गोंडा

बिजली विभाग की समीक्षा बैठक : लापरवाही पर सख्त हुईं एमडी रिया केजरीवाल, 5 उपखंड अधिकारियों पर चार्जशीट के निर्देश

चुन्नीलाल प्रधान की रिपोर्ट

गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बिजली व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल ने अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जहां विभाग की कुछ उपलब्धियों की सराहना की गई, वहीं कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख भी अपनाया गया। समीक्षा में राजस्व वसूली, विद्युत आपूर्ति, सौभाग्य योजना, ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि और विद्युत चोरी रोकने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

गुरुवार को मनकापुर स्थित आईटीआई गेस्ट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में एमडी रिया केजरीवाल ने जिले की विद्युत व्यवस्था का बारीकी से मूल्यांकन किया। बैठक में निदेशक (तकनीकी) इंजीनियर हरीश बंसल, निदेशक (वाणिज्य) इंजीनियर रजत जुनेजा सहित निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया और मौके पर ही कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

सौभाग्य योजना और विद्युत आपूर्ति पर विशेष फोकस

बैठक में सौभाग्य योजना फेस-3 के तहत चयनित मजरों में चल रहे विद्युतीकरण कार्यों की समीक्षा की गई। एमडी ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी पात्र परिवार बिजली कनेक्शन से वंचित न रहे। उन्होंने मई 2026 में आए आंधी-तूफान के कारण क्षतिग्रस्त हुई विद्युत लाइनों की मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्यों की भी जानकारी ली।

रिया केजरीवाल ने अधिकारियों से पूछा कि प्राकृतिक आपदाओं के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य करने में कितना समय लगा और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए क्या तैयारी की गई है। उन्होंने उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

नए कनेक्शन और राजस्व वसूली की हुई समीक्षा

बैठक में नए विद्युत संयोजनों के वितरण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। एमडी ने निर्देश दिए कि नए कनेक्शन निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी किए जाएं ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में वसूली में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। इस उपलब्धि पर प्रबंध निदेशक ने संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेहतर राजस्व वसूली से विभाग की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। हालांकि उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि राजस्व वृद्धि की यह रफ्तार आगे भी बनी रहनी चाहिए और बकायेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखी जाए।

ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि में देरी पर जताई नाराजगी

समीक्षा बैठक के दौरान बिजनेस प्लान के तहत चल रहे वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और सुरक्षा उपकरणों से जुड़े कार्यों की प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं पाई गई। इस पर एमडी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने अधिशासी अभियंता मनकापुर इंजीनियर कमर फारूक तथा अधिशासी अभियंता नवाबगंज इंजीनियर राम शब्द को चेतावनी जारी करते हुए निर्देश दिया कि 15 दिनों के भीतर सभी लंबित कार्य पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पांच उपखंड अधिकारियों पर चार्जशीट की कार्रवाई

बैठक के दौरान कई क्षेत्रों में कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर एमडी ने सख्त रुख अपनाया। विभागीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर पांच उपखंड अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी करने के निर्देश दिए गए। जिन अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए उनमें—

  • उपखंड अधिकारी मनकापुर इंजीनियर अंसल कुमार
  • उपखंड अधिकारी गौरा चौकी इंजीनियर अमित कुमार
  • उपखंड अधिकारी नवाबगंज इंजीनियर पीयूष सिंह
  • उपखंड अधिकारी तरबगंज इंजीनियर मुकेश कुमार
  • उपखंड अधिकारी वजीरगंज इंजीनियर विकास यादव

शामिल हैं। एमडी ने कहा कि उपभोक्ता सेवाओं और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जवाबदेही तय करने के लिए आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर भी फटकार

बैठक में दो अन्य अधिकारियों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी। उपखंड अधिकारी कटरा बाजार इंजीनियर कैलाश यादव और धानेपुर के उपखंड अधिकारी इंजीनियर शेषमणि त्रिपाठी बैठक में अनुपस्थित पाए गए।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि दोनों अधिकारी बिना अवकाश स्वीकृत कराए मुख्यालय से बाहर थे। इस पर एमडी ने गहरी नाराजगी जताई और उनके खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठकों में अनुपस्थिति और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

उपभोक्ता हित सर्वोपरि, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

बैठक के अंत में रिया केजरीवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युत आपूर्ति, ट्रांसफार्मर रखरखाव, बिलिंग व्यवस्था और उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम जनता को बेहतर और निर्बाध बिजली सेवा मिले तथा विभाग की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने विद्युत चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने, राजस्व वसूली में सुधार लाने और तकनीकी हानियों को कम करने के लिए ठोस रणनीति अपनाने पर भी जोर दिया।

बैठक में मुख्य अभियंता वितरण देवीपाटन क्षेत्र गोंडा इंजीनियर यदुनाथ यथार्थ, अधीक्षण अभियंता इंजीनियर सुशील कुमार, अधिशासी अभियंता इंजीनियर राम मोहन पांडे, इंजीनियर रणवीर सिंह समेत जिले के सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। बिजली विभाग की इस समीक्षा बैठक ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। इससे जिले की विद्युत व्यवस्था में सुधार और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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