देवरिया

सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र में 83 स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने को मिली मंजूरी, सांसद रमाशंकर राजभर के प्रस्ताव पर बड़ी सौगात

बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, उपभोक्ताओं को मिलेगी ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज से राहत

रिपोर्ट: इरफान अली लारी

देवरिया। सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र के हजारों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग, ट्रांसफॉर्मरों पर बढ़ते भार और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 83 स्थानों पर बिजली ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि एवं अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई है। यह मंजूरी सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर प्रदान की गई है।

इस निर्णय के बाद क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पहले की अपेक्षा अधिक मजबूत होगी। लंबे समय से ओवरलोड ट्रांसफॉर्मरों के कारण बार-बार फॉल्ट, कम वोल्टेज और बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे उपभोक्ताओं को अब काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए लिया गया निर्णय

सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान घरेलू, व्यावसायिक और कृषि बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। इसके चलते कई स्थानों पर स्थापित ट्रांसफॉर्मर अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक लोड वहन कर रहे थे। परिणामस्वरूप बार-बार ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फ्यूज उड़ने, लो-वोल्टेज और अनियमित बिजली आपूर्ति जैसी समस्याएं आम हो गई थीं।

इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सांसद रमाशंकर राजभर ने संबंधित विभाग को विस्तृत प्रस्ताव भेजा था। विभाग द्वारा तकनीकी परीक्षण और आवश्यकता के आकलन के बाद 83 स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाने की मंजूरी प्रदान कर दी गई।

250 केवीए से 400 केवीए तक बढ़ेगी क्षमता

स्वीकृत योजना के अंतर्गत कई प्रमुख स्थानों पर 250 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मरों को बढ़ाकर 400 केवीए किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से सलेमपुर नगर, नेहरू पार्क, सोहनाग रोड, हरैया, मथुरा आरा मशीन, हरैया ईदगाह मस्जिद, औरंगाबाद तथा मझौलीराज सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं।

इन स्थानों पर बिजली की अधिक खपत होने के कारण लंबे समय से क्षमता वृद्धि की मांग की जा रही थी।

100 केवीए से 250 केवीए तक भी होगी क्षमता वृद्धि

योजना के अंतर्गत कई अन्य स्थानों पर 100 केवीए ट्रांसफॉर्मरों को बढ़ाकर 250 केवीए किया जाएगा। इनमें भीमपुर, पिपरा नाजिर, सलेमपुर स्टेशन रोड, भरौली, कौड़ियां, जयरामपुरा, दाखिला, अतरौली, बक्षऊर, टेकनपुरा, रक्सा और बड़हरा सहित अनेक गांव शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में क्षमता वृद्धि से बिजली आपूर्ति अधिक सुचारु होने की संभावना जताई जा रही है।

63 केवीए से 100 केवीए तक भी मिलेगा लाभ

कई ग्रामीण इलाकों में 63 केवीए ट्रांसफॉर्मरों को बढ़ाकर 100 केवीए किया जाएगा। इनमें डुमवलिया, नदौली, रजडीहा, महुवां, पांडेय पुरैना, पुरैनी, पिपरा भानमती, दुबौली, हरैया पेट्रोल पंप, सलेमपुर मझौली मोड़, मलकौली, सहजौर, लार टाउन, तेतरी और मुरासो सहित अनेक स्थान शामिल हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते घरेलू कनेक्शनों और सिंचाई कार्यों के कारण इन स्थानों पर अतिरिक्त क्षमता की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

25 केवीए से 63 केवीए और 10 केवीए से 25 केवीए तक भी होगी वृद्धि

योजना के तहत कई छोटे गांवों और टोला क्षेत्रों में भी ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। सोनहुआ, चोरडीहा, हरैया, लार बाईपास, भरौली, गौरी, लार बिरनी चौराहा और नेमा सहित अनेक स्थानों पर 25 केवीए से 63 केवीए तक क्षमता वृद्धि की स्वीकृति मिली है।

इसी प्रकार अजना, रुचापार, बरसीपार, महादेव टोला, कस्बा सलेमपुर, उरदौली, चकिया, कुंडौली मंदिर और पटना डुमरी सहित कई क्षेत्रों में 10 केवीए ट्रांसफॉर्मरों को बढ़ाकर 25 केवीए किया जाएगा।

सांसद बोले— गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना प्राथमिकता

सलेमपुर के सांसद रमाशंकर राजभर ने कहा कि क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक को निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता कम होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही थी, वहां की वास्तविक स्थिति का आकलन कर विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था।

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद अब संबंधित क्षेत्रों में शीघ्र ही क्षमता वृद्धि का कार्य कराया जाएगा, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी और बिजली व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

लो-वोल्टेज और बार-बार फॉल्ट की समस्या होगी कम

सांसद के मीडिया प्रभारी मंजूर आलम ने बताया कि स्वीकृत योजना लागू होने के बाद क्षेत्र के उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रांसफॉर्मर खराब होने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई क्षमता के कारण भविष्य में बढ़ने वाली बिजली की मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

क्षेत्र के विकास में बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि केवल बिजली आपूर्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे स्थानीय व्यापार, छोटे उद्योग, कृषि कार्य और घरेलू जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। बेहतर बिजली व्यवस्था से उपभोक्ताओं का समय और धन दोनों बचेंगे तथा विद्युत विभाग पर भी बार-बार मरम्मत का दबाव कम होगा।

सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 83 स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि की स्वीकृति को क्षेत्र की आधारभूत विद्युत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में हजारों उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।

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