देवरिया

बिहार बॉर्डर पर शराब तस्करों की कमर तोड़ने में जुटी लार पुलिस, स्कॉर्पियो से 32 पेटी देसी शराब बरामद

बिहार भेजी जा रही थी अवैध खेप, पुलिस की घेराबंदी देख तस्करों के उड़े होश

इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जिले की लार पुलिस ने बिहार में शराब तस्करी के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की खेप पकड़कर तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से लगातार शराब तस्करी की कोशिशें हो रही हैं, लेकिन देवरिया पुलिस की सख्ती के चलते तस्करों को लगातार झटके लग रहे हैं। बुधवार सुबह लार थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक सफेद स्कॉर्पियो वाहन से 32 पेटी अवैध देसी शराब बरामद की। यह खेप बिहार ले जाई जा रही थी।

पुलिस की इस कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। लगातार दूसरे दिन बड़ी बरामदगी ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में शराब की मांग पूरी करने के लिए तस्कर नए-नए तरीकों और लग्जरी वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की सक्रियता उनके नेटवर्क पर भारी पड़ रही है।

मुखबिर की सूचना पर की गई घेराबंदी

जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देश पर जिलेभर में अवैध शराब और तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार के पर्यवेक्षण में लार थाना पुलिस बुधवार सुबह संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी।

चेकिंग के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बिहार की ओर एक स्कॉर्पियो वाहन में भारी मात्रा में अवैध शराब ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और प्राइमरी पाठशाला खरवनिया तिराहा के पास घेराबंदी शुरू कर दी।

कुछ देर बाद सफेद रंग की स्कॉर्पियो संख्या BR1AP3878 वहां पहुंची। पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली तो उसमें शराब की पेटियां भरी मिलीं। वाहन की जांच के दौरान पुलिस ने 32 पेटी अवैध देसी शराब बरामद की।

‘बंटी बबली’ ब्रांड की थी शराब

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बरामद शराब ‘बंटी बबली’ ब्रांड की देसी शराब थी। प्रत्येक पाउच 200 एमएल का था। कुल 1440 पाउच यानी करीब 288 लीटर शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब और स्कॉर्पियो वाहन को कब्जे में लेकर थाना लार में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

इस मामले में मु0अ0सं0-150/2026 के तहत धारा 60 आबकारी अधिनियम में कार्रवाई की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और बिहार में किस नेटवर्क तक पहुंचाई जानी थी।

शराब तस्करी का नया रूट बना बॉर्डर इलाका

देवरिया और बिहार सीमा से जुड़े इलाकों में शराब तस्करी लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद यूपी-बिहार सीमा तस्करों के लिए सबसे सक्रिय कॉरिडोर बन चुकी है। तस्कर अब छोटे वाहनों के साथ-साथ एसयूवी और लग्जरी गाड़ियों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके।

हालांकि लार पुलिस लगातार सक्रियता दिखा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी चेकिंग और मुखबिर तंत्र की मजबूती के कारण तस्करों की धरपकड़ तेज हुई है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लगातार दूसरे दिन बड़ी सफलता

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही लार पुलिस ने मेहरौना बॉर्डर के पास एक पिकअप वाहन से 55 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की थी। उस कार्रवाई में मेरठ निवासी एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया था। अब स्कॉर्पियो से 32 पेटी देसी शराब की बरामदगी ने यह संकेत दे दिया है कि तस्कर लगातार नए रास्तों और नए वाहनों का सहारा ले रहे हैं।

लगातार हो रही कार्रवाई से यह भी साफ है कि पुलिस अब शराब तस्करी को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गई है। सीमाई इलाकों में रात-दिन निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध वाहनों की गहन जांच की जा रही है।

पुलिस टीम की हो रही सराहना

इस कार्रवाई को सफल बनाने में उपनिरीक्षक परवेज आलम, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार गुप्ता, हेड कांस्टेबल महबूब खान और कांस्टेबल राहुल भास्कर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने टीम की तत्परता और मुस्तैदी की सराहना की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार अभियान चलता रहा तो शराब तस्करों के हौसले टूट जाएंगे। पुलिस की सक्रियता से सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगने लगी है।

शराबबंदी के कारण बढ़ा तस्करी का कारोबार

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब की सप्लाई तेजी से बढ़ी है। उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिले इस अवैध कारोबार का प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। तस्कर कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लिए जोखिम उठाने से भी पीछे नहीं हट रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि शराबबंदी वाले राज्यों की सीमाओं पर निगरानी और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। साथ ही तस्करी में शामिल गिरोहों की आर्थिक और तकनीकी जांच भी जरूरी है ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके।

पुलिस का अभियान रहेगा जारी

देवरिया पुलिस ने साफ किया है कि अवैध शराब और तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। सीमावर्ती इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लगातार हो रही बरामदगी से यह संदेश भी गया है कि पुलिस अब शराब तस्करों के खिलाफ पूरी सख्ती के मूड में है।

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