रिपोर्टर : इरफान अली लारी
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक रेस्टोरेंट में पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि मटन के साथ रोटी नहीं मिलने को लेकर शुरू हुई कहासुनी बाद में हंगामे में बदल गई। रेस्टोरेंट संचालक की ओर से दी गई तहरीर में एक इंस्पेक्टर और उनके साथ आए लोगों पर गाली-गलौज करने तथा रेस्टोरेंट बंद कराने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। घटना रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड होने की बात कही जा रही है।
यह मामला शाहपुर थाना क्षेत्र के फातिमा, पादरी बाजार बाईपास रोड पर स्थित एक रेस्टोरेंट का बताया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और संबंधित तथ्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रेस्टोरेंट में रोटी को लेकर शुरू हुआ विवाद
रेस्टोरेंट संचालक की तहरीर के अनुसार, सोमवार की शाम लगभग छह बजे एक पुलिसकर्मी रेस्टोरेंट पहुंचा था। आरोप है कि वह अपने साथ मटन लेकर आया और कर्मचारियों से उसे पकाकर तैयार रखने के लिए कहा। पुलिसकर्मी ने बताया कि बाद में इंस्पेक्टर साहब और उनके कुछ साथी खाना खाने के लिए पहुंचेंगे। इसके बाद वह वहां से चला गया।
शिकायत के मुताबिक, देर रात इंस्पेक्टर सहित कुछ अन्य लोग रेस्टोरेंट पहुंचे। इनमें कुछ लोगों के सादे कपड़ों में होने का भी उल्लेख किया गया है। स्टाफ की ओर से मटन के साथ चावल परोसे गए। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने रोटी की मांग की, लेकिन देर रात होने के कारण रोटी तैयार करने में समय लगने की बात कही गई।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू होने का आरोप है। रेस्टोरेंट पक्ष के अनुसार, रोटी उपलब्ध कराने में देरी को लेकर नाराजगी बढ़ती गई और विवाद काफी देर तक चलता रहा। घटना के दौरान क्या-क्या हुआ, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
550 रुपये के बिल को लेकर भी विवाद का आरोप
तहरीर में रेस्टोरेंट संचालक ने आरोप लगाया है कि खाना खाने के बाद जब मैनेजर ने 550 रुपये का बिल प्रस्तुत किया, तो इंस्पेक्टर सहित साथ आए पुलिसकर्मी नाराज हो गए। शिकायत के अनुसार, इसके बाद मैनेजर और रेस्टोरेंट स्टाफ के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की गई।
रेस्टोरेंट पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि इंस्पेक्टर ने रेस्टोरेंट बंद कराने की धमकी दी। हालांकि, धमकी दिए जाने और विवाद के अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर जांच कर रही है।
संचालक के पहुंचने पर शांत हुआ मामला
शिकायत के अनुसार, विवाद की जानकारी मिलने के बाद रेस्टोरेंट संचालक दुर्गेश मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराने का प्रयास किया। रेस्टोरेंट पक्ष का कहना है कि इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
घटना के बाद संचालक ने स्थानीय थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कथित गाली-गलौज, धमकी और विवाद के दौरान हुई गतिविधियों की जांच कराने का अनुरोध किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
CCTV फुटेज से सामने आएगी घटना की सच्चाई
रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना रिकॉर्ड होने की बात कही जा रही है। ऐसे में जांच के दौरान फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकती है। रिकॉर्डिंग के जरिए घटना के क्रम, मौके पर मौजूद लोगों और विवाद से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि, किसी भी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सभी आरोप स्वतः सिद्ध नहीं होते। पुलिस को वीडियो के साथ शिकायतकर्ता, रेस्टोरेंट कर्मचारियों और घटना में शामिल बताए जा रहे पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज करने पड़ सकते हैं। निष्पक्ष जांच के लिए दोनों पक्षों की बात सुनना आवश्यक होगा।
एसपी सिटी ने उचित कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले को लेकर एसपी सिटी निमिष पाटिल का बयान सामने आया है। उनके अनुसार, पूरे प्रकरण और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के बयान के बाद अब जांच के निष्कर्ष का इंतजार है। फिलहाल किसी भी पक्ष के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं माना जा सकता। संबंधित साक्ष्यों और बयानों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
रोटी के विवाद ने खड़े किए कई सवाल
गोरखपुर के इस मामले में विवाद की शुरुआत रोटी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत से होने का आरोप है, लेकिन बाद में मामला कथित धमकी और गाली-गलौज तक पहुंचने की बात कही गई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदार व्यवहार और अधिकारों के इस्तेमाल से जुड़े सवाल उठेंगे।
वहीं, जांच के दौरान जिन आरोपों की पुष्टि नहीं होती है, उन्हें भी तथ्यात्मक रूप से स्पष्ट करना जरूरी होगा। किसी भी विवाद में कानून के दायरे में कार्रवाई और दोनों पक्षों की बात सुनना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल शाहपुर थाना क्षेत्र के इस मामले में रेस्टोरेंट संचालक की तहरीर, सीसीटीवी फुटेज और पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार है। पुलिस ने दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्टर:
कमलेश कुमार चौधरी













