गोंडा से सीएम योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला : ‘अब अयोध्या में रामद्रोहियों की नहीं, रामभक्तों की पहचान’, विकास और सुरक्षा पर गिनाईं उपलब्धियां
चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा जिले में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कानून-व्यवस्था, धार्मिक आस्था, विकास और सुशासन को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश में भगवान राम का नाम लेना भी आसान नहीं था, लेकिन आज अयोध्या विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति, आस्था और विकास का नया प्रतीक बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में सुरक्षा, निवेश, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में जो परिवर्तन देखा है, वह देश के सामने एक मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में कानून का राज है और विकास की धारा अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है।
अयोध्या का बदला स्वरूप बना नई पहचान
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले ऐसी परिस्थितियां थीं जब भगवान राम का नाम लेने वालों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। रामभक्तों के लिए अयोध्या जाना भी चुनौतीपूर्ण माना जाता था, लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।
उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या केवल धार्मिक नगरी ही नहीं रही, बल्कि यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण और आधुनिक विकास का प्रतीक बन गई है। चौड़ी सड़कें, अत्याधुनिक सुविधाएं, बेहतर यातायात व्यवस्था और विश्वस्तरीय पर्यटन ढांचा अयोध्या को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर गौरव की अनुभूति करते हैं। यह परिवर्तन केवल भवनों और सड़कों का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और सम्मान से जुड़ा हुआ है।
पूर्व सरकारों पर साधा निशाना
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि गोंडा जैसे संभावनाओं से भरपूर जिले का विकास लंबे समय तक राजनीतिक तुष्टिकरण और भाई-भतीजावाद की राजनीति की भेंट चढ़ता रहा। उन्होंने कहा कि सरयू नदी की कृपा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के बावजूद यह क्षेत्र अपेक्षित विकास से वंचित रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दौर ऐसा था जब गोंडा के युवाओं को अपनी पहचान को लेकर असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था। बाहर के राज्यों में लोग जिले का नाम सुनकर अलग नजरिए से देखते थे, लेकिन आज उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। अब प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता के बल पर नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने विकास को जाति, वर्ग और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठाकर जनकल्याण का माध्यम बनाया है। यही कारण है कि आज गांव से लेकर शहर तक विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है।
कानून-व्यवस्था में सुधार को बताया सबसे बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक थी। त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के समय तनाव और विवाद की घटनाएं आम बात थीं। कई बार छोटी घटनाएं बड़े उपद्रव का रूप ले लेती थीं, जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित होता था।
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा, मूर्ति विसर्जन और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भी अनावश्यक विवाद खड़े किए जाते थे। उस समय सत्ता में बैठे लोग उपद्रव फैलाने वालों के सामने कठोर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण देते थे, जिसके कारण समाज में भय और असुरक्षा का वातावरण बना रहता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज प्रदेश में कानून का शासन स्थापित हुआ है। अपराधियों और दंगाइयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में शांति और सामाजिक सौहार्द का वातावरण मजबूत हुआ है।
पर्व-त्योहारों में व्यवधान डालने वालों को चेतावनी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की संस्कृति उत्सवों और परंपराओं की संस्कृति है। यहां सभी समुदाय अपने-अपने त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार किसी भी व्यक्ति या समूह को सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की अनुमति नहीं देगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई व्यक्ति त्योहारों के माहौल में व्यवधान उत्पन्न करने या शांति भंग करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी को भी अराजकता फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब ऐसा माहौल तैयार हो चुका है जहां आम नागरिक स्वयं को सुरक्षित महसूस करता है और धार्मिक आयोजन बिना किसी भय के संपन्न होते हैं।
राम मंदिर निर्माण को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर का उल्लेख करते हुए इसे भारतीय इतिहास की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सदियों से करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा यह सपना अब साकार हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच सौ वर्षों तक जिस कार्य की प्रतीक्षा देश करता रहा, वह अब पूर्ण हो चुका है। राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटन, रोजगार और निवेश की नई संभावनाएं विकसित हुई हैं, जिसका लाभ पूरे प्रदेश को मिल रहा है।
सुरक्षा और विकास का गहरा संबंध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जहां असुरक्षा का वातावरण होता है, वहां निवेशक आने से बचते हैं। उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर तभी बढ़ते हैं जब समाज में शांति और स्थिरता हो।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत कर निवेशकों का विश्वास जीता है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश आज देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल हो चुका है। बड़े उद्योग समूह प्रदेश में निवेश कर रहे हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। जब बहन-बेटियां सुरक्षित महसूस करती हैं, जब व्यापारियों को भय नहीं रहता और जब आम नागरिक कानून पर भरोसा करता है, तभी प्रदेश तेजी से आगे बढ़ता है।
गोंडा के विकास को मिली नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के प्रत्येक जिले का संतुलित विकास है। गोंडा में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों को दशकों तक उपेक्षित रखा गया, वहां अब विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों के जीवन स्तर में सुधार देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने जनता से विकास कार्यों में सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
गोंडा की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूरा भाषण विकास, सुरक्षा, धार्मिक आस्था और सुशासन के मुद्दों पर केंद्रित रहा। उन्होंने जहां एक ओर अयोध्या के बदलते स्वरूप और राम मंदिर निर्माण को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर अपनी सरकार की नीतियों का विस्तार से उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि मजबूत कानून-व्यवस्था, सांस्कृतिक गौरव और विकासोन्मुख प्रशासन ही उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन चुका है।








