इंसानियत बनाम रसूख की जंग को पर्दे पर उतारेगी वेबसीरीज़ ‘इंसानियत के दुश्मन’, रांची में जल्द शुरू होगी शूटिंग
शशांक झा की रिपोर्ट
झारखंड की धरती एक बार फिर बड़े पर्दे और डिजिटल दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने जा रही है। स्थानीय प्रतिभाओं, सामाजिक सरोकारों और दमदार कहानी के साथ तैयार हो रही वेबसीरीज़ ‘इंसानियत के दुश्मन’ जल्द ही रांची और आसपास के इलाकों में शूट की जाएगी। यह वेबसीरीज़ केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज में फैल रहे भ्रष्टाचार, अपराध, नैतिक पतन और इंसाफ की लड़ाई को भी मजबूत तरीके से दर्शकों के सामने रखने का प्रयास करेगी।
‘मल्टीफीलिक्स’ और ‘सुधा सिने मूवीज़ प्राइवेट लिमिटेड’ के संयुक्त बैनर तले बन रही इस सीरीज़ को दिल्ली दूरदर्शन के चर्चित ओटीटी प्लेटफॉर्म WAVES OTT पर रिलीज़ करने की तैयारी है। इसके साथ ही इसे रांची दूरदर्शन से प्रसारित करने को लेकर भी चर्चा चल रही है। इस परियोजना को लेकर झारखंड के फिल्म और कला जगत में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
झारखंड की प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच
इस वेबसीरीज़ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें लगभग 90 प्रतिशत कलाकार झारखंड से चुने गए हैं। निर्माता सिराज अहमद और निर्मात्री शबनम राज का मानना है कि झारखंड में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर वह मंच नहीं मिल पाता जिसके वे हकदार हैं। यही वजह है कि इस सीरीज़ के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी गई है।
निर्माताओं का कहना है कि यह वेबसीरीज़ केवल एक मनोरंजक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि झारखंड की कला, संस्कृति और अभिनय क्षमता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल भी है। रांची, खूंटी, रामगढ़ और आसपास के इलाकों की प्राकृतिक सुंदरता को भी इस सीरीज़ में प्रमुखता से दिखाया जाएगा, जिससे झारखंड की लोकेशन को फिल्म निर्माण के लिए नई पहचान मिल सके।
समाज की सच्चाइयों को उजागर करेगी कहानी
‘इंसानियत के दुश्मन’ की कहानी समाज के उन चेहरों को सामने लाती है, जो अपने निजी स्वार्थ के लिए इंसानियत तक को कुर्बान कर देते हैं। वेबसीरीज़ का केंद्र एक रिटायर्ड मेजर रूद्र प्रताप सिंह का किरदार है, जिसने देश की सीमाओं पर 35 वर्षों तक सेवा देने के बाद अपने गृह नगर में कदम रखा, लेकिन वहां उसे ऐसे सामाजिक और प्रशासनिक हालात का सामना करना पड़ता है, जिनकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
कहानी आगे बढ़ते हुए भ्रष्ट व्यवस्था, रसूखदार लोगों की मनमानी, आम जनता के शोषण और न्याय की लड़ाई को बेहद प्रभावशाली अंदाज में दिखाती है। इसमें पारिवारिक संबंधों के भीतर छिपे संघर्ष भी दिखाई देंगे, जहां भाई-भाई और बाप-बेटे के बीच सिद्धांतों और लालच की टकराहट कहानी को और अधिक रोमांचक बनाती है।
निर्माताओं के अनुसार यह सीरीज़ केवल अपराध और सस्पेंस तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें सामाजिक संदेश भी गहराई से पिरोया गया है। दर्शकों को हर एपिसोड में मनोरंजन के साथ एक मजबूत सामाजिक सोच भी देखने को मिलेगी।
26 एपिसोड में दिखेगा सस्पेंस और ड्रामा
वेबसीरीज़ को कुल 26 एपिसोड में तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक एपिसोड लगभग 30 मिनट का होगा। कहानी को इस तरह लिखा गया है कि हर एपिसोड के अंत में सस्पेंस बना रहे और दर्शकों की उत्सुकता अगले एपिसोड के लिए बनी रहे।
निर्देशक मंडली का मानना है कि आज के डिजिटल दौर में दर्शक ऐसी कहानियां पसंद करते हैं, जिनमें मनोरंजन के साथ सामाजिक वास्तविकता भी हो। इसी सोच के साथ ‘इंसानियत के दुश्मन’ को आधुनिक तकनीक और सिनेमाई गुणवत्ता के साथ तैयार किया जा रहा है।
प्रभात राज निभा रहे हैं ‘वन मैन आर्मी’ की भूमिका
इस वेबसीरीज़ की रचनात्मक कमान बहुमुखी प्रतिभा के धनी प्रभात राज के हाथों में है। उन्होंने इस परियोजना में लेखक, पटकथा लेखक, संवाद लेखक और गीतकार जैसी कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें ‘वन मैन आर्मी’ के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि उन्होंने इस सीरीज़ के कई प्रमुख रचनात्मक पहलुओं को स्वयं संभाला है।
निर्देशन की जिम्मेदारी प्रभात राज के साथ बॉलीवुड निर्देशक तरुण मुहम्मद निभा रहे हैं। दोनों का उद्देश्य एक ऐसी वेबसीरीज़ तैयार करना है जो मनोरंजन के साथ सामाजिक सोच को भी नई दिशा दे सके।
तकनीकी टीम पर भी खास जोर
वेबसीरीज़ की तकनीकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए अनुभवी टीम को जोड़ा गया है। सिनेमैटोग्राफी की जिम्मेदारी बनारस के प्रसिद्ध डीओपी संदीप गुप्ता और पियूष राज को दी गई है। वहीं मुंबई के मेकअप आर्टिस्ट शंकर दास कलाकारों के लुक और प्रस्तुति को अंतिम रूप देंगे।
सीरीज़ के संपादन का कार्य माही राज संभाल रहे हैं, जबकि कास्टिंग की जिम्मेदारी बॉलीवुड कास्टिंग डायरेक्टर रंजीत जौहरी को सौंपी गई है। तकनीकी टीम का मानना है कि दर्शकों को विजुअल क्वालिटी और प्रस्तुति में बड़े बजट की वेबसीरीज़ जैसा अनुभव देने की कोशिश की जाएगी।
स्थानीय और बॉलीवुड कलाकारों का संगम
‘इंसानियत के दुश्मन’ में झारखंड और मुंबई के कई कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। मुख्य कलाकारों में सिराज अहमद, देवेश खान, रमेश गोयल, राहुल सिंह, रीना सहाय, प्रभात राज, नवीन मोहंती, ऋषभ कुमार, मुरारी लाल गुप्ता, शशिभूषण सिन्हा, कुमकुम गौड़, उमा बड़ाईक, राजश्री जयंती, सुमन सिंह, रंजीत बिहारी, करूणा सिंह, अरुण हाजरा और सुभाष सिन्हा शामिल हैं।
इसके अलावा बॉलीवुड के चर्चित कलाकार रजा मुराद, अली खान और सीमा परिहार जैसे नामों को भी इस परियोजना से जोड़ने की तैयारी चल रही है। यदि यह कलाकार अंतिम रूप से शामिल होते हैं, तो वेबसीरीज़ को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पहचान मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
झारखंड फिल्म इंडस्ट्री के लिए नई उम्मीद
झारखंड में लंबे समय से फिल्म और वेब कंटेंट निर्माण की संभावनाओं पर चर्चा होती रही है, लेकिन संसाधनों और प्लेटफॉर्म की कमी के कारण कई प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पातीं। ऐसे में ‘इंसानियत के दुश्मन’ जैसी परियोजनाएं स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही हैं।
फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की परियोजनाएं लगातार बनती रहीं, तो आने वाले समय में झारखंड भी फिल्म और वेब कंटेंट निर्माण का बड़ा केंद्र बन सकता है। इससे न केवल स्थानीय कलाकारों को रोजगार मिलेगा, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती सामाजिक कहानियों की मांग
ओटीटी प्लेटफॉर्म के दौर में दर्शकों की पसंद तेजी से बदल रही है। अब लोग केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि ऐसी कहानियां देखना चाहते हैं जो समाज की वास्तविकता से जुड़ी हों। ‘इंसानियत के दुश्मन’ इसी बदलती सोच को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है।
सीरीज़ के निर्माता और निर्देशक उम्मीद जता रहे हैं कि यह वेबसीरीज़ दर्शकों को एक नया अनुभव देगी और झारखंड की मिट्टी से निकली कहानियों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।








