देवरिया

बनकटा में विकास की चौपाल : मुख्य विकास अधिकारी ने परखी योजनाओं की जमीनी हकीकत, अधिकारियों को दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश

गांव-गांव पहुंच रही प्रशासन की निगरानी, पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जनपद में ग्रामीण विकास योजनाओं को गति देने और शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर रविवार को मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने विकास खंड बनकटा क्षेत्र का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित चौपालों में भाग लेकर विकास कार्यों की समीक्षा की, जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया तथा अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी का यह दौरा केवल औपचारिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया। चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया।

कई गांवों में आयोजित चौपालों में जनप्रतिनिधियों से किया संवाद

मुख्य विकास अधिकारी ने बखरी, हाटा, बगरूआ, सिकटिया दीनाचक तथा विकास खंड मुख्यालय बनकटा में आयोजित चौपालों की अध्यक्षता की। इन बैठकों में ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं तथा विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया।

चौपाल के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रशासन के समक्ष रखा। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जाएं ताकि ग्रामीण जनता को वास्तविक लाभ प्राप्त हो सके।

विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प पर विशेष जोर

चौपालों में शिक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के कायाकल्प कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि गांवों के सामाजिक विकास के भी महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए विद्यालय भवनों की स्थिति, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए ताकि महिलाओं और बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

आवास योजनाओं और राशन कार्ड पात्रता की हुई समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन पात्र परिवारों को अभी तक आवास का लाभ नहीं मिला है, उनका चिन्हांकन कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर योजना से जोड़ा जाए।

इसके साथ ही राशन कार्ड से संबंधित मामलों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने मनरेगा जॉब कार्ड धारकों, विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों, श्रम कार्ड धारकों तथा अन्य पात्र परिवारों की सूची तैयार कर उन्हें खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह प्रत्येक जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाए।

फैमिली आईडी और फॉर्मर आईडी अभियान को गति देने के निर्देश

सरकार द्वारा संचालित फैमिली आईडी और फॉर्मर आईडी अभियान की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ये दोनों योजनाएं भविष्य में सरकारी सेवाओं और लाभों की पारदर्शी उपलब्धता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव-गांव अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। जिन परिवारों या किसानों का अभी तक पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल पहचान व्यवस्था से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी तथा पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना और अमृत सरोवर की भी हुई समीक्षा

मुख्य विकास अधिकारी ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लोगों को इस योजना के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है और इससे ग्रामीण परिवारों को बिजली खर्च में राहत मिल सकती है।

इसके अलावा अमृत सरोवर, चारागाह भूमि संरक्षण तथा जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है और इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।

अमृत सरोवरों की गुणवत्ता और उपयोगिता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल उपलब्धता को मजबूत करना है।

महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों पर विशेष फोकस

चौपाल में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूह एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं।

उन्होंने नए स्वयं सहायता समूहों के गठन को प्रोत्साहित करने तथा महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो गांवों का समग्र विकास भी तेज गति से होगा।

स्वास्थ्य, पोषण और ग्रामीण विकास योजनाओं पर अधिकारियों को दिए निर्देश

मुख्य विकास अधिकारी ने स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त समाज का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा जब विभागीय अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे।

उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं से संबंधित योजनाओं के प्रभावी संचालन पर जोर दिया। साथ ही ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं को धरातल पर उतारना ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रशासन की नजर

चौपाल के समापन अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने-अपने विभागों से संबंधित लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करें।

उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसके लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। चौपालों के माध्यम से प्राप्त सुझावों और शिकायतों पर भी गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।

इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी निगरानी के लिए प्रशासन द्वारा इस प्रकार की चौपालों को आगे भी जारी रखने की बात कही गई।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बनकटा में चौपाल किस उद्देश्य से आयोजित की गई?

बनकटा में चौपाल विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित की गई।

चौपाल की अध्यक्षता किसने की?

चौपाल की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने की। उन्होंने ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवाद किया।

कौन-कौन सी योजनाओं की समीक्षा की गई?

शिक्षा, आवास, फैमिली आईडी, फॉर्मर आईडी, प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना, अमृत सरोवर, पोषण, स्वास्थ्य, राशन कार्ड और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई।

अधिकारियों को क्या निर्देश दिए गए?

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ा जाए और विकास कार्यों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।

चौपाल में किन लोगों की उपस्थिति रही?

चौपाल में खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं।

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