हरदोई

एकतरफा जुनून बना हैवानियत, शादी से इनकार पर सनकी युवक की दरिंदगी, किशोरी को पेड़ से बांधकर किया अमानवीय अत्याचार

एकतरफा जुनून बना हैवानियत, पीड़िता बोली- “भाई कहती रही, लेकिन वह नहीं माना”

अनुराग गुप्ता की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक भयावह घटना सामने आई है। एकतरफा प्यार में पागल युवक ने 17 वर्षीय किशोरी के साथ ऐसी दरिंदगी की, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। शादी से इनकार करने पर आरोपी ने पहले किशोरी का अपहरण किया, फिर उसे सुनसान जगह पर पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा और उसके शरीर को गंभीर रूप से क्षत-विक्षत कर दिया।

घटना के बाद घायल किशोरी पूरी रात दर्द से तड़पती रही और उसकी मां न्याय के लिए पुलिस चौकियों और थाने के चक्कर लगाती रही। परिवार का आरोप है कि शुरुआती स्तर पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और केवल मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था दोनों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

शादी समारोह से लौट रही किशोरी को रास्ते में दबोचा

यह सनसनीखेज मामला हरदोई जिले के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र का है। पीड़िता गांव की रहने वाली है, लेकिन दिल्ली में अपनी बड़ी बहन के साथ रहकर बैग बनाने का काम करती है। वह अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 3 मई को गांव आई थी।

पीड़िता के अनुसार, 11 मई की रात परिवार में तेल पूजन का कार्यक्रम चल रहा था। पूरा परिवार घर से कुछ दूरी पर स्थित चाचा के घर में मौजूद था। देर रात उसकी मां ने उसे घर जाकर हालात देखने के लिए भेजा। रात करीब 11:15 बजे जब वह अकेली घर की ओर जा रही थी, तभी गांव के ही रहने वाले अतुल नाम के युवक ने रास्ते में उसे पकड़ लिया। किशोरी ने बताया कि आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और जबरन उसे गांव के बाहर सुनसान इलाके की तरफ ले गया।

पेड़ से बांधकर शादी का दबाव बनाता रहा आरोपी

पीड़िता के मुताबिक आरोपी उसे जंगल जैसे सुनसान स्थान पर ले गया और एक पेड़ से बांध दिया। वहां वह लगातार उससे शादी करने का दबाव बनाता रहा। आरोपी बार-बार पूछ रहा था कि वह उससे शादी करेगी या नहीं।

किशोरी ने बताया कि उसने आरोपी को समझाने की कोशिश की कि दोनों रिश्तेदारी में भाई-बहन लगते हैं और वह उसे भाई कहती है। लेकिन यह बात सुनकर आरोपी और अधिक आक्रामक हो गया।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने पहले उसे लात-घूसों से बेरहमी से पीटा। वह लगातार धमकी देता रहा और जब उसने शादी से साफ इनकार कर दिया, तब उसने उसके शरीर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया। दर्द और खून बहने की वजह से किशोरी बेहोश हो गई।

होश आया तो आरोपी फरार था

किशोरी ने बताया कि जब उसे होश आया तो आरोपी वहां से भाग चुका था। वह किसी तरह खुद को रस्सी से छुड़ाकर दर्द से कराहते हुए घर पहुंची। परिवार वालों को पूरी घटना बताई तो घर में चीख-पुकार मच गई।

परिजन तुरंत उसे लेकर पुलिस चौकी पहुंचे, लेकिन परिवार का आरोप है कि वहां किसी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद वे दूसरी चौकी भी गए, लेकिन वहां भी मदद नहीं मिली।

हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंची पीड़िता

परिवार के मुताबिक, लगातार खून बहने और दर्द बढ़ने के कारण किशोरी की हालत खराब होती जा रही थी। इसके बाद उसकी मां उसे लेकर बेनीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। वहां डॉक्टरों ने इसे गंभीर पुलिस मामला बताते हुए थाने को सूचना दी।

पीड़िता की मां का आरोप है कि अस्पताल में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने खुद प्रार्थना पत्र लिखा और मामले को केवल मारपीट तक सीमित कर दिया। उनका कहना है कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं, इसलिए पुलिस ने उनकी बातों को सही तरीके से दर्ज नहीं किया।

मां बोली- “बेटी की जिंदगी तबाह हो गई”

पीड़िता की मां ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी की जिंदगी बर्बाद हो गई, लेकिन पुलिस ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि कई दिन गुजर जाने के बाद भी आरोपी के खिलाफ वैसी कार्रवाई नहीं हुई, जैसी इतनी गंभीर घटना में होनी चाहिए थी।

मां ने बताया कि आरोपी लंबे समय से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। वह रास्ते में रोककर बात करने की कोशिश करता था और शादी के लिए दबाव बनाता था।

पहले भी करता था पीछा और छेड़छाड़

पीड़िता ने बताया कि आरोपी कई दिनों से उसका पीछा कर रहा था। वह राह चलते छींटाकशी करता था और कई बार रास्ता रोककर शादी के लिए दबाव बना चुका था। परिवार सामाजिक बदनामी के डर से पहले खुलकर शिकायत नहीं कर पाया, लेकिन आरोपी की हरकतें लगातार बढ़ती जा रही थीं। गांव के लोगों का भी कहना है कि आरोपी का व्यवहार पहले से ही आक्रामक था और वह अक्सर लड़की के आसपास घूमता दिखाई देता था।

दिल्ली में मजदूरी कर परिवार चला रही थी किशोरी

पीड़िता पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर है। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि दो छोटे भाई अभी नाबालिग हैं। आर्थिक तंगी के कारण किशोरी दिल्ली में रहकर बैग बनाने का काम करती थी और परिवार की मदद करती थी। इस घटना के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

गांव में डीजे चलाता है आरोपी

ग्रामीणों के अनुसार आरोपी अतुल गांव में “अतुल डीजे” के नाम से डीजे का काम करता है। उसके पिता की भी मौत हो चुकी है। वह अपने परिवार का इकलौता बेटा है और उसकी चार छोटी बहनें हैं। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है। लोग आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी मानसिकता समाज के लिए बेहद खतरनाक है।

पुलिस ने कहा- आरोपी हिरासत में, पूछताछ जारी

बेनीगंज कोतवाली प्रभारी सतीश चंद्र ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। हालांकि, परिवार का आरोप है कि अगर शुरुआती स्तर पर पुलिस ने तत्परता दिखाई होती, तो आरोपी को पहले ही रोका जा सकता था।

समाज के सामने खड़ा हुआ बड़ा सवाल

हरदोई की यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती विकृत मानसिकता का भयावह उदाहरण भी है। एकतरफा प्रेम, अस्वीकृति को स्वीकार न कर पाने की सोच और महिलाओं को अपनी “मल्कियत” समझने वाली मानसिकता अब खतरनाक रूप लेती जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि छेड़छाड़, पीछा करने और जबरन दबाव बनाने जैसी घटनाओं को शुरुआती स्तर पर ही गंभीरता से लेना जरूरी है। अगर ऐसे मामलों में समय रहते सख्ती न हो, तो यही मानसिकता आगे चलकर भयावह अपराधों में बदल जाती है।

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