अकीदत के साथ निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, हजारों लोगों ने की शिरकत

भाटपार रानी में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकले जुलूस-ए-मोहम्मदी की तस्वीरों का फीचर कोलाज, जिसमें जुलूस में शामिल लोग, धार्मिक झंडे और रिपोर्टर इरफान अली लारी दिखाई दे रहे हैं।

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रिपोर्ट: इरफान अली लारी

देवरिया। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को देवरिया जिले के भाटपार रानी कस्बे और आसपास के गांवों में धार्मिक उत्साह और अकीदत का माहौल नजर आया। बारह रबी-उल-अव्वल के मौके पर जामा मस्जिद भाटपार रानी से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस में बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। पूरे रास्ते नात-ए-मुस्तफा और धार्मिक नारों की गूंज सुनाई देती रही।

जामा मस्जिद से सुबह निकला जुलूस

जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन जामा मस्जिद भाटपार रानी के मौलाना एवं हाफिज मुजीब अहमद राज तथा मस्जिद कमेटी की देखरेख में किया गया। सुबह करीब आठ बजे जुलूस जामा मस्जिद से रवाना हुआ। जुलूस में हाथी और घोड़ों के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। श्रद्धालुओं में इस अवसर को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया।

जुलूस में शामिल लोग पैगंबर हजरत मुहम्मद की पैदाइश की खुशी में नात पढ़ते और धार्मिक नारों के साथ आगे बढ़ते रहे। वातावरण में ‘सरकार की आमद मरहबा’, ‘आका की आमद मरहबा’ और ‘मुख्तार की आमद मरहबा’ जैसे नारों की गूंज सुनाई देती रही। जुलूस में शामिल लोगों ने आपसी भाईचारे, अमन और खुशहाली की भावना के साथ इस अवसर को मनाया।

इन प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा जुलूस

जामा मस्जिद से निकलने के बाद जुलूस चिकटोली होते हुए रतसिया मोड़ की तरफ बढ़ा। इसके बाद जुलूस शिव मंदिर, आर्य चौक, दुर्गा मंदिर रोड और स्टेशन रोड से होकर बेलपार चौराहे तक पहुंचा। पूरे मार्ग पर लोगों की भीड़ दिखाई दी।

जुलूस जिस-जिस रास्ते से गुजरा, वहां स्थानीय लोगों ने भी धार्मिक सौहार्द और स्वागत की भावना दिखाई। कई स्थानों पर लोगों ने ईद मिलादुन्नबी की खुशी में जुलूस में शामिल लोगों के लिए मिठाई, शरबत और पानी की व्यवस्था की। इससे जुलूस के दौरान आपसी मेल-जोल और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला।

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विधायक आशुतोष उपाध्याय ने दी बधाई

जुलूस-ए-मोहम्मदी में सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय उर्फ बबलू ने भी शामिल होकर लोगों को ईद मिलादुन्नबी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जुलूस में शामिल लोगों को पैगंबर हजरत मुहम्मद की पैदाइश की खुशी पर मुबारकबाद देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों में आपसी भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए।

विधायक ने कहा कि लोग इसी तरह हर वर्ष पैगंबर की पैदाइश का पर्व उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते रहें। उन्होंने आयोजकों और जुलूस में शामिल लोगों को अपनी ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मस्जिद कमेटी के पदाधिकारी और हजारों लोग रहे मौजूद

जुलूस-ए-मोहम्मदी के आयोजन में जामा मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कमेटी की ओर से डॉक्टर मोहर्रम अंसारी, मोहम्मद ईशा, मास्टर कामरान, मास्टर गुड्डू कुरैशी, ठेकेदार शहाबुद्दीन अली, डॉक्टर जुनैद अली, सेवक सलीम अली, अशरफ कुरैशी, मोहम्मद इस्माइल लारी, मोहम्मद इब्राहिम लारी, जावेद अली, मोहम्मद चांद कुरैशी, अनवर अंसारी, गुल मोहम्मद और मोहम्मद शाह आलम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

आयोजकों के मुताबिक जुलूस में कस्बे के अलावा आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बुजुर्गों के साथ युवाओं और बच्चों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया।

जामा मस्जिद में फातिहा और दुआ के साथ हुआ समापन

बेलपार चौराहे तक जाने के बाद जुलूस निर्धारित मार्ग से वापस जामा मस्जिद पहुंचा। वापसी के बाद जामा मस्जिद में सीरनी की फातिहा पढ़ी गई। इसके बाद सामूहिक रूप से दुआ की गई।

दुआ के दौरान देश और समाज की सुरक्षा, अमन-चैन और खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई। लोगों ने मुल्क में शांति, भाईचारे और आपसी सद्भाव कायम रहने की कामना की। धार्मिक आयोजन के समापन के बाद लोग अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए।

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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस रही मुस्तैद

जुलूस-ए-मोहम्मदी को देखते हुए भाटपार रानी थाना पुलिस और प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। जुलूस के निर्धारित मार्ग पर पुलिसकर्मी मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था पर नजर रखी गई। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा।

प्रशासन का प्रयास रहा कि जुलूस के दौरान यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो तथा किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस की निगरानी के बीच जुलूस का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर भाटपार रानी में निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता नजर आया। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी और रास्ते में स्थानीय लोगों द्वारा किए गए स्वागत से पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा।

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Author: यायावर

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