17 अक्टूबर 2026 8:09 अपराह्न

कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड : पिता की कथित अय्याशी से नाराज बेटे ने रची हत्या की साजिश

कानपुर दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की रिपोर्ट में पत्रकार दुर्गा प्रसाद शुक्ला की तस्वीर और जांच से जुड़ी प्रतीकात्मक तस्वीर

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दुर्गा प्रसाद शुक्ला की रिपोर्ट

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने घटनाक्रम की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसमें पारिवारिक तनाव, संपत्ति को लेकर आशंका, आर्थिक परेशानियां और कथित घरेलू विवाद एक-दूसरे से जुड़े नजर आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में मृतक के बेटे सुब्रत मिनोचा ने पूछताछ के दौरान अपने पिता की हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस का दावा है कि सुब्रत ने अपने पूर्व नौकर विशाल को पिता की हत्या के लिए तैयार किया था।

पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने पूछताछ में अपने पिता के निजी जीवन को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उनके कई महिलाओं से कथित संबंध थे। उसका कहना था कि पिता अपनी महिला मित्रों पर बड़ी रकम खर्च करते थे, जबकि उसे सीमित पैसे दिए जाते थे। पुलिस के अनुसार, इसी वजह से सुब्रत के मन में पिता के प्रति नाराजगी बढ़ती गई और उसने हत्या की साजिश रचने का फैसला किया।

हालांकि, मृतक विनीत मिनोचा पर लगाए गए निजी जीवन से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। पुलिस ने पूछताछ के दौरान सामने आए इन दावों को जांच का हिस्सा बताया है।

पांच सितंबर को फ्लैट में हुई थी दवा कारोबारी की हत्या

पुलिस के अनुसार, विनीत मिनोचा की हत्या पांच सितंबर को कानपुर के केशवपुरम स्थित रतन ऑर्बिट के फ्लैट नंबर सी-104 में हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और परिवार तथा कारोबारी से जुड़े लोगों से पूछताछ की।

शुरुआती जांच में पुलिस ने मृतक की बहू शालू, पूर्व नौकर विशाल गौतम और राजकिशोर को गिरफ्तार किया था। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस की निगाह मृतक के बेटे सुब्रत मिनोचा पर भी गई। पुलिस ने उसके व्यवहार, घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उससे पूछताछ शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से भी पूछताछ की और उन्हें कस्टडी रिमांड पर लेकर घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस के अनुसार, सुब्रत से अन्य आरोपियों का आमना-सामना कराया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के क्रम में सुब्रत ने हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की।

पुलिस के मुताबिक बेटे ने दी थी हत्या की सुपारी

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, सुब्रत ने पूछताछ में बताया कि उसने ही अपने पूर्व नौकर विशाल को पिता की हत्या के लिए तैयार किया था। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत का कहना था कि पिता के कथित निजी संबंधों और उनके खर्च करने के तरीके से वह काफी परेशान था।

पूछताछ में सामने आई जानकारी के हवाले से पुलिस ने बताया कि सुब्रत को आशंका थी कि उसके पिता भविष्य में किसी महिला से शादी कर सकते हैं और अपनी संपत्ति का कुछ हिस्सा उसे दे सकते हैं। पुलिस के अनुसार, पिता की महिला मित्रों की तस्वीरें सुब्रत को दिखाए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है।

सुब्रत ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि इन परिस्थितियों के कारण उसके भीतर पिता के प्रति नाराजगी बढ़ती गई। उसका दावा था कि पिता की जीवनशैली के कारण परिवार की सामाजिक छवि भी प्रभावित हो रही थी और उसे लोगों के बीच शर्मिंदगी महसूस होती थी।

इन दावों की वास्तविकता और उनके पीछे की परिस्थितियों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

हर महीने 40 हजार रुपये मिलने का दावा, फिर भी आर्थिक परेशानी

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सुब्रत ने अपनी आर्थिक स्थिति का भी उल्लेख किया। उसने कथित तौर पर बताया कि उसके पिता उसे हर महीने करीब 40 हजार रुपये देते थे, लेकिन वह खुद कर्ज में डूबा हुआ था। खर्च और किस्तों का दबाव इतना था कि उसे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा था।

पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने यह भी बताया कि आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए उसने अपनी ही दुकान से कई बार चोरी की। उसके अनुसार, उसने करीब सात-आठ बार दुकान से सामान या रकम चोरी की थी।

जांच में पूर्व नौकर विशाल की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, विशाल को महंगी दवाओं को गाड़ी में रखने और उन्हें आगे बेचने में सुब्रत की मदद करने की जानकारी थी। पुलिस का कहना है कि इस दौरान पिता को जब इस तरह की गतिविधियों का पता चलता था तो वह विशाल को डांटते थे। सुब्रत के कथित बयान के अनुसार, इसी वजह से विशाल भी विनीत मिनोचा से नाराज था।

पुलिस का दावा है कि सुब्रत ने इसी नाराजगी को अपने पक्ष में इस्तेमाल किया और विशाल को पिता की हत्या के लिए तैयार किया।

पत्नी शालू को फंसाने की कोशिश का पुलिस का दावा

इस हत्याकांड की जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने अपनी पत्नी शालू को मामले में फंसाने की कोशिश की थी।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, शुरुआत में परिस्थितियां ऐसी बनीं कि पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर लिया। बाद में जांच के दौरान डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की समीक्षा की गई तो घटनाक्रम में कई ऐसे बिंदु सामने आए, जिनसे पुलिस को सुब्रत की भूमिका पर संदेह गहराया।

पुलिस का कहना है कि सुब्रत ने हत्या की साजिश को इस तरह अंजाम देने की कोशिश की कि संदेह उसकी पत्नी की ओर चला जाए। जांच के दौरान जब पुलिस को उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने लगे तो उससे लगातार पूछताछ की गई।

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद शालू के खिलाफ मामले में अंतिम रिपोर्ट लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस ने उसे इस मामले में निर्दोष मानने की बात कही है। अंतिम कानूनी स्थिति जांच और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार तय होगी।

चाचा को भी फंसाने की थी कथित योजना

पुलिस के अनुसार, सुब्रत की साजिश केवल अपनी पत्नी को फंसाने तक सीमित नहीं थी। पूछताछ में उसने कथित तौर पर यह भी बताया कि वह पहले अपने चाचा को इस हत्याकांड में फंसाने की योजना बना रहा था।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, सुब्रत को आशंका थी कि यदि परिवार में उसके खिलाफ कोई व्यक्ति पैरवी करने वाला नहीं बचेगा तो उसके लिए परिस्थितियां आसान हो सकती हैं। इसी सोच के तहत उसने कथित तौर पर अपने चाचा को भी मामले में फंसाने की योजना बनाई।

हालांकि, पुलिस के अनुसार, घटनाक्रम उसके अनुमान के मुताबिक नहीं चला। विशाल द्वारा पूछताछ के दौरान शालू का नाम लिए जाने से पुलिस का ध्यान इस दिशा में गया और जांच का दायरा बढ़ता गया।

जांच अधिकारियों ने इसके बाद उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को एक-दूसरे से मिलाना शुरू किया। पुलिस का कहना है कि इसी प्रक्रिया में सुब्रत की भूमिका सामने आती गई।

पूछताछ में टूटता रहा घटनाक्रम, सामने आते गए नए तथ्य

पुलिस के अनुसार, सुब्रत से पूछताछ के कई दौर हुए। शुरुआत में वह हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था। पुलिस के पास डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य होने का दावा किया गया है। साथ ही कुछ गवाहों के बयान भी जांच का हिस्सा बताए गए हैं।

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, पूछताछ के चौथे दौर में घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया। पुलिस का कहना है कि सुब्रत से लगातार सवाल किए गए, लेकिन वह लंबे समय तक अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं कर रहा था।

जब पूछताछ पूरी होने तक उसने कथित तौर पर अपना अपराध स्वीकार नहीं किया तो पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की। इसके बाद उसे मामले में मुख्य आरोपी के रूप में जांच के दायरे में लिया गया।

पत्नी के भावुक होने के बाद सामने आया कथित कबूलनामा

इस पूरे मामले में सबसे भावुक घटनाक्रम तब सामने आया, जब पुलिस ने शालू को सुब्रत की गिरफ्तारी की जानकारी दी।

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद शालू भावुक हो गई और रोने लगी। उसने पुलिस अधिकारियों के सामने अपने पति को घर जाने देने की गुहार लगाई। पुलिस के अनुसार, शालू ने यहां तक कहा कि यदि सुब्रत को छोड़ दिया जाए तो वह अपने ससुर की हत्या की साजिश का दोष अपने ऊपर लेने के लिए तैयार है और इसके लिए जेल जाने को भी तैयार है।

पुलिस के मुताबिक, पत्नी की इस प्रतिक्रिया का सुब्रत पर भावनात्मक असर पड़ा। वह भी भावुक हो गया और उसकी आंखों में आंसू आ गए। इसके बाद पुलिस का दावा है कि उसने हत्या की साजिश में अपनी भूमिका के बारे में जानकारी देना शुरू किया।

यही वह बिंदु बताया जा रहा है, जहां से जांच में परिवार के भीतर चल रहे कथित तनाव और हत्या की साजिश की पूरी तस्वीर सामने आने लगी।

जांच में अब किन पहलुओं पर पुलिस का ध्यान

विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश, आरोपियों के बीच संपर्क, घटना से पहले और बाद की गतिविधियों तथा कथित आर्थिक लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या से पहले आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क हुआ और घटना को अंजाम देने के बाद किस प्रकार परिस्थितियों को दूसरी दिशा में मोड़ने की कोशिश की गई।

इसके साथ ही पुलिस के सामने यह महत्वपूर्ण सवाल भी है कि हत्या की साजिश में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक भूमिका क्या थी। किसी आरोपी के बयान को अंतिम तथ्य मानने के बजाय पुलिस को उसे डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य जांच सामग्री से मिलाना होगा।

शालू की भूमिका को लेकर भी पुलिस ने अब उसे निर्दोष मानते हुए अंतिम रिपोर्ट लगाने की बात कही है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम कानूनी स्थिति जांच की औपचारिक कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

पारिवारिक विवाद से हत्या की साजिश तक पहुंचा मामला

कानपुर का यह मामला अब केवल एक कारोबारी की हत्या की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस के दावों के अनुसार, इसके पीछे परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे मतभेद, आर्थिक दबाव, पिता के निजी जीवन को लेकर बेटे की कथित नाराजगी, संपत्ति को लेकर आशंका और रिश्तों में पैदा हुआ अविश्वास जैसे कई पहलू जुड़े हुए हैं।

पुलिस के अनुसार, सुब्रत ने अपने पिता की हत्या के लिए पूर्व नौकर विशाल की मदद ली और बाद में जांच को भटकाने के लिए अलग-अलग लोगों को संदेह के घेरे में लाने की कोशिश की। जांच में बहू शालू की गिरफ्तारी और बाद में उसकी भूमिका पर उठे सवाल इस मामले को और पेचीदा बनाते हैं।

फिलहाल विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। सुब्रत मिनोचा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके कथित कबूलनामे और अब तक सामने आए साक्ष्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाएगी। हत्या के पीछे बताई जा रही वजहों, आरोपियों की भूमिका और साजिश की पूरी तस्वीर न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों से और स्पष्ट होगी।

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