रिपोर्टर कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट
AJAMGADH
एक ही परिवार से जुड़े सात वर्ष पुराने हत्याकांड की परछाई आखिरकार ऐसी खूनी त्रासदी में बदल गई, जिसने तीन लोगों की जान ले ली। घर में चल रहे पूजा-पाठ के बीच हुए विवाद ने अचानक हिंसक रूप धारण कर लिया और परिवार के भीतर वर्षों से सुलग रहे आरोप, अविश्वास और तनाव एक बार फिर सामने आ गए। घटना में आरोपी ने अपनी पत्नी और पूजा कराने आए दो पुजारियों को गोली मार दी। बाद में पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी भी मारा गया। पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
सात साल पहले हुई हत्या से जुड़ रहे हैं तार
परिजनों के अनुसार वर्तमान खूनी घटनाक्रम की जड़ें वर्ष 2019 में हुई एक चर्चित हत्या तक पहुंचती हैं। उस समय आरोपी के सगे भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में परिवार के ही कुछ लोगों के नाम सामने आए थे और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
परिवार का दावा है कि उस हत्या के बाद रिश्तों में दरार गहराती चली गई। मुकदमे, आरोप और कानूनी लड़ाइयों ने परिवार को दो हिस्सों में बांट दिया। वर्षों तक चली यह कड़वाहट खत्म नहीं हुई और तनाव लगातार बना रहा।
कथित रिश्तों को लेकर बढ़ी थी दुश्मनी
परिजनों का आरोप है कि मृतक भाई की पत्नी और परिवार के एक अन्य सदस्य के बीच कथित संबंधों को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इसी मुद्दे पर कई मुकदमे दर्ज हुए और दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी बढ़ती गई।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन परिवार के लोग इन्हें दोनों घटनाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी मान रहे हैं। पुलिस भी पुराने विवादों और उससे जुड़े कानूनी मामलों की पड़ताल कर रही है।
पूजा-पाठ बना टकराव की वजह
परिवार के लोगों के अनुसार घर में घटना से पहले कुछ दिनों से विशेष पूजा-पाठ चल रहा था। कुछ लोगों का मानना था कि परिवार पर आ रही परेशानियों और लगातार बने तनाव को दूर करने के लिए धार्मिक अनुष्ठान कराया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से पुजारियों को घर बुलाया गया था।
बताया जाता है कि आरोपी इस पूजा-पाठ से सहमत नहीं था। उसने पहले ही पुजारियों को दोबारा घर न आने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद पूजा जारी रही। मंगलवार शाम जब वह घर लौटा तो पूजा-पाठ होता देखकर कथित तौर पर नाराज हो गया।
पुजारियों से पहचान संबंधी दस्तावेज मांगने पर बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि घर पहुंचने के बाद आरोपी की पुजारियों से बहस हुई। इसी दौरान उनसे पहचान संबंधी दस्तावेज, जिसमें आधार कार्ड भी शामिल बताया जा रहा है, मांगा गया। इस बात को लेकर माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
इसके बाद आरोपी और उसकी पत्नी के बीच भी विवाद शुरू हो गया। परिजनों के मुताबिक बहस के दौरान पुराने हत्याकांड और पारिवारिक संबंधों से जुड़े आरोपों का जिक्र हुआ। वर्षों से दबा हुआ गुस्सा और पुरानी कड़वाहट फिर सामने आने लगी।
विवाद ने लिया खूनी मोड़
परिजनों के अनुसार विवाद बढ़ने के दौरान आरोपी ने कथित रूप से पिस्टल निकाल ली। देखते ही देखते घरेलू विवाद हिंसक हो गया और गोली चलने की घटना हुई। आरोपी की पत्नी और पूजा कराने आए दो पुजारियों को गोली लगने की जानकारी सामने आई है। तीनों की मौत हो गई।
घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों को जैसे ही गोलीबारी की जानकारी मिली, इलाके में दहशत फैल गई। सूचना पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की।
बच्चों को घर में रोकने से स्थिति हुई और गंभीर
घटना के दौरान आरोपी के बच्चों के घर के भीतर होने की जानकारी भी सामने आई। बताया गया कि आरोपी ने बच्चों को घर के अंदर ही रोक लिया था। इससे पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने और आरोपी को काबू करने की थी।
पुलिस ने स्थिति को देखते हुए कार्रवाई की और बाद में आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाने और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की।
2019 के हत्याकांड की भूमिका भी जांच के केंद्र में
वर्तमान घटना में वर्ष 2019 का पुराना हत्याकांड एक अहम कड़ी के रूप में सामने आ रहा है। परिवार के अनुसार उस घटना के बाद से रिश्तों में तनाव बना हुआ था। पुराने मुकदमों और आरोपों ने परिवार के सदस्यों के बीच दूरी और बढ़ा दी थी।
परिजनों का कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे विवाद और घटनाओं ने परिवार के सदस्यों को मानसिक रूप से परेशान कर रखा था। हालांकि किसी पुराने विवाद को वर्तमान वारदात का प्रत्यक्ष कारण मानने से पहले पुलिस जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड का सामने आना जरूरी है।
कई सवालों के जवाब अभी बाकी
इस घटना के बाद कई सवाल सामने हैं। आखिर घरेलू विवाद इतनी तेजी से हिंसा में कैसे बदल गया? पुराने हत्याकांड और वर्तमान घटना के बीच वास्तविक संबंध कितना गहरा है? पूजा-पाठ को लेकर शुरू हुआ विवाद किस तरह हथियार चलने तक पहुंचा? इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
रिश्तों को लेकर लगाए गए आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। फिलहाल इन्हें परिजनों के दावों के रूप में ही देखा जा सकता है। पुलिस को घटनास्थल से मिले साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पुराने मुकदमों के रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी होंगी।
पुलिस जांच से साफ होगी घटना की पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। जांच में पारिवारिक विवाद, वर्ष 2019 का हत्याकांड, पुराने कानूनी मामले, रिश्तों को लेकर लगाए गए आरोप, पूजा-पाठ से जुड़ा विवाद और घटना के दिन की परिस्थितियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि घटना की वास्तविक शुरुआत कहां से हुई और विवाद किस क्रम में गोलीबारी तक पहुंचा। जांच पूरी होने के बाद ही इस भयावह वारदात की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
कमलेश कुमार चौधरी की रिपोर्ट













