गोरखपुर

फोर-लेन निर्माण में खौफनाक लापरवाही, रातभर मिट्टी के नीचे दबा रहा मजदूर, सुबह बाहर निकला पैर और खुल गया मौत का राज

🖋️ इरफान अली लारी की रिपोर्ट

गोरखपुर। विकास की रफ्तार को नई दिशा देने के लिए बन रही भटहट-बांसथान फोर-लेन सड़क परियोजना पर एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मजदूर पूरी रात मिट्टी के नीचे दबा रहा और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। अगले दिन सुबह जब निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ तो मिट्टी से बाहर निकला एक पैर देखकर मजदूरों के होश उड़ गए। इसके बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।

🔹 सुबह दिखाई दिया पैर, तब खुला मौत का रहस्य

घटना गोरखपुर के दलाल चौराहे के पास निर्माणाधीन फोर-लेन सड़क की है, जहां डिवाइडर को भरने और उसे समतल करने का काम चल रहा था। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे निर्माण कार्य में लगे मजदूर जेसीबी मशीन की सहायता से डिवाइडर को समतल कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर मिट्टी के ढेर से बाहर निकले एक पैर पर पड़ी। पहले तो मजदूरों को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब नजदीक जाकर देखा गया तो मामला गंभीर नजर आया।

तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से मिट्टी हटवाई। कुछ ही देर में मिट्टी के नीचे दबा एक शव बरामद हुआ। शव की स्थिति देखकर साफ हो गया कि व्यक्ति की मौत कई घंटे पहले हो चुकी थी।

🔹 देवरिया निवासी मिंटू की हुई पहचान

पुलिस जांच में मृतक की पहचान देवरिया जिले के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के सिधुआ गांव निवासी मिंटू पुत्र जनार्दन के रूप में हुई। पहचान होते ही परिजनों को सूचना दी गई। कुछ ही देर बाद मृतक की पत्नी नीता देवी अपने दो छोटे बच्चों के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। पति का शव देखते ही वह बेसुध हो गईं। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

🔹 परिवार का सहारा छिन गया

परिजनों के अनुसार मिंटू पिछले कई वर्षों से मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। उसकी ससुराल गुलरिहा क्षेत्र के तरकुलहा गांव में है और वह वहीं रहकर मेहनत-मजदूरी करता था। पिछले दस दिनों से वह जंगल कौड़िया क्षेत्र में चल रहे फोर-लेन सड़क निर्माण कार्य में गिट्टी फैलाने और अन्य मजदूरी का काम कर रहा था।

घर की आर्थिक जिम्मेदारी पूरी तरह उसी के कंधों पर थी। उसकी मौत के बाद पत्नी और दो बच्चों के सामने भविष्य को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

🔹 CCTV फुटेज ने खोली पूरी कहानी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच में जो तस्वीर सामने आई, उसने हादसे की पूरी कहानी बयां कर दी। पुलिस के अनुसार 3 जून की रात मिंटू निर्माणाधीन डिवाइडर पर सो गया था। देर रात एक डंपर मिट्टी लेकर वहां पहुंचा। चालक ने बिना यह सुनिश्चित किए कि डिवाइडर पर कोई मौजूद तो नहीं है, सीधे मिट्टी खाली कर दी। भारी मात्रा में मिट्टी गिरने से मिंटू उसके नीचे दब गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

सबसे दुखद बात यह रही कि पूरी रात शव मिट्टी के नीचे दबा रहा और किसी को इसकी जानकारी तक नहीं हुई।

🔹 आरोपी डंपर चालक गिरफ्तार

सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी डंपर चालक रंजू राजभर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी मऊ जिले के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के एकौना गांव का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने दुर्घटना में प्रयुक्त डंपर को भी कब्जे में ले लिया है। चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

🔹 पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा

थाना प्रभारी मदन मोहन मिश्रा ने बताया कि शुरुआती जांच में मृतक मजदूर पाया गया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। वहीं एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि वाहन संख्या यूपी-32 आरएन-4276 का चालक बिना पर्याप्त सावधानी बरते डिवाइडर पर मिट्टी डाल रहा था। इसी लापरवाही के कारण मजदूर मिट्टी के नीचे दब गया और उसकी मौत हो गई। आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

🔹 हादसे पर गरमाई सियासत

इस दर्दनाक घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि जब हमदर्दी और इंसानियत मिट्टी के नीचे दबने लगे तो यह समाज के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है।

🔹 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर निर्माण स्थल पर मजदूरों के लिए सुरक्षित विश्राम स्थल क्यों नहीं बनाए गए थे? रात के समय निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी थी? क्या डंपर चालकों को आवश्यक सुरक्षा निर्देशों का पालन कराया जा रहा था?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्माण एजेंसियां सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

🔹 न्याय और मुआवजे की मांग

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मृतक परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने, बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। एक गरीब मजदूर की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विकास परियोजनाओं की चमक के बीच आखिर श्रमिकों की सुरक्षा को कितना महत्व दिया जा रहा है।

❓ सवाल-जवाब

मजदूर की मौत कैसे हुई?

डिवाइडर पर सो रहे मजदूर पर डंपर चालक ने मिट्टी डाल दी, जिससे वह मिट्टी के नीचे दब गया और उसकी मौत हो गई।

मृतक मजदूर कौन था?

मृतक की पहचान देवरिया जिले के रामपुर कारखाना क्षेत्र के सिधुआ गांव निवासी मिंटू पुत्र जनार्दन के रूप में हुई।

हादसे का खुलासा कैसे हुआ?

सुबह निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों को मिट्टी से बाहर निकला पैर दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने मिट्टी हटवाई तो शव बरामद हुआ।

पुलिस ने क्या कार्रवाई की?

सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आरोपी डंपर चालक रंजू राजभर को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इस घटना से कौन सा बड़ा सवाल उठता है?

यह हादसा निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और ठेकेदारों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button