रिपोर्ट: चुन्नीलाल प्रधान
राया (मथुरा)। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषय को लेकर मथुरा के राया में आयोजित एक कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर भव्य-दिव्य मंदिर निर्माण के संकल्प को दोहराया। बंगाल, ओडिशा और दिल्ली समेत आठ राज्यों से आए श्रीकृष्ण भक्तों ने हाथ उठाकर अपने-अपने क्षेत्रों में जनजागरण अभियान चलाने और जन्मभूमि से जुड़े विषय को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रण लिया।
राया के गणेश बाग स्थित अग्रवाल सेवा सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण के हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक उत्साह का वातावरण दिखाई दिया और परिसर लगातार श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंजता रहा।
जन्मभूमि के विषय को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि वे मथुरा से लौटने के बाद अपने गांव, कस्बे, शहर और सामाजिक क्षेत्रों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित विषय को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे। उनका कहना था कि मथुरा में लिया गया यह संकल्प केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के बीच संवाद और जागरूकता का माध्यम बनेगा।
संकल्प के दौरान श्रद्धालुओं ने एक साथ हाथ उठाकर जनजागरण अभियान को आगे बढ़ाने की बात कही। इस अवसर पर ‘जय श्रीकृष्ण’ तथा ‘आ गए हैं अवध बिहारी, अब आएंगे कृष्ण मुरारी’ जैसे जयघोषों से कार्यक्रम स्थल का वातावरण भक्तिमय हो गया।
आयोजकों के अनुसार, विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का मथुरा पहुंचना इस विषय के प्रति उनके धार्मिक जुड़ाव को दर्शाता है। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने अपने क्षेत्रों में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषय पर लोगों के बीच जानकारी साझा करने और अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को जोड़ने का संकल्प व्यक्त किया।
महेंद्र प्रताप सिंह बोले—जनजागरण से मजबूत होगा अभियान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा संघर्ष केवल न्यायालय में चल रही कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से अपने-अपने क्षेत्रों में इस मुद्दे को लेकर जनजागरण करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक या धार्मिक अभियान की मजबूती जागरूक समाज से होती है। यदि प्रत्येक श्रद्धालु अपने गांव, मोहल्ले अथवा नगर में कुछ नए लोगों तक जन्मभूमि से जुड़े विषय की जानकारी पहुंचाने का प्रयास करे तो जागरूकता का दायरा व्यापक हो सकता है।
महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि लोगों के बीच संवाद स्थापित करना और विषय की जानकारी साझा करना जनजागरण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने क्षेत्रों में समाज को एक सूत्र में जोड़ने की दिशा में कार्य करने की अपील की।
आठ राज्यों से आए भक्तों ने दोहराया संकल्प
कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। बंगाल, ओडिशा, दिल्ली सहित आठ राज्यों से आए भक्तों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने कहा कि मथुरा की इस यात्रा से उन्हें श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषय को अपने क्षेत्रों तक ले जाने की प्रेरणा मिली है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर समाज में जागरूकता और संवाद की आवश्यकता है। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करने तथा जन्मभूमि से संबंधित जानकारी साझा करने की बात कही।
इस दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि मथुरा आने वाले श्रद्धालु केवल दर्शन और धार्मिक यात्रा तक सीमित न रहें, बल्कि यहां से मिले संदेश को अपने सामाजिक क्षेत्र तक भी लेकर जाएं। इसी विचार के साथ कार्यक्रम में सामूहिक संकल्प कराया गया।
संत असीम कृष्णदास ने श्रद्धालुओं से की जनजागरण की अपील
बंगाल से श्रद्धालुओं की यात्रा का नेतृत्व कर रहे संत असीम कृष्णदास ने कहा कि महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का अभियान आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस विषय को व्यापक समाज तक पहुंचाने में श्रद्धालुओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
असीम कृष्णदास ने कहा कि अलग-अलग राज्यों से मथुरा पहुंचे भक्त अपने साथ यहां का संदेश लेकर वापस लौटेंगे। उनके अनुसार, श्रद्धालु अपने क्षेत्रों में लोगों के बीच इस विषय पर जागरूकता फैलाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों को लेकर लोगों के बीच संवाद बढ़ाने और उपलब्ध जानकारी को समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में मौजूद अन्य संतों और श्रद्धालुओं ने भी जनजागरण के संकल्प को दोहराया।
जयघोषों से गूंजता रहा कार्यक्रम स्थल
अग्रवाल सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। सामूहिक संकल्प के समय बड़ी संख्या में लोगों ने हाथ उठाकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इसके बाद श्रीकृष्ण के जयघोषों से पूरा परिसर गूंज उठा।
कार्यक्रम का माहौल धार्मिक और उत्साहपूर्ण रहा। मथुरा की धार्मिक पहचान और श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषय के कारण देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं के बीच आपसी संवाद भी हुआ।
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक मंच पर लाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषय पर जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में संवाद के लिए प्रेरित करना था।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद
कार्यक्रम में असीमदास, परमानंद दास, गोपालदास, राधारमण दास और नरोत्तम दास सहित कई संत उपस्थित रहे। इनके अलावा विमल कुमार गर्ग, विजय अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, संकेत अग्रवाल, अमित अग्रवाल और नीरज अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
आयोजकों के मुताबिक, आठ राज्यों से आए श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक रूप से लिया गया संकल्प कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। श्रद्धालुओं ने मथुरा से अपने-अपने क्षेत्रों में लौटकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषय पर जनजागरण को आगे बढ़ाने की बात कही।
इस प्रकार राया में आयोजित यह कार्यक्रम श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक विमर्श को लेकर श्रद्धालुओं के सामूहिक संकल्प के रूप में सामने आया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने जहां जनजागरण पर जोर दिया, वहीं विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने अपने क्षेत्रों में इस विषय को लोगों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।













