सीतापुर

सीतापुर सांस्कृतिक महोत्सव में गीत-संगीत और नृत्य की धूम, प्रभाकर तिवारी की आवाज़ पर झूम उठी जनता

सुनील शुक्ला की रिपोर्ट

सीतापुर। शहर में आयोजित भव्य सीतापुर सांस्कृतिक महोत्सव में रविवार की शाम कला, संगीत और मनोरंजन का ऐसा रंग बिखरा कि पूरा पंडाल तालियों और उत्साह से गूंज उठा। देश-दुनिया में अपनी गायकी के लिए पहचान रखने वाले प्रसिद्ध गायक प्रभाकर तिवारी ने अपनी मधुर आवाज़ और शानदार प्रस्तुति से कार्यक्रम में मौजूद हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके मंच पर आते ही दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और जैसे-जैसे गीतों की प्रस्तुति आगे बढ़ती गई, पूरा माहौल संगीतमय होता चला गया।

प्रभाकर तिवारी द्वारा प्रस्तुत किया गया लोकप्रिय गीत “मैं निकला गड्डी ले के” लोगों के सिर चढ़कर बोला। इस गीत पर युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी झूमते और थिरकते नजर आए। सांस्कृतिक मंच के सामने मौजूद दर्शकों की भीड़ देर रात तक गीतों का आनंद उठाती रही। इसके अलावा उन्होंने “ऐ मेरे हमसफर” जैसे सदाबहार गीतों की प्रस्तुति देकर लोगों को भावुक भी कर दिया। उनकी गायकी ने कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।

रीतेश कुमार गुप्ता की प्रस्तुति ने बांधा समा

कार्यक्रम के दौरान आयुष बूंदी भंडार के संचालक रीतेश कुमार गुप्ता ने भी अपनी गायकी का जलवा बिखेरा। उन्होंने मशहूर गीत “जिंदगी इम्तिहान लेती है” की प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी भावपूर्ण आवाज़ और मंच पर आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में अलग ही रंग जमा दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

रीतेश कुमार गुप्ता की प्रस्तुति को लेकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं को इस तरह के मंच मिलने चाहिए ताकि वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें। सांस्कृतिक महोत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सीतापुर में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

स्थानीय कलाकारों और बच्चों ने दिखाई प्रतिभा

सांस्कृतिक महोत्सव में केवल बड़े कलाकारों ने ही नहीं बल्कि स्थानीय युवा कलाकारों और बच्चों ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। शुभम गौतम और विनोद राठौड़ ने अपने गीतों के माध्यम से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। दोनों कलाकारों की प्रस्तुतियों को लोगों ने खूब सराहा।

इसके साथ ही अंजलि, इस्मा बानो, पिंकी, सान्या, स्वरा, गर्व, निमय और नितिन सहित कई बच्चों ने मंच पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुति देखकर दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। रंग-बिरंगी वेशभूषा, आकर्षक संगीत और आत्मविश्वास से भरे प्रदर्शन ने कार्यक्रम को बेहद खास बना दिया।

कार्यक्रम में शामिल अभिभावकों ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बच्चों ने बॉलीवुड, लोकगीत और देशभक्ति गीतों पर शानदार डांस प्रस्तुत कर लोगों का दिल जीत लिया।

कलाकारों को दिए जाएंगे प्रमाण पत्र

महोत्सव के आयोजक गिरीश मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि सांस्कृतिक मंच पर प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकारों और बच्चों को सोमवार से प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना भी है।

उन्होंने बताया कि महोत्सव में हर वर्ग और हर उम्र के लोगों को मंच प्रदान किया जा रहा है ताकि लोग अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा।

सोलर पैनल लगाने वाले बच्चों को मिलेगी विशेष छूट

सांस्कृतिक मंच की सजावट और कार्यक्रम प्रबंधन संभाल रहे संदीप इवेंट्स और ए एम मीडिया एंड इवेंट्स की ओर से भी मंच से विशेष घोषणा की गई। आयोजकों ने बताया कि जो बच्चे सांस्कृतिक मंच पर प्रस्तुति दे रहे हैं और यदि उनके परिवार अपने घरों में सोलर पैनल लगवाते हैं तो RUDRAXN Solar Energy Solution Private Limited की ओर से उन्हें विशेष छूट और आकर्षक उपहार दिए जाएंगे।

इस घोषणा के बाद लोगों में पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को लेकर भी उत्सुकता दिखाई दी। आयोजकों ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देना भी उनका उद्देश्य है।

शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों ने भी बढ़ाया सहयोग

कार्यक्रम में सामाजिक संस्थाओं और शिक्षण संस्थानों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सिटी लाइफ हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, लखनऊ की ओर से बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाने की घोषणा की गई। वहीं श्रीकृष्णा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, नैपालपुर सीतापुर द्वारा मंच पर प्रस्तुति देने वाले बच्चों को प्रवेश लेने पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई।

इस पहल को लेकर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने आयोजकों की सराहना की। लोगों का कहना था कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में शिक्षा, कला और सामाजिक जागरूकता के प्रति रुचि बढ़ती है।

मेले में झूलों और बाजार का लोगों ने उठाया आनंद

सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ मेले में लगे मनोरंजन साधनों और बाजारों में भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। बच्चों और युवाओं ने रशियन जलपरी, टावर झूला और रेंजर झूले का जमकर आनंद उठाया। देर रात तक झूलों के आसपास लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं।

मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। खाने-पीने के स्टॉलों पर भी भीड़ उमड़ती रही जहां लोगों ने अलग-अलग व्यंजनों का स्वाद लिया। चाट, फास्ट फूड, मिठाइयों और पारंपरिक व्यंजनों की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ नजर आई।

सभी के लिए खुला है सांस्कृतिक मंच

सांस्कृतिक मंच संयोजक अतुल कृष्ण पांडेय, संदीप अग्निहोत्री और अलीशा मेराज खान ने संयुक्त रूप से बताया कि यह मंच पूरी तरह से सभी लोगों के लिए खुला है। कोई भी व्यक्ति अपना नाम दर्ज कराकर मंच पर अपनी प्रस्तुति दे सकता है।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सीतापुर की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच देना है। आयोजकों ने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करें।

गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में अतुल कृष्ण अवस्थी, एकर्ष अवस्थी, धर्मेंद्र मिश्र, प्रधान जी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने कलाकारों और बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए आयोजन को सफल बताया।

सीतापुर सांस्कृतिक महोत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि कला, संगीत और संस्कृति लोगों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। महोत्सव में उमड़ी भीड़ और लोगों के उत्साह ने यह संकेत दिया कि आने वाले दिनों में यह आयोजन और भी भव्य रूप ले सकता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button