभिन्न जिलों के अनेक पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में करणी सैनिक उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन में संगठन की एकजुटता, राजनीतिक सक्रियता और आगामी चुनावों की तैयारी का स्पष्ट संदेश दिखाई दिया। प्रेस वार्ता के दौरान दिए गए बयानों ने अलीगढ़ के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना जताई जा रही है।








