16 अक्टूबर 2026 4:43 अपराह्न

नवरात्र में खाद्य पदार्थों की शुद्धता परखने उतरी टीम, ब्लिंकिट स्टोर का किया निरीक्षण

देवरिया में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ब्लिंकिट स्टोर का निरीक्षण करते हुए, कुट्टू आटा, सिंघाड़ा आटा, साबूदाना और सेंधा नमक के नमूनों की जांच के लिए कार्रवाई; जनगणदूत संवाददाता इरफान अली लारी।

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रिपोर्ट : इरफान अली लारी | देवरिया | 15 अक्टूबर 2026

नवरात्र और दशहरा पर्व के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने देवरिया नगर पालिका क्षेत्र के चकियवां स्थित ब्लिंकिट रिटेल स्टोर का निरीक्षण किया। टीम ने व्रत में इस्तेमाल होने वाले कुट्टू के आटे, सिंघाड़े के आटे, साबूदाना और सेंधा नमक के नमूने संदेह के आधार पर एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ उनकी गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना प्रशासन के सामने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। विशेष रूप से नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और सामान्य भोजन के स्थान पर कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना, सेंधा नमक तथा अन्य व्रत सामग्री का उपयोग करते हैं। ऐसे में इन खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखना जरूरी है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित सामग्री मिल सके और मिलावट या अन्य अनियमितताओं की आशंका का समय रहते पता लगाया जा सके।

खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर चला जांच अभियान

नवरात्र में खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा यह अभियान आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश तथा जिलाधिकारी देवरिया के आदेश के क्रम में संचालित किया जा रहा है। सहायक आयुक्त (खाद्य)-II हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही है।

अभियान का उद्देश्य केवल खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र करना ही नहीं, बल्कि खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों के अनुपालन की स्थिति का आकलन करना भी है। विभाग की टीम खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और लाइसेंस संबंधी व्यवस्थाओं की जांच कर रही है। जहां कमियां मिल रही हैं, वहां संबंधित कारोबारियों को सुधार के लिए निर्देशित किया जा रहा है।

त्योहारों के समय बाजार में खाद्य सामग्री की खपत बढ़ जाती है। इस दौरान उपभोक्ताओं को कई प्रकार के उत्पादों की आवश्यकता होती है। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग का निरीक्षण अभियान उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ब्लिंकिट स्टोर से लिए गए चार खाद्य पदार्थों के नमूने

देवरिया नगर पालिका क्षेत्र के चकियवां स्थित ब्लिंकिट रिटेल स्टोर में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने व्रत में इस्तेमाल होने वाले चार प्रमुख खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। इनमें कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना और सेंधा नमक शामिल हैं।

इन खाद्य पदार्थों का उपयोग नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में लोग करते हैं। व्रत के अनुकूल भोजन तैयार करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी वजह से इनकी गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं की अपेक्षाएं भी अधिक रहती हैं।

निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार पर नमूने संग्रहित किए गए हैं। इन्हें खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला की जांच से ही संबंधित नमूनों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि नमूने लिए जाने का अर्थ अपने आप में खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि होना नहीं है। अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाएगा। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो खाद्य सुरक्षा विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

निरीक्षण में मिली कमियों पर सुधार नोटिस

ब्लिंकिट रिटेल स्टोर के निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के आधार पर प्रतिष्ठान को सुधार नोटिस जारी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य संबंधित कमियों को दूर कर खाद्य सुरक्षा से जुड़े निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।

खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने यहां उपलब्ध खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ साफ-सफाई और लाइसेंस संबंधी आवश्यकताओं का भी पालन करें। खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का अनुपालन उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

सुधार नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई के जरिए विभाग प्रतिष्ठानों को कमियों को दूर करने का अवसर देता है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि खाद्य सामग्री के भंडारण और बिक्री से जुड़ी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप रहें।

निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के विस्तृत स्वरूप की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसलिए किसी विशेष अनियमितता या खाद्य पदार्थ में मिलावट के संबंध में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इस मामले में प्रयोगशाला रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई की आगे की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

फल पकाने वाले प्रतिष्ठानों पर भी विभाग की नजर

नवरात्र और दशहरा पर्व को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग केवल व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच तक सीमित नहीं है। विभाग की ओर से केले और अन्य फलों को पकाने वाले प्रतिष्ठानों पर भी लगातार छापेमारी और निरीक्षण किया जा रहा है।

फलों की मांग त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है। श्रद्धालु व्रत और पूजा-पाठ के लिए केले सहित विभिन्न फलों का उपयोग करते हैं। ऐसे में फलों को पकाने की प्रक्रिया पर निगरानी रखना भी खाद्य सुरक्षा अभियान का अहम हिस्सा है।

विभाग के अनुसार, अब तक इस श्रेणी के आठ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इन निरीक्षणों के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में प्रतिबंधित रसायन का प्रयोग होता हुआ नहीं पाया गया। यह जानकारी निरीक्षण अभियान के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, क्योंकि फलों को पकाने में प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल की आशंका उपभोक्ताओं की सेहत और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा विषय है।

हालांकि, प्रतिबंधित रसायन का प्रयोग नहीं मिलने के बावजूद कुछ प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और लाइसेंस से संबंधित कमियां सामने आई हैं। इन कमियों को दूर करने के लिए संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।

इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी का दायरा केवल किसी एक खाद्य उत्पाद या कारोबारी प्रतिष्ठान तक सीमित नहीं है। विभाग त्योहारों के दौरान इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों और फलों की उपलब्धता से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दे रहा है।

व्रत सामग्री खरीदते समय उपभोक्ता भी बरतें सावधानी

त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के साथ उपभोक्ताओं की जागरूकता भी महत्वपूर्ण है। व्रत सामग्री खरीदते समय लोगों को पैकेट पर अंकित निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, निर्माता की जानकारी और अन्य आवश्यक विवरणों की जांच करनी चाहिए। पैकेट की सील और उसकी स्थिति पर भी ध्यान देना चाहिए।

खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी स्वच्छता और भंडारण की स्थिति पर गौर करना उपयोगी हो सकता है। किसी उत्पाद की पैकेजिंग खराब होने, असामान्य गंध आने या उसकी स्थिति संदिग्ध लगने पर उसे खरीदने से बचना चाहिए।

उपभोक्ताओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि केवल आकर्षक पैकेजिंग या कम कीमत किसी उत्पाद की गुणवत्ता की गारंटी नहीं होती। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सूचना दी जा सकती है। इससे विभाग को आवश्यक जांच और कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

त्योहारों तक जारी रहेगा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का परीक्षण

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार, पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जांच अभियान जारी रहेगा। विभाग की ओर से विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने एकत्र करने और नियमों के अनुपालन की स्थिति पर नजर रखने की कार्रवाई की जा रही है।

देवरिया में ब्लिंकिट स्टोर से लिए गए चार नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी गुणवत्ता के संबंध में स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। वहीं, फल पकाने वाले आठ प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में प्रतिबंधित रसायन का प्रयोग नहीं मिलने की जानकारी विभाग ने दी है। साफ-सफाई और लाइसेंस से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए संबंधित कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं।

नवरात्र और दशहरा जैसे पर्वों पर खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी, प्रयोगशाला परीक्षण और नियमों का पालन आवश्यक है। विभागीय जांच का वास्तविक परिणाम नमूनों की रिपोर्ट तथा निरीक्षण के बाद होने वाली कार्रवाई से सामने आएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य कारोबार में निर्धारित मानकों के अनुपालन की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा।

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