17 अक्टूबर 2026 8:12 अपराह्न

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति को लेकर नवंबर में बड़ा आंदोलन, 10 हजार कोल-भीलों के मथुरा पहुंचने की घोषणा

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन को लेकर मथुरा पहुंचे कोल-भील और संतों की यात्रा, साथ में रिपोर्टर चुन्नीलाल प्रधान

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रिपोर्ट : चुन्नीलाल प्रधान

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के संकल्प के साथ चित्रकूट से निकली संकल्प यात्रा मंगलवार को मथुरा पहुंची। सलेमपुर रोड स्थित केडीएस इंटरनेशनल स्कूल परिसर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में यात्रा का स्वागत किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं और यात्रा में शामिल लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रियों का अभिनंदन किया। सभा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे और आगामी 16 नवंबर को 10 हजार कोल-भीलों के साथ मथुरा पहुंचकर बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान धार्मिक नारों से वातावरण गूंजता रहा। विशेष रूप से ‘आ गए हैं अवध बिहारी, अब आएंगे कृष्ण मुरारी’ के उद्घोष ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाएं और अन्य यात्री भी शामिल रहे।

चित्रकूट से निकली संकल्प यात्रा का मथुरा में स्वागत

भगवान बिरसा मुंडा सेवा संस्थान और सीता रसोई चित्रकूट के अध्यक्ष स्वामी हरिनारायण दास महाराज के नेतृत्व में यह संकल्प यात्रा चित्रकूट से शुरू हुई थी। यात्रा के मथुरा पहुंचने पर आयोजित सभा में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित हुए। आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विषय को लेकर जनजागरण करना और लोगों को अपने अभियान से जोड़ना है।

सभा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने यात्रा में शामिल लोगों से संवाद किया। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल का उल्लेख करते हुए उपस्थित लोगों के सामने सवाल रखा कि क्या उक्त स्थल हिंदू समाज को वापस मिलना चाहिए। उनके इस सवाल पर सभा में मौजूद तीन सौ से अधिक यात्रियों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति व्यक्त की।

मूल गर्भगृह स्थल को लेकर कानूनी लड़ाई का किया उल्लेख

महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने अपने संबोधन में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर से संबंधित इतिहास और उससे जुड़े विवाद का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके पक्ष के अनुसार मंदिर को अतीत में कई बार तोड़े जाने के प्रमाण और ऐतिहासिक संदर्भ सामने आते हैं। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल को लेकर न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले से संबंधित विभिन्न ऐतिहासिक साक्ष्यों को अलग-अलग देशों और स्रोतों से एकत्र कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि का विषय अब केवल मथुरा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में भी इसकी चर्चा हो रही है। उन्होंने दावा किया कि विदेशों में भी इस विषय को लेकर जागरूकता से जुड़े प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के निर्माण से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों ने इस दौरान उनके समर्थन में नारे भी लगाए।

16 नवंबर को 10 हजार कोल-भीलों के साथ मथुरा आने की घोषणा

सभा का प्रमुख आकर्षण स्वामी हरिनारायण दास महाराज की घोषणा रही। उन्होंने कहा कि आगामी 16 नवंबर को 10 हजार कोल-भीलों के साथ एक बार फिर मथुरा में यात्रा लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित कार्यक्रम में हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट का सहयोग लिया जाएगा।

इस घोषणा के बाद सभा स्थल तालियों की आवाज से गूंज उठा। आयोजकों ने इसे श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। हालांकि प्रस्तावित कार्यक्रम का स्वरूप और उसकी प्रशासनिक स्थिति आने वाले समय में स्पष्ट होगी।

19 सितंबर को चित्रकूट से रवाना हुई थी यात्रा

आयोजकों के अनुसार वर्तमान संकल्प यात्रा 19 सितंबर को चित्रकूट से रवाना हुई थी। विभिन्न शहरों और क्षेत्रों से होते हुए यात्रा मथुरा पहुंची। यात्रा में महिलाओं समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समर्थक शामिल रहे। आयोजकों ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य रास्ते में पड़ने वाले विभिन्न स्थानों पर लोगों से संवाद करना और श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े अभियान की जानकारी देना रहा।

मथुरा पहुंचने के बाद आयोजित कार्यक्रम में यात्रा में शामिल लोगों का स्वागत किया गया। सभा में वक्ताओं ने चित्रकूट और मथुरा के धार्मिक-सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया तथा लोगों को आगे होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होने का आह्वान किया।

मथुरा पहुंचते ही पुलिस प्रशासन रहा सतर्क

संकल्प यात्रा के मथुरा जिले की सीमा में प्रवेश करने के बाद पुलिस-प्रशासन भी सतर्क नजर आया। कार्यक्रम स्थल पर एसडीएम सदर, सीओ रिफाइनरी और थाना हाईवे प्रभारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती की गई।

स्थानीय इंटेलिजेंस से भी यात्रा और कार्यक्रम से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली जाती रही। प्रशासन की निगरानी के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।

कोल-भील समाज की भागीदारी पर रहा जोर

आयोजकों ने आगामी 16 नवंबर के प्रस्तावित कार्यक्रम में कोल-भील समाज की बड़ी भागीदारी की बात कही है। स्वामी हरिनारायण दास महाराज ने 10 हजार लोगों के साथ मथुरा पहुंचने की घोषणा करते हुए इसे अभियान के विस्तार से जोड़ा। इस घोषणा के बाद उपस्थित लोगों में उत्साह देखा गया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने लोगों से अभियान से जुड़ने और चित्रकूट आने का भी निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित विषय को लेकर जनसंवाद आगे भी जारी रखा जाएगा।

संतों और स्थानीय लोगों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में राधाकुंड के संत कृष्ण दास जी महाराज सहित कई संत, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। आयोजन में सुंदरिया, मालती, अशोक प्रताप सिंह, जितेंद्र सिंह, ब्रज बिहारी, रामवती, मनोज, महेश, राजीव शर्मा, भगत सिंह, त्रिलोकी और लाखन सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

चित्रकूट से शुरू हुई इस संकल्प यात्रा के मथुरा पहुंचने के साथ ही आयोजकों ने नवंबर में प्रस्तावित अगले कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। अब 16 नवंबर को प्रस्तावित 10 हजार कोल-भीलों की भागीदारी वाली यात्रा को लेकर तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा मामला न्यायिक प्रक्रिया में होने के कारण इस पूरे अभियान पर सामाजिक, धार्मिक और प्रशासनिक स्तर पर भी नजर बनी हुई है।

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