16 अक्टूबर 2026 6:34 अपराह्न

खड़ी धान की फसल पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन से हटाया गया अवैध कब्जा

सरकारी भूमि पर खड़ी धान की फसल हटाते बुलडोजर और रिपोर्टर इरफान अली लारी

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इरफान अली लारी की रिपोर्ट

देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और जबरन खेती किए जाने के आरोपों के बीच प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शिकायत की जांच के बाद प्रशासनिक टीम ने सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान सरकारी भूमि पर खड़ी धान की फसल को बुलडोजर चलाकर हटाया गया। कार्रवाई के बाद सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का दावा किया गया है।

मामला रामेश्वर तिवारी की मौत के बाद सामने आया था। उनके परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया था कि गांव में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर उस पर खेती की जा रही है। परिजनों ने प्रशासन से मामले की जांच कर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की और इसके बाद कार्रवाई की गई।

शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन

भीखम छपरा गांव में सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। रामेश्वर तिवारी की मौत के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया। परिजनों का कहना था कि सरकारी भूमि पर कथित तौर पर कब्जा कर खेती की जा रही है और इस संबंध में प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई थी।

शिकायत मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की गई। जांच के दौरान सरकारी भूमि पर खेती किए जाने की स्थिति सामने आने के बाद उसे कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की गई। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर मौके पर पहुंचा और सरकारी भूमि पर खड़ी धान की फसल को हटाया गया।

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अनधिकृत कब्जा प्रशासन स्वीकार नहीं करेगा।

खड़ी धान की फसल पर चला बुलडोजर

प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सबसे अधिक चर्चा उस समय हुई, जब सरकारी भूमि पर खड़ी धान की फसल को बुलडोजर से नष्ट कराया गया। खेत में तैयार हो रही फसल को हटाने की कार्रवाई प्रशासन की निगरानी में की गई। इसके साथ ही भूमि को कथित अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया।

धान की खड़ी फसल को हटाने की तस्वीर और कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद गांव में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीणों के बीच यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ खड़ी फसल पर बुलडोजर चलाए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि, प्रशासन की ओर से कार्रवाई को सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।

रामेश्वर तिवारी की मौत के बाद गरमाया मामला

भीखम छपरा गांव का यह मामला रामेश्वर तिवारी की मौत के बाद खास तौर पर सामने आया। उनके परिजनों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और उस पर जबरन खेती किए जाने का आरोप लगाया था। परिवार की ओर से प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई थी।

परिजनों की शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। सरकारी भूमि से संबंधित शिकायतों में राजस्व अभिलेख और मौके की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जांच के बाद जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की गई।

मामले को लेकर गांव में पहले से ही चर्चा का माहौल था। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब यह मुद्दा एक बार फिर ग्रामीणों के बीच चर्चा में आ गया है।

सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ प्रशासन सख्त

सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें प्रशासन के लिए हमेशा संवेदनशील विषय रही हैं। सरकारी जमीन का इस्तेमाल निजी कब्जे या खेती के लिए किए जाने पर प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करता है। भीखम छपरा में हुई कार्रवाई को भी इसी प्रक्रिया से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जहां भी सरकारी भूमि पर अनधिकृत कब्जे की शिकायत मिलेगी, वहां जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासन की नजर अब ऐसे अन्य मामलों पर भी रहने की संभावना है, जहां सरकारी भूमि पर लंबे समय से कब्जे या निजी उपयोग की शिकायतें सामने आती रही हैं।

गांव में कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज

सरकारी भूमि पर खड़ी धान की फसल को बुलडोजर से हटाए जाने के बाद भीखम छपरा गांव में चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीण इस कार्रवाई को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाना जरूरी है, जबकि खड़ी फसल नष्ट किए जाने को लेकर भी स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है।

फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई के बाद भूमि को कब्जामुक्त कराने का दावा किया गया है। इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई शिकायत, जांच और राजस्व अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार किए जाने की बात कही जा रही है।

अवैध कब्जे पर कार्रवाई का संदेश

भीखम छपरा में हुई कार्रवाई ने सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर प्रशासन की सख्ती का संदेश दिया है। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति पर किसी व्यक्ति को मनमाने तरीके से कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। शिकायत मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

रामेश्वर तिवारी की मौत के बाद शुरू हुआ यह मामला अब सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई तक पहुंच गया है। खेत में खड़ी धान की फसल हटाए जाने के बाद गांव में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन की ओर से आगे इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और सरकारी भूमि से जुड़े अन्य मामलों में भी क्या इसी तरह कार्रवाई होती है।

भीखम छपरा में हुई कार्रवाई फिलहाल इस बात को रेखांकित करती है कि सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे की शिकायतों को लेकर प्रशासन अब कार्रवाई के स्तर पर पहुंच रहा है। प्रशासन ने भी साफ संकेत दिया है कि सरकारी भूमि पर अनधिकृत कब्जे को लेकर नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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